क्या मध्य प्रदेश में इंदौर जल त्रासदी और मनरेगा में बदलाव पर कांग्रेस ने सरकार को घेरा?

Click to start listening
क्या मध्य प्रदेश में इंदौर जल त्रासदी और मनरेगा में बदलाव पर कांग्रेस ने सरकार को घेरा?

सारांश

कांग्रेस ने मध्य प्रदेश में इंदौर जल त्रासदी और मनरेगा में बदलाव को लेकर भाजपा सरकार की कड़ी आलोचना की है। पार्टी ने कई मांगें उठाई हैं, जिनमें महापौर का निष्कासन और मृतकों के परिवारों को उचित मुआवजा शामिल हैं। क्या यह विरोध प्रदर्शन सरकार को झुकने पर मजबूर करेगा?

Key Takeaways

  • जहरीले पानी के कारण बीस मौतें हुईं।
  • कांग्रेस ने न्याय यात्रा का आयोजन किया।
  • महापौर को हटाने की मांग की गई।
  • मंत्री का इस्तीफा मांगना।
  • मनरेगा के नए अनुपात पर चिंता।

भोपाल, 10 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश कांग्रेस ने शनिवार को भाजपा सरकार की कड़ी आलोचना की। भोपाल स्थित राज्य कांग्रेस कार्यालय के राजीव गांधी सभागार में एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। पूर्व मंत्री पीसी शर्मा, भोपाल नगर जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष प्रवीण सक्सेना और राज्य प्रवक्ता राहुल राज ने मीडिया को संबोधित किया।

प्रवीण सक्सेना ने भागीरथपुरा घटना को 'प्रायोजित हत्याएं' करार दिया। उन्होंने भाजपा सरकार की आपराधिक लापरवाही और प्रशासनिक विफलता को जिम्मेदार ठहराते हुए आरोप लगाया कि जहरीले पानी के कारण बीस लोगों की मौत हो गई और एक हजार से अधिक नागरिक बीमार पड़ गए।

विरोध में मध्य प्रदेश कांग्रेस 11 जनवरी को सुबह 11 बजे राज्य स्तरीय न्याय यात्रा का आयोजन करेगी। सक्सेना ने बताया कि यह यात्रा बड़ा गणपति मंदिर से शुरू होकर इंदौर में मां अहिल्याबाई होलकर की प्रतिमा के पास राजवाड़ा चौक तक जाएगी।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि उनकी मुख्य मांगों में इंदौर के महापौर को तत्काल हटाना, प्रेस में असंवेदनशील बयान देने के लिए मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का इस्तीफा और मृतकों के परिवारों को 2 लाख रुपए के बजाय 1 करोड़ रुपए का मुआवजा देना शामिल है।

कांग्रेस ने मामले की न्यायिक जांच और दोषियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज करने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि पीड़ितों को न्याय मिलने तक संघर्ष सड़कों से लेकर संसद तक जारी रहेगा।

पीसी शर्मा ने सत्ताधारी भाजपा सरकार और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर निशाना साधते हुए कहा कि शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल से मध्य प्रदेश पर पहले से ही 4 लाख करोड़ रुपए का कर्ज है।

उन्होंने कहा कि मनरेगा के व्यय में नया 60:40 अनुपात राज्य पर प्रति वर्ष 5,000 करोड़ रुपए का अतिरिक्त बोझ डालेगा। उन्होंने बताया कि सक्रिय मनरेगा श्रमिकों में से 90.5 प्रतिशत का ई-केवाईसी सत्यापन लंबित है, जो देश में सबसे अधिक है।

कांग्रेस इस कानून का विरोध करती है और मोदी सरकार से इसे तत्काल वापस लेने की मांग करती है। वह मनरेगा बचाओ अभियान को हर पंचायत से लेकर सड़कों तक तेज करेगी।

Point of View

बल्कि कई परिवारों को प्रभावित किया है। कांग्रेस का विरोध इस बात का संकेत है कि राजनीतिक जिम्मेदारी और प्रशासनिक सुधार की आवश्यकता है।
NationPress
11/01/2026

Frequently Asked Questions

कांग्रेस ने सरकार पर किस मुद्दे को लेकर हमला किया?
कांग्रेस ने इंदौर जल त्रासदी और मनरेगा में बदलाव को लेकर भाजपा सरकार की कड़ी आलोचना की है।
कांग्रेस की मुख्य मांगें क्या हैं?
कांग्रेस की मांगों में महापौर का निष्कासन और मृतकों के परिवारों को 1 करोड़ रुपए का मुआवजा देना शामिल है।
Nation Press