कांग्रेस ने महिला आरक्षण बिल रोका तो देश की महिलाएं करेंगी जोरदार विरोध: कौसर जहां
सारांश
Key Takeaways
- महिला आरक्षण बिल पर कांग्रेस का रुख महिलाओं के अधिकारों के लिए एक बड़ी चुनौती है।
- कौसर जहां ने स्पष्ट किया कि महिलाएं इस बिल के खिलाफ विरोध करेंगी।
- पीएम मोदी का नेतृत्व महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा दे रहा है।
- यह बिल भारतीय समाज में एक महत्वपूर्ण सामाजिक बदलाव का प्रतीक है।
- महिलाएं अब अपने अधिकारों के लिए और इंतजार नहीं करेंगी।
नई दिल्ली, 13 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली हज कमेटी की चेयरपर्सन कौसर जहां ने विज्ञान भवन में आयोजित नारी शक्ति वंदन सम्मेलन में पीएम मोदी के संबोधन का समर्थन किया। पीएम मोदी ने सम्मेलन में कहा कि राज्यों की विधानसभाओं से लेकर देश की संसद तक, दशकों की प्रतीक्षा का अंत 16, 17 और 18 अप्रैल है। महिलाओं की भागीदारी हमारे लोकतंत्र को मजबूती देने के लिए 16 अप्रैल से संसद के सत्र की विशेष बैठक का आयोजन किया जाएगा।
राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कौसर जहां ने कहा कि यह आधी आबादी को सम्मान और अधिकार देने का सवाल है। यदि कांग्रेस ने महिला आरक्षण बिल को रोका, तो देश की महिलाओं का विरोध सामने आएगा।
उन्होंने आगे कहा कि महिलाओं के लिए यह सपना बेहद सकारात्मक और प्रभावी है। महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने का यह निर्णय पीएम मोदी के नेतृत्व में वास्तविकता बन रहा है। यह केवल लोकसभा या राज्यों की विधानसभाओं में सीटों की बात नहीं है, बल्कि यह आधी आबादी को सम्मान और अधिकार देने का मामला है। मैं इसे भारतीय इतिहास के सबसे बड़े सामाजिक बदलावों में से एक मानती हूँ। मैं इस निर्णय का स्वागत करती हूँ और पीएम मोदी की नेतृत्व क्षमता की सराहना करती हूँ।
उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के 11 वर्ष के कार्यकाल में महिलाओं की भागीदारी में वृद्धि हुई है। देश के कई महत्वपूर्ण पदों पर महिलाएं हैं और महिला सशक्तीकरण पर विशेष ध्यान दिया गया है। पहले महिलाओं को नजरअंदाज किया जाता था, लेकिन पीएम मोदी की सरकार में उन्हें जिम्मेदारियां दी जा रही हैं।
वहीं, सोनिया गांधी के लेख पर कौसर जहां ने कहा कि यदि सोनिया गांधी या कांग्रेस इस बिल को रोकने का प्रयास करती हैं, तो उन्हें देश की महिलाओं के विरोध का सामना करना पड़ेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि एक बात ध्यान में रखनी चाहिए कि यूपीए की सरकार के दौरान भाजपा ने बिना किसी शर्त के इस बिल का समर्थन किया था। कांग्रेस ने आधा-अधूरा काम करवाकर जश्न मनाना शुरू कर दिया था, लेकिन काम पूरा नहीं किया। पीएम मोदी के नेतृत्व में जब इसे कार्यान्वित किया जा रहा है, तो कांग्रेस इसे एक बार फिर लटकाने की कोशिश कर रही है। मुझे विश्वास है कि वे सफल नहीं होंगे। महिला आरक्षण बिल को लेकर देश की आधी आबादी अब और इंतजार नहीं करने वाली है।