तमिलनाडु के चार दक्षिणी जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, बंगाल की खाड़ी में कम दबाव सक्रिय
सारांश
मुख्य बातें
चेन्नई स्थित क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र ने 14 अक्टूबर 2026 को अलर्ट जारी करते हुए बताया कि तमिलनाडु के चार दक्षिणी जिलों — रामनाथपुरम, थूथुकुडी, तिरुनेलवेली और कन्याकुमारी — में बुधवार को भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर सक्रिय कम दबाव की मौसम प्रणाली इस वर्षा का प्रमुख कारण बताई जा रही है।
मौसम प्रणाली का विस्तार
मौसम विभाग के बुलेटिन के अनुसार, यह कम दबाव की प्रणाली मध्य बंगाल की खाड़ी से फैलते हुए दक्षिण-पश्चिम खाड़ी तक विस्तृत हो गई है। इसी के चलते राज्य के विभिन्न हिस्सों में वर्षा का दौर जारी है। मौसम केंद्र ने स्पष्ट किया है कि चेन्नई में बारिश एकसमान नहीं होगी — कुछ इलाकों में गरज और बिजली के साथ मध्यम बौछारें पड़ सकती हैं।
प्रभावित जिले और पूर्वानुमान
बुधवार को उत्तरी, तटीय, मध्य और पश्चिमी जिलों में मध्यम वर्षा का अनुमान है, जिनमें चेन्नई भी शामिल है। चेन्नई में अधिकतम तापमान लगभग 34 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। मध्यम बारिश के दायरे में आने वाले अन्य जिलों में तिरुवल्लूर, चेंगलपट्टू, विल्लुपुरम, कुड्डालोर, तंजावुर, तिरुवरूर, मयिलादुथुराई, नागपट्टिनम और पुदुकोट्टई शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त नीलगिरी, कोयंबटूर, तिरुपुर, थेनी, डिंडीगुल, विरुधुनगर, तेनकासी, पेरम्बलूर और अरियालुर में भी बारिश का पूर्वानुमान है।
गुरुवार को और व्यापक असर संभव
मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार, 15 अक्टूबर को दक्षिणी, पश्चिमी और मध्य तमिलनाडु के कई जिलों में भारी बारिश की आशंका है। तेनकासी और तिरुनेलवेली के पहाड़ी इलाकों में विशेष रूप से भारी वर्षा हो सकती है। कन्याकुमारी, मदुरै, डिंडीगुल, तिरुपुर, कोयंबटूर और नीलगिरी भी गुरुवार के भारी बारिश के पूर्वानुमान में शामिल हैं।
अंदरूनी इलाकों में तिरुचिरापल्ली, पेरम्बलूर, अरियालुर, पुदुकोट्टई और नागपट्टिनम में भी वर्षा की संभावना जताई गई है, जिससे गुरुवार को तटीय और अंदरूनी दोनों क्षेत्र प्रभावित हो सकते हैं।
आम जनता पर असर
भारी वर्षा की चेतावनी के मद्देनज़र निचले और तटीय इलाकों में रहने वाले नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। तेनकासी और तिरुनेलवेली के पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और अचानक बाढ़ की आशंका को नकारा नहीं जा सकता। आगामी दिनों में मौसम की स्थिति और बिगड़ने की आशंका के चलते राज्य प्रशासन से बचाव उपाय तेज़ करने की उम्मीद है।