तमिलनाडु के 7 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, 50 km/h तेज हवाओं की चेतावनी
सारांश
मुख्य बातें
चेन्नई स्थित क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र ने 20 अक्टूबर 2026 (मंगलवार) को तमिलनाडु के सात जिलों में बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। इसके साथ 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक की तेज हवाएँ चलने की भी चेतावनी दी गई है। चेन्नई समेत राज्य के अनेक इलाकों में सामान्य से भारी वर्षा की संभावना व्यक्त की गई है।
मौसम बिगाड़ने की वजह क्या है
मौसम विभाग के अनुसार, इस स्थिति के पीछे दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में उत्तरी तमिलनाडु तट के निकट बना एक 'अपर-एयर साइक्लोनिक सर्कुलेशन' (ऊपरी वायुमंडलीय चक्रवाती परिसंचरण) है। इस परिसंचरण से उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी की ओर बढ़ रहा एक 'ट्रफ' (वायुमंडलीय न्यून दाब क्षेत्र) भी समूचे क्षेत्र के मौसम को प्रभावित कर रहा है। ये दोनों मौसमी तंत्र मिलकर व्यापक वर्षा का कारण बन रहे हैं।
मंगलवार को सर्वाधिक प्रभावित जिले
विभाग ने स्पष्ट किया कि मंगलवार, 20 अक्टूबर को पुदुक्कोट्टई, तंजावुर, तिरुवरुर, नागपट्टिनम, मयिलादुथुराई, कुड्डालोर और विल्लुपुरम जिलों में 'बहुत भारी बारिश' होने की आशंका है। इसके अतिरिक्त कावेरी डेल्टा और तटीय क्षेत्रों के कई जिलों में भी भारी वर्षा के आसार हैं।
चेन्नई के अलावा तिरुवल्लुर, कांचीपुरम, चेंगलपट्टू, तिरुचिरापल्ली, अरियालुर, पेरम्बलुर, रानीपेट, वेल्लोर और तिरुपत्तुर में भी भारी बारिश हो सकती है। दक्षिण तमिलनाडु में थेनी, डिंडीगुल, मदुरै, विरुधुनगर और रामनाथपुरम भी इस पूर्वानुमान में शामिल हैं।
चेन्नई के लिए विशेष पूर्वानुमान
मौसम केंद्र ने चेन्नई के लिए मंगलवार शाम एक-दो स्थानों पर आँधी-तूफान, बिजली गिरने और भारी वर्षा की संभावना जताई है। विशेष रूप से उल्लेख किया गया है कि शहर में पूरे दिन एकसमान तेज बारिश नहीं होगी, बल्कि चुनिंदा इलाकों तक ही भारी वर्षा सीमित रह सकती है।
बुधवार को बारिश का केंद्र दक्षिण की ओर खिसकेगा
21 अक्टूबर, बुधवार को भारी वर्षा का जोर दक्षिणी तमिलनाडु की ओर स्थानांतरित होने की संभावना है। विभाग के अनुसार उस दिन थेनी, तेनकासी, विरुधुनगर, तिरुनेलवेली और कन्याकुमारी में बहुत भारी वर्षा हो सकती है। पुदुक्कोट्टई, तंजावुर, तिरुवरुर, नागपट्टिनम, मयिलादुथुराई, मदुरै, डिंडीगुल, थूथुकुडी और रामनाथपुरम में भी भारी बारिश का अनुमान है।
आम जनता पर असर और सावधानी
यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर-पूर्व मानसून की सक्रियता के साथ तमिलनाडु में वर्षा का मौसम चरम पर होता है। कावेरी डेल्टा के जिले — जो मुख्य रूप से कृषि-आधारित हैं — हर वर्ष इस दौर में जलभराव की समस्या से जूझते हैं। अगले दो दिनों तक बारिश का दायरा व्यापक बना रहेगा, और जिन जिलों में सबसे तेज वर्षा होगी, वे मंगलवार व बुधवार के बीच बदलते रहेंगे। निवासियों को अनावश्यक यात्रा से बचने और तटीय इलाकों में सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।