बंगाल की खाड़ी में चक्रवात का खतरा: मछुआरों को 29 अक्टूबर तक समुद्र में न जाने की चेतावनी
सारांश
मुख्य बातें
चेन्नई मौसम विभाग ने 24 अक्टूबर 2026 को बंगाल की खाड़ी में संभावित चक्रवाती मौसम तंत्र के मद्देनजर मछुआरों को रविवार 25 अक्टूबर से गुरुवार 29 अक्टूबर तक खुले समुद्र में न जाने की सख्त चेतावनी जारी की है। साथ ही तमिलनाडु के कई जिलों में आंधी-तूफान, बिजली गिरने और भारी बारिश का भी पूर्वानुमान लगाया गया है।
मौसम तंत्र की स्थिति और पृष्ठभूमि
मौसम विभाग के बुलेटिन के अनुसार, 22 अक्टूबर को कोमोरिन क्षेत्र और उससे सटे दक्षिणी तमिलनाडु तथा केरल के ऊपर एक मौसमी सिस्टम विकसित हुआ था। 23 अक्टूबर की सुबह 8:30 बजे IST तक यह सिस्टम दक्षिण-पूर्वी अरब सागर और पड़ोसी लक्षद्वीप क्षेत्र की ओर खिसक गया।
समुद्र तल से लगभग 1.5 किलोमीटर ऊपर केरल से होते हुए उत्तरी तमिलनाडु तट की ओर जा रही एक वायुमंडलीय ट्रफ इस पूरे क्षेत्र में वर्षा को प्रभावित कर रही है। यह ऐसे समय में आया है जब तमिलनाडु में मानसून-उपरांत का मौसम सक्रिय है और पूर्वोत्तर मानसून दस्तक दे रहा है।
जिलेवार बारिश का पूर्वानुमान
25 अक्टूबर को नीलगिरी, कोयंबटूर, थेनी, डिंडीगुल, मदुरै, पेरम्बलुर, अरियालुर और तिरुचिरापल्ली के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की संभावना है। शिवगंगा, पुदुकोट्टई, रामनाथपुरम, तिरुपत्तूर, कृष्णगिरि, धर्मपुरी, तिरुवन्नामलाई, वेल्लोर और रानीपेट में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है। चेन्नई, कांचीपुरम, चेंगलपट्टू, तिरुवल्लुर, कुड्डालोर और कावेरी डेल्टा के कुछ हिस्सों में भी बारिश की संभावना जताई गई है।
26 अक्टूबर को एक और तीव्र बारिश के दौर का पूर्वानुमान है। नीलगिरी, कोयंबटूर, थेनी, मदुरै, शिवगंगा, रामनाथपुरम और पुदुकोट्टई के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। तंजावुर, तिरुवरुर, नागपट्टिनम, मयिलादुथुराई, इरोड, सलेम, नमक्कल, करूर, तिरुप्पुर, डिंडीगुल और विरुधुनगर में भी भारी वर्षा के संकेत हैं।
थूथुकुडी, पेरम्बलुर, अरियालुर, कल्लाकुरिची, कुड्डालोर तथा पुडुचेरी और कराईकल में 40–50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ गरज-चमक की भी आशंका है।
मछुआरों के लिए चेतावनी
मछुआरों के लिए जारी पाँच दिनों की चेतावनी रविवार 25 अक्टूबर से शुरू होकर गुरुवार 29 अक्टूबर 2026 तक प्रभावी रहेगी। यह पाबंदी विशेष रूप से बंगाल की खाड़ी में उभरने वाले संभावित मौसम तंत्र को ध्यान में रखते हुए लगाई गई है। अधिकारियों ने तटीय समुदायों को सतर्क रहने और मौसम विभाग की अद्यतन जानकारी पर नज़र रखने की सलाह दी है।
व्यापक प्रभाव और संदर्भ
गौरतलब है कि तमिलनाडु का तटीय क्षेत्र प्रतिवर्ष अक्टूबर-नवंबर में चक्रवाती मौसम की चपेट में आता है — यह उत्तरपूर्वी मानसून के सक्रिय होने का समय होता है। तिरुनेलवेली, कन्याकुमारी, इरोड, सलेम, नमक्कल, करूर और तिरुचिरापल्ली जैसे जिलों में पहले से ही बारिश का सिलसिला जारी है। तमिलनाडु के शेष हिस्सों में अगले तीन दिनों के दौरान विभिन्न स्थानों पर मध्यम बारिश होने की संभावना है।
आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति पर विभाग की नज़र बनी रहेगी और स्थिति में बदलाव के अनुसार अद्यतन बुलेटिन जारी किए जाएंगे।