क्या चक्रवात मोंथा से राजस्थान में भारी बारिश होने वाली है?

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क्या चक्रवात मोंथा से राजस्थान में भारी बारिश होने वाली है?

सारांश

चक्रवात 'मोंथा' ने राजस्थान के कई हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी दी है। आईएमडी ने कोटा और उदयपुर जैसे क्षेत्रों में विशेष रूप से चेतावनी जारी की है। जानें इसके कारण और संभावित प्रभाव।

मुख्य बातें

चक्रवात मोंथा से भारी बारिश की चेतावनी।
आईएमडी की सटीक भविष्यवाणियाँ।
राजस्थान के कोटा और उदयपुर में विशेष ध्यान।
फसलों के लिए राहत और खतरा दोनों।
आंधी-तूफान से बचाव के उपाय।

जयपुर, 27 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। मौसम विभाग ने चक्रवात 'मोंथा' के प्रभाव से राजस्थान के विभिन्न क्षेत्रों में तेज गरज के साथ बारिश की चेतावनी जारी की है। आईएमडी ने विशेष रूप से कोटा और उदयपुर संभाग के कुछ हिस्सों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है।

मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में बना दबाव अब एक गहरे दबाव में परिवर्तित हो चुका है, जो चक्रवात 'मोंथा' के प्रभाव में और भी विकसित होने की संभावना है। इससे राजस्थान समेत कई भारतीय राज्यों में एक नए दौर की भारी बारिश देखने को मिल सकती है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के मुताबिक, चक्रवात 'मोंथा' का प्रभाव 27 से 29 अक्टूबर के बीच सबसे अधिक रहेगा। इसके कारण राजस्थान के उदयपुर, कोटा, अजमेर, जोधपुर, जयपुर और भरतपुर संभाग के विभिन्न जिलों में गरज और बिजली के साथ मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है।

हालांकि, 30 अक्टूबर से मौसम धीरे-धीरे सामान्य होने की उम्मीद जताई गई है। रविवार को कोटा, बारां, बूंदी और झालावाड़ सहित हाड़ौती क्षेत्र में मौसम अस्थिर रहा। कोटा शहर दिनभर घने बादलों से ढका रहा और धूप नहीं निकली। शाम को ठंडी हवाएं चलीं और हल्का कोहरा भी देखने को मिला, जिससे तापमान में थोड़ी कमी आई।

कोटा में अधिकतम तापमान सामान्य से दो डिग्री कम 30 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 21.1 डिग्री सेल्सियस रहा। हवा की गति लगभग 5 किमी/घंटा रही।

कोटा जिले के सांगोद क्षेत्र में रविवार शाम लगभग 16 मिमी बारिश हुई थी। 15 मिनट तक हुई इस भारी बारिश ने सड़कों में जलभराव कर दिया। रबी की फसल की बुवाई की तैयारी कर रहे किसानों को बारिश से राहत मिली, हालाँकि कटाई के लिए तैयार धान की कुछ फसलों को नुकसान पहुंचा।

बारां में रातभर रुक-रुक कर हल्की बारिश होती रही, जबकि झालावाड़ के पनवाड़ कस्बे में दोपहर करीब 3.15 बजे गरज के साथ बूंदाबांदी हुई और उसके बाद 20 मिनट तक मूसलाधार बारिश हुई।

आईएमडी ने गहरे दबाव के क्षेत्र की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी है और निवासियों को आंधी-तूफान के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्थिति किसानों के लिए लाभकारी और हानिकारक दोनों हो सकती है। हमें इस स्थिति पर ध्यान देने की आवश्यकता है और स्थानीय प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करना चाहिए।
RashtraPress
18 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चक्रवात मोंथा का राजस्थान पर क्या असर होगा?
चक्रवात मोंथा से राजस्थान के कई जिलों में भारी बारिश, गरज, और बिजली गिरने की संभावना है।
कौन से जिलों में बारिश की चेतावनी है?
कोटा, उदयपुर, अजमेर, जोधपुर, जयपुर, और भरतपुर में बारिश की चेतावनी है।
क्या बारिश से फसलों को नुकसान होगा?
कुछ क्षेत्रों में बारिश से रबी की फसलों को नुकसान हो सकता है, जबकि यह किसानों के लिए राहत भी हो सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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