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डीडीए और आईएनटीएसी का एमओयू: 24 अक्टूबर से महरौली पार्क में विरासत भ्रमण, ₹500 में करें बुकिंग

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डीडीए और आईएनटीएसी का एमओयू: 24 अक्टूबर से महरौली पार्क में विरासत भ्रमण, ₹500 में करें बुकिंग

सारांश

डीडीए और आईएनटीएसी ने हाथ मिलाए हैं — अब दिल्ली की ऐतिहासिक गलियाँ, पार्क और खंडहर विशेषज्ञ गाइड के साथ खुलेंगे। 24 अक्टूबर से महरौली पुरातत्व पार्क से शुरुआत, छह महीनों में 12 पदयात्राएँ और सिर्फ ₹500 में बुकिंग।

मुख्य बातें

डीडीए और आईएनटीएसी दिल्ली चैप्टर ने विरासत एवं प्रकृति भ्रमण के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किए।
पहली यात्रा 24 अक्टूबर 2026 को शाम 4 बजे महरौली पुरातत्व पार्क में आयोजित होगी।
अगले छह महीनों में 6 स्थानों पर कुल 12 पदयात्राएँ होंगी; प्रत्येक में अधिकतम 40 प्रतिभागी ।
भागीदारी शुल्क ₹500 प्रति व्यक्ति (जीएसटी अतिरिक्त); डीडीए पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण उपलब्ध।
संधू के निर्देश पर आरंभ इस पहल के तहत संजय वन, तुगलकाबाद, हौज खास सहित छह ऐतिहासिक स्थलों को शामिल किया गया है।

दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) और भारतीय राष्ट्रीय कला एवं सांस्कृतिक विरासत ट्रस्ट (आईएनटीएसी) की दिल्ली शाखा ने विरासत और प्रकृति भ्रमण आयोजित करने के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत हर महीने दो गाइडेड वॉक का आयोजन किया जाएगा। 22 अक्टूबर 2026 को एक अधिकारी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इस पहल की शुरुआत 24 अक्टूबर 2026 को शाम 4 बजे महरौली पुरातत्व पार्क में होगी। यह कार्यक्रम दिल्लीवासियों को शहर की बहुस्तरीय ऐतिहासिक, स्थापत्य और प्राकृतिक विरासत से जोड़ने का एक संगठित प्रयास है।

पहल का स्वरूप और संरचना

एमओयू के अंतर्गत अगले छह महीनों में कुल 12 पदयात्राएँ आयोजित की जाएंगी — प्रत्येक स्थान पर दो-दो। इसमें शामिल स्थल हैं: संजय वन, महरौली पुरातत्व पार्क, सुल्तान गढ़ी, तुगलकाबाद, डियर पार्क/हौज खास और उत्तरी रिज। सार्थक संवाद और बेहतर अनुभव सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक पदयात्रा में अधिकतम 40 प्रतिभागी ही भाग ले सकेंगे।

भागीदारी शुल्क ₹500 प्रति व्यक्ति प्रति भ्रमण (जीएसटी अतिरिक्त) निर्धारित किया गया है। पंजीकरण डीडीए पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन उपलब्ध है।

आईएनटीएसी की भूमिका और विशेषज्ञता

आईएनटीएसी दिल्ली चैप्टर डीडीए के समन्वय से मार्गों, विषयों और व्याख्यात्मक सामग्री तैयार करेगा और विरासत विशेषज्ञों व गाइडों की व्यवस्था करेगा। ये गाइडेड वॉक प्रतिभागियों को पार्कों की ऐतिहासिक संरचनाओं, स्थापत्य विशेषताओं और कम-ज्ञात कहानियों से परिचित कराएंगी।

डीडीए प्रतिभागियों और गाइडों के लिए पहुँच, अनुमतियों सहित सभी आवश्यक प्रशासनिक व्यवस्थाओं का दायित्व संभालेगा।

उपराज्यपाल की पहल से मिली प्रेरणा

गौरतलब है कि इस माह की शुरुआत में उपराज्यपाल टी.एस. संधू ने संजय वन में दिल्लीवासियों के साथ एक विरासत यात्रा का नेतृत्व किया था और 'दिल्ली रिज की खोज — दिल्ली के फेफड़ों की विरासत का पुनरुद्धार' शीर्षक से एक ई-पुस्तक का विमोचन भी किया। उन्होंने डीडीए को पारिस्थितिकी संरक्षण, विरासत संरक्षण और दिल्लीवासियों को प्रकृति से जोड़ने के लिए ऐसे आयोजनों पर ध्यान केंद्रित करने का निर्देश दिया था।

यह वह पृष्ठभूमि है जिसने डीडीए-आईएनटीएसी साझेदारी को रूप दिया। इस वर्ष की शुरुआत में डीडीए ने दिल्ली की सांस्कृतिक और स्थापत्य विरासत के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए एक विरासत सप्ताह का आयोजन किया था, जिसमें छात्रों और युवाओं की सक्रिय भागीदारी रही थी।

आम जनता के लिए अवसर

यह पहल उन नागरिकों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है जो दिल्ली की ऐतिहासिक परतों को किसी विशेषज्ञ की निगरानी में समझना चाहते हैं। महरौली पुरातत्व पार्क से आरंभ होने वाली पहली यात्रा शहर के सबसे घने पुरातात्विक क्षेत्रों में से एक में ले जाएगी, जहाँ दिल्ली सल्तनत से लेकर लोदी काल तक की संरचनाएँ मौजूद हैं।

आगे चलकर यह साझेदारी दिल्ली की विरासत को संरक्षित रखते हुए उसे आम जनता के लिए अधिक सुलभ और अनुभवात्मक बनाने की दिशा में एक दीर्घकालिक ढाँचा प्रदान कर सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा निरंतरता की होगी — दिल्ली में ऐसी सरकारी पहलें अक्सर उत्साहपूर्ण लॉन्च के बाद धीमी पड़ जाती हैं। ₹500 का शुल्क मध्यम वर्ग को आकर्षित कर सकता है, पर इससे यह सवाल उठता है कि क्या यह पहल वास्तव में समावेशी है या मुख्यतः शहरी संभ्रांत वर्ग के लिए बनी है। 40 प्रतिभागियों की सीमा गुणवत्ता सुनिश्चित करती है, किंतु डीडीए पोर्टल की तकनीकी विश्वसनीयता और स्लॉट की उपलब्धता आम नागरिकों के अनुभव को तय करेगी।
RashtraPress
22 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डीडीए और आईएनटीएसी की विरासत भ्रमण पहल क्या है?
यह दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) और आईएनटीएसी दिल्ली चैप्टर के बीच हुए एमओयू के तहत शुरू की गई गाइडेड हेरिटेज वॉक श्रृंखला है। इसके अंतर्गत छह महीनों में दिल्ली के 6 ऐतिहासिक स्थलों पर कुल 12 पदयात्राएँ आयोजित की जाएंगी।
पहली विरासत यात्रा कब और कहाँ होगी?
पहली यात्रा 24 अक्टूबर 2026 को शाम 4 बजे महरौली पुरातत्व पार्क, नई दिल्ली में आयोजित होगी। यह पार्क दिल्ली के सबसे समृद्ध पुरातात्विक क्षेत्रों में से एक है।
भ्रमण में भाग लेने का शुल्क कितना है और पंजीकरण कैसे करें?
भागीदारी शुल्क ₹500 प्रति व्यक्ति प्रति भ्रमण है, जिसमें जीएसटी अतिरिक्त देय होगा। पंजीकरण डीडीए पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन किया जा सकता है।
इन पदयात्राओं में कौन-कौन से स्थल शामिल हैं?
प्रस्तावित 12 पदयात्राओं में संजय वन, महरौली पुरातत्व पार्क, सुल्तान गढ़ी, तुगलकाबाद, डियर पार्क/हौज खास और उत्तरी रिज — कुल 6 स्थल शामिल हैं। प्रत्येक स्थान पर दो-दो पदयात्राएँ होंगी।
प्रत्येक भ्रमण में कितने लोग शामिल हो सकते हैं?
सार्थक संवाद और बेहतर अनुभव के लिए प्रत्येक पदयात्रा में अधिकतम 40 प्रतिभागी ही शामिल हो सकते हैं। सीमित स्लॉट को देखते हुए समय पर पंजीकरण करना आवश्यक है।
राष्ट्र प्रेस
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