संजय वन हेरिटेज वॉक 14 नवंबर को: डीडीए और इंटैक मिलकर दिखाएंगे दिल्ली का प्राचीन इतिहास
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) और भारतीय राष्ट्रीय कला एवं सांस्कृतिक विरासत ट्रस्ट (इंटैक) मिलकर 14 नवंबर 2026 को संजय वन में एक निर्देशित हेरिटेज वॉक का आयोजन करेंगे, जो दिल्ली के प्रारंभिक मध्ययुगीन इतिहास की झलक जनता के सामने पेश करेगी। यह इस श्रृंखला की दूसरी पैदल यात्रा है, जिसकी परिकल्पना उपराज्यपाल एवं डीडीए अध्यक्ष तरनजीत सिंह संधू ने की है।
मुख्य घटनाक्रम
डीडीए के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, इस हेरिटेज वॉक में पाँच ऐतिहासिक स्थलों को शामिल किया जाएगा — ऐतिहासिक कुआं, विशाल किला, छोटा किला, छोटे किले के पास का बुर्ज और लाल कोट की दीवार। ये सभी संरचनाएं दिल्ली की सबसे पुरानी किलेबंद राजधानी के महत्वपूर्ण प्रमाण मानी जाती हैं। भागीदारी शुल्क ₹500 प्रति व्यक्ति (प्लस जीएसटी) निर्धारित की गई है।
संरक्षण एवं जीर्णोद्धार कार्य
डीडीए ने इन स्थलों पर व्यापक संरक्षण कार्य किए हैं। ऐतिहासिक कुएं पर चिनाई की मरम्मत की गई, शाफ्ट से मलबा हटाया गया और मौसम से सुरक्षा के लिए पारंपरिक शैली का लकड़ी का आश्रय स्थापित किया गया, ताकि उसका ऐतिहासिक स्वरूप बना रहे।
विशाल किले में जीर्णोद्धार के माध्यम से मौजूदा संरचना को स्थिर किया गया और विशिष्ट क्षेत्रों की खुदाई से कई ऐतिहासिक परतें उजागर हुईं। इससे अब आगंतुक स्थिर प्राचीरों पर चलकर और खुदाई किए गए हिस्सों का अन्वेषण करके इस विरासत को प्रत्यक्ष रूप से अनुभव कर सकते हैं। छोटे किले का भी हाल ही में डीडीए द्वारा संरक्षण किया गया है और यह एलजी रॉक कैफे के निकट स्थित है, जहाँ प्रतिदिन बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं।
एमओयू और श्रृंखला की रूपरेखा
उपराज्यपाल संधू के मार्गदर्शन में डीडीए ने इंटैक (दिल्ली शाखा) के साथ छह महीने के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस एमओयू के अंतर्गत 6 महीनों में 12 निर्देशित पैदल यात्राएं आयोजित की जाएंगी — प्रत्येक माह दो यात्राएं, छह स्थानों पर: संजय वन, महरौली पुरातत्व पार्क, सुल्तान गढ़ी, तुगलकाबाद, डियर पार्क/हौज खास और उत्तरी रिज।
इंटैक दिल्ली चैप्टर, डीडीए के समन्वय से मार्गों और विषयों का निर्धारण करेगा, व्याख्यात्मक सामग्री विकसित करेगा और विरासत विशेषज्ञों व गाइडों की व्यवस्था करेगा। गौरतलब है कि इस श्रृंखला की पहली यात्रा 24 अक्टूबर को महरौली पुरातत्व पार्क में आयोजित की गई थी।
व्यापक उद्देश्य और दिल्ली मास्टर प्लान से संबंध
यह पहल दिल्ली मास्टर प्लान 2047 के अनुरूप है, जो सुनियोजित और टिकाऊ शहरी विकास के साथ-साथ विरासत संरक्षण, विरासत मार्गों, सांस्कृतिक सर्किटों और सार्वजनिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करती है। यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली के अनेक मध्ययुगीन स्मारक उपेक्षा और अतिक्रमण का सामना कर रहे हैं।
उपराज्यपाल संधू ने इससे पहले संजय वन में स्वयं एक हेरिटेज वॉक का नेतृत्व किया था, जिसके दौरान दिल्ली रिज पर केंद्रित एक ई-बुक का विमोचन भी किया गया था। उन्होंने डीडीए को शहर की पारिस्थितिकी के संरक्षण, ऐतिहासिक संरचनाओं की रक्षा और विरासत को जनता के लिए सुलभ बनाने पर ध्यान केंद्रित करने का निर्देश दिया था। यह श्रृंखला उन्हीं निर्देशों का व्यावहारिक क्रियान्वयन है।