क्या राहुल गांधी खुद कांग्रेस को खत्म करने की जिम्मेदारी ले रहे हैं? : दिलीप जायसवाल
सारांश
Key Takeaways
- कांग्रेस में बढ़ते आंतरिक मतभेदों का संकेत।
- राहुल गांधी की नेतृत्व क्षमता पर सवाल।
- कांग्रेस के भविष्य पर चिंताएं।
- भ्रष्टाचार से भरे पुराने रोजगार योजनाओं की आलोचना।
- जेएनयू में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का मुद्दा।
पटना, 8 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बिहार सरकार के मंत्री दिलीप जायसवाल ने दिल्ली में मस्जिद के पास हुई तोड़फोड़, मधुबनी में कांग्रेस से जुड़े विवाद, उत्तर प्रदेश में ड्राफ्ट वोटर लिस्ट का जारी होना, एसआईआर और जेएनयू में नारेबाजी जैसे मुद्दों पर विचार व्यक्त किए। उन्होंने कांग्रेस पार्टी की कार्यशैली, आंतरिक कलह और भविष्य को लेकर भी तीखे बयान दिए।
जायसवाल ने राष्ट्र प्रेस से कहा कि कांग्रेस की रैलियों में लगातार अभद्र भाषा का उपयोग होता रहा है। कई बार प्रधानमंत्री पर भी आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं, जबकि प्रधानमंत्री विश्व के सबसे लोकप्रिय नेताओं में से एक हैं।
जायसवाल के अनुसार, जब भी राहुल गांधी विदेश यात्रा पर होते हैं, कांग्रेस के भीतर प्रियंका गांधी को अलग नेता के रूप में पेश करने की कोशिशें शुरू हो जाती हैं। यह स्पष्ट है कि कांग्रेस के अंदरूनी मतभेद बढ़ते जा रहे हैं और भविष्य में यह पार्टी धीरे-धीरे देश की राजनीति से गायब हो जाएगी।
एसआईआर पर बोलते हुए मंत्री ने कहा कि इसकी शुरुआत सबसे पहले बिहार से हुई थी। इस दौरान राहुल गांधी और तेजस्वी यादव ने यात्राएं निकालकर जनता को गुमराह करने की कोशिश की और चुनाव आयोग की छवि को धूमिल करने का प्रयास किया। इसके बाद कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और अपना पक्ष रखा। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मतदाता सूची से मृत लोगों के नाम हटाए जाएं, डुप्लीकेट नामों को हटाया जाए, विदेश में रह रहे मतदाताओं के नाम हटें और वर्षों से अपने पते पर न रहने वाले ट्रेसलेस वोटरों को सूची से बाहर किया जाए।
कांग्रेस के भविष्य को लेकर दिलीप जायसवाल ने कहा कि पार्टी अब अपने अंतिम दौर में पहुंच चुकी है। जब पाप का घड़ा भर जाता है, तो विनाश निश्चित होता है। कांग्रेस के भीतर अब केवल टूटफूट ही बची है। राहुल गांधी को शायद किस्मत ने ही कांग्रेस को खत्म करने की जिम्मेदारी दी है और वे पूरी मेहनत से पार्टी को देश के राजनीतिक नक्शे से मिटाने में जुटे हैं। इसी कारण अब प्रियंका गांधी को आगे लाने की चर्चा हो रही है, क्योंकि राहुल गांधी पूरी तरह विफल हो चुके हैं।
विकसित भारत गारंटी रोजगार और जीविका मिशन ग्रामीण योजना पर मंत्री जायसवाल ने कहा कि विपक्ष को यह समझना चाहिए कि पुरानी रोजगार योजनाएं भ्रष्टाचार से भरी हुई थीं। नई नीति के तहत अब 100 दिन की जगह 125 दिन का रोजगार सुनिश्चित किया गया है। पहले केवल श्रम आधारित काम होते थे, जिनमें भ्रष्टाचार की संभावना अधिक थी, लेकिन अब ठोस बुनियादी ढांचे का निर्माण किया जाएगा। इस योजना के तहत गरीबों को रोजगार, समय पर मजदूरी और सख्त निगरानी की गारंटी दी गई है।
जेएनयू कैंपस में हुई नारेबाजी पर प्रतिक्रिया देते हुए दिलीप जायसवाल ने कहा कि जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय देश का एक प्रतिष्ठित संस्थान है और इसे राजनीति का अड्डा नहीं बनने दिया जा सकता। कुछ लोग वर्षों से वहां रहकर राष्ट्रविरोधी ताकतों से जुड़े हुए हैं और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर देश के खिलाफ बयान देते हैं। अभिव्यक्ति की आजादी का मतलब देश के खिलाफ बोलने की अनुमति नहीं हो सकती।