25 अक्टूबर 2026
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तमिलनाडु में 25–29 अक्टूबर तक मछली पकड़ने पर रोक, चक्रवाती तूफान की आशंका से भारी बारिश का अलर्ट

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तमिलनाडु में 25–29 अक्टूबर तक मछली पकड़ने पर रोक, चक्रवाती तूफान की आशंका से भारी बारिश का अलर्ट

सारांश

बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती तूफान की आशंका ने तमिलनाडु को हाई अलर्ट पर ला दिया है। 25 से 29 अक्टूबर तक मछुआरों के समुद्र में जाने पर पाबंदी, दर्जनों जिलों में भारी बारिश और 40–50 किमी/घंटे की हवाओं का अनुमान — राज्य के लिए एक अहम मौसमी चुनौती।

मुख्य बातें

25 अक्टूबर से 29 अक्टूबर 2026 तक तमिलनाडु में मछुआरों के समुद्र में जाने पर पूर्ण प्रतिबंध।
बंगाल की खाड़ी में संभावित चक्रवाती तूफान की चेतावनी के मद्देनजर यह एहतियाती कदम उठाया गया।
25–26 अक्टूबर को नीलगिरी, कोयंबटूर, मदुरै, चेन्नई, तंजावुर सहित दर्जनों जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश और 40–50 किमी/घंटे की हवाओं का अनुमान।
27 अक्टूबर से बारिश में कमी; 28–29 अक्टूबर तक केवल दक्षिणी तटीय जिलों में हल्की से मध्यम बारिश।
पुडुचेरी और कराईकल भी मौसमी प्रभाव की जद में; अवधि के अंत तक अधिकांश राज्य में मौसम शुष्क होने की उम्मीद।

बंगाल की खाड़ी में संभावित चक्रवाती तूफान की चेतावनी के मद्देनजर तमिलनाडु सरकार ने 25 अक्टूबर 2026 से 29 अक्टूबर 2026 तक — यानी पाँच दिनों के लिए — मछुआरों के समुद्र में जाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। चेन्नई मौसम विभाग के अनुसार इस अवधि में राज्य के कई तटीय और आंतरिक जिलों में भारी बारिश, तेज हवाएं और बिजली गिरने की आशंका है। मछुआरों की सुरक्षा को देखते हुए यह एहतियाती कदम उठाया गया है।

मौसम प्रणाली की पृष्ठभूमि

मौसम विभाग के बुलेटिन के अनुसार, 22 अक्टूबर को कोमोरिन क्षेत्र और उससे सटे दक्षिणी तमिलनाडु और केरल के ऊपर एक निम्न दबाव का क्षेत्र बना था। यह क्षेत्र 23 अक्टूबर को सुबह 8:30 बजे तक दक्षिण-पूर्वी अरब सागर और पड़ोसी लक्षद्वीप क्षेत्र में स्थानांतरित हो गया। इसके अतिरिक्त, समुद्र तल से लगभग 1.5 किलोमीटर ऊपर एक वायुमंडलीय परिसंचरण दर्ज किया गया है, जो दक्षिण-पूर्वी अरब सागर और लक्षद्वीप क्षेत्र से केरल होते हुए उत्तरी तमिलनाडु तट की ओर बढ़ रहा है।

25 और 26 अक्टूबर को कहाँ-कहाँ भारी बारिश

25 अक्टूबर को नीलगिरी, कोयंबटूर, थेनी, डिंडीगुल, मदुरै, पेरम्बलुर, अरियालुर और तिरुचिरापल्ली जिलों के कुछ इलाकों में भारी बारिश के साथ आंधी-तूफान, बिजली और 40–50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। चेन्नई, तिरुवल्लुर, कांचीपुरम, चेंगलपट्टू, कुड्डालोर, तंजावुर, तिरुवरुर और नागपट्टिनम सहित कई तटीय जिलों में भी बारिश और तेज हवाओं का पूर्वानुमान है। पुडुचेरी और कराईकल में भी ऐसे ही हालात रहने की संभावना जताई गई है।

26 अक्टूबर को नीलगिरी, कोयंबटूर, थेनी, मदुरै, शिवगंगा, रामनाथपुरम और पुदुकोट्टई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है। तंजावुर, तिरुवरुर, नागपट्टिनम, मयिलाडुतुरै, इरोड, सलेम, नमक्कल, करूर, तिरुप्पुर, विरुधुनगर, थूथुकुडी, कल्लाकुरिची और तिरुवन्नामलाई सहित कई अन्य जिलों में भी भारी बारिश का अनुमान है।

27 से 29 अक्टूबर — धीरे-धीरे सुधार

27 अक्टूबर को बारिश में कमी की उम्मीद है। कन्याकुमारी, तिरुनेलवेली, थूथुकुडी और रामनाथपुरम में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि राज्य के अन्य हिस्सों में छिटपुट हल्की बारिश का अनुमान है। 28 और 29 अक्टूबर को केवल दक्षिणी तटीय जिलों में ही कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार, अवधि के अंत तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में, साथ ही पुडुचेरी और कराईकल में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने की संभावना है।

मछुआरों पर असर और एहतियाती कदम

पाँच दिनों के प्रतिबंध के चलते तमिलनाडु के हज़ारों मछुआरे परिवारों की आजीविका प्रभावित होगी। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में अक्टूबर-नवंबर का मौसम परंपरागत रूप से मछली पकड़ने के लिहाज से सक्रिय रहता है। गौरतलब है कि बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती प्रणालियाँ पिछले कुछ वर्षों में अधिक बार देखी जा रही हैं, जिससे तटीय समुदायों पर दबाव बढ़ा है। अधिकारियों ने मछुआरों से अपील की है कि वे 29 अक्टूबर तक किसी भी परिस्थिति में समुद्र में न जाएं और मौसम विभाग के अपडेट पर नज़र रखें। आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति के आधार पर प्रतिबंध की अवधि में बदलाव भी संभव है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन पाँच दिनों की रोक का असर हज़ारों परिवारों की आजीविका पर पड़ेगा — एक ऐसा पहलू जो मौसम बुलेटिन में दिखता नहीं। राज्य सरकार को यह सुनिश्चित करना होगा कि प्रतिबंध अवधि के दौरान प्रभावित मछुआरों को आर्थिक राहत का त्वरित तंत्र उपलब्ध हो, अन्यथा सुरक्षा के नाम पर उठाया गया कदम एक नई आजीविका संकट को जन्म दे सकता है।
RashtraPress
25 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तमिलनाडु में मछली पकड़ने पर प्रतिबंध क्यों लगाया गया है?
बंगाल की खाड़ी में संभावित चक्रवाती तूफान की चेतावनी के कारण मछुआरों की सुरक्षा के मद्देनजर यह प्रतिबंध लगाया गया है। 25 से 29 अक्टूबर 2026 तक कोई भी मछुआरा समुद्र में नहीं जा सकता।
यह प्रतिबंध कब से कब तक लागू रहेगा?
यह प्रतिबंध 25 अक्टूबर 2026 से शुरू होकर 29 अक्टूबर 2026 तक — कुल पाँच दिनों के लिए — लागू है। मौसम की स्थिति के अनुसार इसमें बदलाव भी संभव है।
तमिलनाडु के किन जिलों में सबसे ज़्यादा बारिश का अनुमान है?
25–26 अक्टूबर को नीलगिरी, कोयंबटूर, थेनी, मदुरै, शिवगंगा, रामनाथपुरम, तंजावुर, नागपट्टिनम और चेन्नई सहित दर्जनों जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है। 40–50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की भी संभावना है।
बारिश और तूफान कब तक कम होगा?
चेन्नई मौसम विभाग के अनुसार 27 अक्टूबर से बारिश में कमी आने की उम्मीद है। 28 और 29 अक्टूबर को केवल दक्षिणी तटीय जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है और राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है।
क्या पुडुचेरी और कराईकल भी इस मौसम प्रणाली से प्रभावित होंगे?
हाँ, पुडुचेरी और कराईकल में भी बारिश, आंधी-तूफान और तेज हवाओं का पूर्वानुमान है। 27 अक्टूबर के बाद से इन क्षेत्रों में भी मौसम में सुधार की उम्मीद है।
राष्ट्र प्रेस
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