क्या सीएम विष्णु देव साय ने माओवाद मुक्त छत्तीसगढ़ का संकल्प लिया है?
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बिलासपुर, 26 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। छत्तीसगढ़ में 77वां गणतंत्र दिवस विशाल उत्साह और धूमधाम के साथ मनाया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर में राष्ट्रीय ध्वज फहराया और सुरक्षा की उपलब्धियों पर जोर दिया।
सीएम साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने लगातार चल रही ऑपरेशनों और पुनर्वास कार्यक्रमों के जरिए माओवाद को काफी हद तक समाप्त कर राज्य की गरिमा वापस हासिल कर ली है। उन्होंने आश्वासन दिया कि केंद्र सरकार के राष्ट्रीय लक्ष्य के अनुसार मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ पूरी तरह माओवाद मुक्त हो जाएगा।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों के चेहरों पर दिख रही खुशी एक मजबूत संदेश है, जो दर्शाता है कि राज्य अब शांति और समावेशी विकास की दिशा में अग्रसर है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ समाज 'सबका साथ, सबका विकास' के सिद्धांत पर काम करता है, ताकि विकास हर वर्ग तक पहुंचे, विशेषकर उन दूरदराज और आदिवासी क्षेत्रों में जो लंबे समय से असुरक्षा का सामना कर रहे थे।
हाल ही में हुई नक्सल विरोधी कार्रवाइयों की सफलता के कारण सामान्य जीवन फिर से लौट आया है। अब पहले प्रतिबंधित क्षेत्रों के लोग खुले तौर पर राष्ट्रीय उत्सवों में भाग ले रहे हैं।
बिलासपुर में, सीएम साय ने लोगों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि संविधान हमें न्याय, स्वतंत्रता, समानता और भ्रातृत्व का पाठ पढ़ाता है।
सीएम ने राज्य के गठन के 25 साल पूरे होने पर प्रगति का उल्लेख करते हुए बताया कि शासन और विकास के मामले में छत्तीसगढ़ ने लंबा सफर तय किया है। उन्होंने 'वंदे मातरम' को बढ़ावा देने की भी बात की, जो हाल ही में विधानसभा में हुई चर्चा का हिस्सा थी और जो राष्ट्रीय एकता को मजबूत करता है।
उन्होंने आदिवासी नेता धरती अब बिरसा मुंडा की 125वीं जयंती को भी याद किया। उनका योगदान आज भी आदिवासी समाज को अपने अधिकारों और सम्मान की लड़ाई में प्रेरणा देता है।
रायपुर में लोक भवन में राज्यपाल रामेन डेका ने ध्वजारोहण किया। 32 जिलों में भी विभिन्न स्थानों पर मुख्यमंत्री, मंत्री, सांसद और विधायक मुख्य अतिथि बनकर समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर परेड, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और सामुदायिक आयोजनों के माध्यम से देशभक्ति की भावना को और मजबूती प्रदान की गई।