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क्या कांग्रेस की रैली में नारे लगने को मुद्दा बनाया गया?

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क्या कांग्रेस की रैली में नारे लगने को मुद्दा बनाया गया?

सारांश

कांग्रेस के प्रवक्ता राकेश सिन्हा ने भाजपा द्वारा माफी की मांग पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि रैली में जनता भी थी और नारेबाजी को मुद्दा बनाना गलत है। जानें क्या है इस विवाद की पूरी कहानी!

मुख्य बातें

रैली में जनता की सहभागिता महत्वपूर्ण होती है।
राजनीतिक मुद्दों को तूल देना अक्सर स्वार्थपूर्ण होता है।
अनुशासन पार्टी की पहचान है।

रांची, 15 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं द्वारा की गई आपत्तिजनक टिप्पणी पर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। भाजपा के नेता माफी की मांग कर रहे हैं, जबकि कांग्रेस के नेता जवाबी कार्रवाई कर रहे हैं।

झारखंड कांग्रेस के प्रवक्ता राकेश सिन्हा ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, "रैली में केवल कांग्रेस के कार्यकर्ता नहीं थे, बल्कि आम जनता भी थी। अगर जनता ने कोई नारा लगाया तो उसके लिए माफी मांगने की मांग करना क्या है?"

सिन्हा ने यह भी पूछा कि क्या केवल प्रधानमंत्री ही संवैधानिक पद पर हैं, या विपक्ष का नेता भी ऐसा है? जब लोकसभा में विपक्ष के नेता के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की जाती है, तो क्या उस पर कोई सवाल नहीं उठता? कांग्रेस की रैली में नारेबाजी को मुद्दा बना दिया गया, लेकिन जब प्रधानमंत्री या केंद्रीय गृह मंत्री कुछ भी कह देते हैं, तो वह बड़ा मुद्दा नहीं बनता।

सपा नेता अबू आजमी के बयान पर उन्होंने कहा कि हर धर्म की अपनी विशेषताएँ होती हैं। इस्लाम धर्म केवल खुदा और अल्लाह को मानता है। सभी अपने-अपने भगवान को याद करते हैं, यही तो भारत की विशेषता है।

भाजपा द्वारा नितिन नबीन को राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने पर उन्होंने कहा कि उन्हें विश्वास है कि वे डॉ. राजेंद्र प्रसाद के पदचिह्नों पर चलते हुए संविधान और लोकतंत्र की रक्षा करेंगे। पिछले 11 वर्षों में लोकतंत्र को कुचला गया है और संवैधानिक संस्थाओं को खत्म किया जा रहा है। ऐसे में उन्हें लोकहित और देशहित में निष्पक्षता से काम करना चाहिए।

कांग्रेस ने सोमवार को पूर्व विधायक मोहम्मद मोकिम को पार्टी से निष्कासित कर दिया। इस पर राकेश सिन्हा ने कहा कि पार्टी में अनुशासन महत्वपूर्ण है। शीर्ष नेतृत्व द्वारा की गई कार्रवाई का मतलब है कि अनुशासनहीनता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि मेसी के इवेंट के दौरान पश्चिम बंगाल में अव्यवस्था देखी गई। पश्चिम बंगाल सरकार से चूक हुई है। दिल्ली

संपादकीय दृष्टिकोण

तो उसमें आम जनता की भागीदारी होती है। ऐसे में नारेबाजी को एक बड़ी मुद्दा बनाना केवल राजनीतिक स्वार्थ हो सकता है।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कांग्रेस प्रवक्ता ने क्या कहा?
राकेश सिन्हा ने कहा कि रैली में केवल कांग्रेस के कार्यकर्ता नहीं थे, बल्कि आम जनता भी थी।
भाजपा ने क्या मांग की?
भाजपा के नेताओं ने कांग्रेस से माफी की मांग की है।
क्या राकेश सिन्हा ने किसी और मुद्दे पर टिप्पणी की?
हाँ, उन्होंने अबू आजमी के बयान और नितिन नबीन की नियुक्ति पर भी अपने विचार रखे।
राष्ट्र प्रेस
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