क्या कांग्रेस पार्टी बंगाल में अधिक सीटें जीतने के लिए गंभीरता से प्रयास कर रही है? - मोहम्मद जावेद
सारांश
Key Takeaways
- कांग्रेस पार्टी ने बंगाल में अधिक सीटों पर जीतने के लिए रणनीति तैयार की है।
- बैठक में स्थानीय मुद्दों पर चर्चा की गई।
- मोहम्मद जावेद ने भविष्य के लिए आशा व्यक्त की है।
- कानून-व्यवस्था पर नीतीश कुमार सरकार पर सवाल उठाए गए।
- बांग्लादेश में हिंसा की घटनाओं पर चिंता जताई गई।
नई दिल्ली, 11 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बंगाल कांग्रेस स्क्रीनिंग कमेटी की पहली बैठक रविवार को संपन्न हुई। यह बैठक कमेटी के चेयरमैन बीके हरिप्रसाद के नेतृत्व में आयोजित की गई। इस दौरान पश्चिम बंगाल से जुड़े महत्वपूर्ण राजनीतिक और संगठनात्मक मुद्दों पर गहराई से चर्चा की गई।
इसी संदर्भ में कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेद ने कहा कि पार्टी अधिक सीटों पर विजय प्राप्त करने के लिए गंभीरता से प्रयास कर रही है।
उन्होंने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में बताया कि पार्टी स्थानीय कांग्रेस नेतृत्व और कार्यकर्ताओं के निरंतर संपर्क में है और उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया आरंभ हो चुकी है। उन्होंने कहा कि पार्टी इस बात पर गंभीरता से विचार कर रही है कि अधिक से अधिक सीटों पर जीत कैसे सुनिश्चित की जा सके।
टीएमसी और भाजपा द्वारा कांग्रेस को बंगाल में शून्य सीट मिलने के दावों पर प्रतिक्रिया देते हुए मोहम्मद जावेद ने कहा कि कांग्रेस को अपना भविष्य बताने के लिए किसी अन्य पार्टी या नेतृत्व की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि वहां की जनता खुद तय करेगी कि किसे कितनी सीटें मिलेंगी। पिछली बार कांग्रेस का प्रदर्शन भले ही शून्य रहा हो, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि पार्टी भविष्य में बेहतर प्रदर्शन नहीं कर सकती। उन्होंने कहा कि देश के हर कोने से लोगों को राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व से उम्मीद है और पार्टी को विश्वास है कि आगामी चुनावों में कांग्रेस पहले से बेहतर प्रदर्शन करेगी।
बिहार की कानून-व्यवस्था पर मोहम्मद जावेद ने नीतीश कुमार सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भले ही नीतीश कुमार मुख्यमंत्री हैं, लेकिन उनके हाथ में वास्तविक शक्ति नहीं है। जिस मुख्यमंत्री के पास गृह मंत्रालय नहीं है, उसकी प्रभावशीलता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। उन्होंने आरोप लगाया कि जहां-जहां भाजपा का शासन है, वहां कानून-व्यवस्था पूरी तरह से विफल साबित हुई है और समाज के हित में कार्य नहीं दिखाई दे रहा है। बिहार में भी यही स्थिति देखी जा रही है।
बांग्लादेश में हिंदुओं की हत्याओं के मुद्दे पर कांग्रेस सांसद ने गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने इसे अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस मामले को गंभीरता से लेना चाहिए और बांग्लादेशी सरकार से बातचीत करनी चाहिए। साथ ही उन्होंने भारत में हो रही मॉब लिंचिंग की घटनाओं का भी जिक्र करते हुए कहा कि खासकर मुसलमानों और दलितों को निशाना बनाए जाने की घटनाओं में कमी आनी चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी प्रकार की हिंसा और नफरत की राजनीति लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है और इसे रोकना चाहिए।