क्या नोएडा में क्रेडिट कार्ड धोखाधड़ी के मामले में महिला को गिरफ्तार किया गया?
सारांश
Key Takeaways
- साइबर ठगी के प्रति सतर्क रहना आवश्यक है।
- कोई भी बैंक अधिकारी फोन पर आपकी जानकारी नहीं मांगता।
- धोखाधड़ी के मामलों में तुरंत रिपोर्ट करें।
नोएडा, 20 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। नोएडा के सेक्टर-113 थाना पुलिस ने एक संगठित साइबर ठगी के गिरोह का खुलासा करते हुए एक महिला अभियुक्ता को गिरफ्तार किया है। वह लोगों को ऑनलाइन क्रेडिट कार्ड बनवाने का झांसा देकर उनके बैंक और कार्ड की जानकारी प्राप्त कर लेती थी।
पुलिस ने अभियुक्ता के पास से करीब 2 लाख 15 हजार 60 रुपए की सोने की ज्वैलरी और घटना में इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन बरामद किया है। पुलिस के अनुसार, 19 जनवरी को मैनुअल इंटेलिजेंस और गोपनीय सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए सेक्टर-113 थाने की पुलिस ने प्रियंका वत्स पत्नी विक्रांत वत्स को सेक्टर-119 नोएडा के पास गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के समय अभियुक्ता के पास से एक सोने की चेन और कानों के टॉप्स की एक जोड़ी बरामद की गई, जिनकी कीमत 2,15,060 रुपए बताई जा रही है।
ज्वैलरी से संबंधित स्टोर का बिल भी पुलिस को मिला है। इसके अलावा, ठगी के लिए इस्तेमाल किया गया एक मोबाइल फोन भी बरामद हुआ है, जिसके फ्रंट कैमरे पर बिंदी लगी हुई थी। पूछताछ में अभियुक्ता प्रियंका वत्स ने बताया कि वह अपने पति विक्रांत वत्स के साथ मिलकर इस ठगी को अंजाम देती थी। दोनों फेसबुक पर विभिन्न ग्रुप और पेज बनाकर लोगों को एचडीएफसी क्रेडिट कार्ड बनवाने का लालच देते थे। इसके बाद संभावित पीड़ितों से संपर्क कर मोबाइल स्क्रीन शेयरिंग के माध्यम से उनकी क्रेडिट कार्ड और नेट बैंकिंग की गोपनीय जानकारी प्राप्त कर लेते थे।
जानकारी मिलने के बाद आरोपी ऑनलाइन स्टोर्स से सोने की ज्वैलरी खरीदते थे और बाद में स्टोर जाकर स्वयं ज्वैलरी प्राप्त कर लेते थे। अभियुक्ता ने यह भी बताया कि वीडियो कॉल के दौरान पहचान छिपाने के लिए वह मोबाइल के फ्रंट कैमरे पर बिंदी चिपका लेती थी, ताकि उसका चेहरा स्पष्ट न दिखे। गिरफ्तार महिला की पहचान प्रियंका वत्स (उम्र करीब 29 वर्ष) के रूप में हुई है, जो विजय बिहार कॉलोनी, रोहिणी, दिल्ली की निवासी है।
पुलिस इस मामले में उसके पति की भूमिका की भी जांच कर रही है और आगे की कार्रवाई जारी है। पुलिस ने इस मामले के बाद आम जनता से साइबर ठगी के प्रति सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि कोई भी बैंक या कस्टमर केयर अधिकारी कभी फोन पर ओटीपी, पासवर्ड या क्रेडिट कार्ड की जानकारी नहीं मांगता। अनजान कॉल, स्क्रीन शेयरिंग ऐप्स और सोशल मीडिया पर दिखने वाले आकर्षक ऑफर्स से सावधान रहना बेहद जरूरी है। यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार हो जाता है, तो तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें और शिकायत दर्ज कराएं।