दमोह में गर्भवती गाय की हत्या पर हिंदू संगठनों का ज्ञापन, NSA और अवैध मीट दुकानों पर कार्रवाई की मांग
सारांश
मुख्य बातें
दमोह में 3 अक्टूबर 2026 को एक गर्भवती गाय की कथित हत्या की घटना के विरोध में हिंदू संगठनों ने 6 अक्टूबर को जिला प्रशासन को सात सूत्रीय ज्ञापन सौंपा और आरोपियों पर राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत कठोर कार्रवाई सहित अवैध मीट की दुकानों को हटाने की माँग की। ज्ञापन मुख्यमंत्री के नाम सौंपा गया और एसडीएम सौरभ गंधर्व ने इसे स्वीकार करते हुए नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया।
घटना का विवरण
बजरंग दल के सदस्य नित्या प्यासी ने मीडिया को बताया कि 3 अक्टूबर को एक गर्भवती गाय की कथित तौर पर हत्या की गई। उनके अनुसार, गाय के गर्भ से बच्चा भी निकाला गया और उसका सिर घटनास्थल पर ही छोड़ दिया गया। प्यासी ने यह भी बताया कि गौ सेवकों ने एक अन्य घायल गाय को बरामद किया है, जिसका फिलहाल उपचार कराया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि शहर में लगातार गो-तस्करी और गो-हत्या की घटनाएँ हो रही हैं और प्रशासन को ऐसे मामलों में कठोर रुख अपनाना चाहिए। यह ऐसे समय में आया है जब मध्यप्रदेश में गो-संरक्षण को लेकर सामाजिक संवेदनशीलता पहले से बढ़ी हुई है।
ज्ञापन की प्रमुख मांगें
हिंदू संगठनों के सात सूत्रीय ज्ञापन में निम्नलिखित माँगें शामिल हैं: घटना के आरोपियों पर NSA के तहत कार्रवाई; शहर में बिना अनुमति के संचालित अवैध मीट और बिरयानी की दुकानों को हटाना; जहाँ गो-मांस मिलने की पुष्टि हो उन होटलों व प्रतिष्ठानों पर कानूनी कार्रवाई; और कथित मांस आपूर्ति नेटवर्क की जाँच।
प्यासी ने स्पष्ट किया कि कार्रवाई केवल प्रत्यक्ष आरोपियों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि पूरे आपूर्ति नेटवर्क की जाँच होनी चाहिए।
आवारा मवेशी और अतिक्रमण का मुद्दा
बजरंग दल ने आवारा मवेशियों की समस्या भी उठाई। नित्या प्यासी ने कहा कि गाय पालकों की जिम्मेदारी है कि वे अपने पशुओं को सड़कों पर न छोड़ें और ऐसा न करने पर उनके खिलाफ भी कार्रवाई हो। इसके साथ ही गौचर भूमि से अतिक्रमण हटाने की माँग रखी गई।
कसाई मंडी से जुड़े अतिक्रमण पर उन्होंने बताया कि करीब 110 लोगों को अवैध अतिक्रमण के संबंध में नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन अब तक उन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने प्रशासन से इन मामलों में तत्काल कदम उठाने का आग्रह किया।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
एसडीएम सौरभ गंधर्व ने बताया कि हिंदू संगठनों ने 3 अक्टूबर की घटना को लेकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने कहा कि ज्ञापन में उठाई गई सभी माँगों पर नियमानुसार कार्रवाई का प्रयास किया जाएगा। NSA के तहत कार्रवाई की माँग के संदर्भ में उन्होंने कहा कि इस विषय में पुलिस अधीक्षक और कलेक्टर को अवगत कराया जाएगा और उसके बाद नियमानुसार जो भी संभव होगा, वह किया जाएगा।
आगे की स्थिति
फिलहाल पुलिस मामले की जाँच कर रही है। गौरतलब है कि मध्यप्रदेश में गो-हत्या पर पहले से कड़े कानून लागू हैं और ऐसे मामलों में NSA के आवेदन की माँग प्रशासन के लिए एक संवेदनशील कदम होगा। संगठनों के अनुसार, यदि माँगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन को आगे बढ़ाया जा सकता है।