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संजय वन हेरिटेज वॉक 14 नवंबर को: डीडीए और इंटैक मिलकर दिखाएंगे दिल्ली का प्राचीन इतिहास

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संजय वन हेरिटेज वॉक 14 नवंबर को: डीडीए और इंटैक मिलकर दिखाएंगे दिल्ली का प्राचीन इतिहास

सारांश

दिल्ली के मध्ययुगीन इतिहास को आम जनता तक पहुँचाने की कोशिश में डीडीए और इंटैक 14 नवंबर को संजय वन में हेरिटेज वॉक आयोजित करेंगे। यह श्रृंखला की दूसरी यात्रा है और छह महीनों में छह स्थलों पर कुल 12 निर्देशित वॉक होंगी।

मुख्य बातें

डीडीए और इंटैक 14 नवंबर 2026 को संजय वन में निर्देशित हेरिटेज वॉक आयोजित करेंगे।
भागीदारी शुल्क ₹500 प्रति व्यक्ति (प्लस जीएसटी) ; वॉक में 5 ऐतिहासिक स्थल शामिल होंगे।
यह श्रृंखला की दूसरी यात्रा है; पहली 24 अक्टूबर को महरौली पुरातत्व पार्क में हुई थी।
6 महीनों में कुल 12 यात्राएं — संजय वन, महरौली, सुल्तान गढ़ी, तुगलकाबाद, डियर पार्क/हौज खास और उत्तरी रिज पर।
इस पहल की परिकल्पना उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने की और यह दिल्ली मास्टर प्लान 2047 के अनुरूप है।

दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) और भारतीय राष्ट्रीय कला एवं सांस्कृतिक विरासत ट्रस्ट (इंटैक) मिलकर 14 नवंबर 2026 को संजय वन में एक निर्देशित हेरिटेज वॉक का आयोजन करेंगे, जो दिल्ली के प्रारंभिक मध्ययुगीन इतिहास की झलक जनता के सामने पेश करेगी। यह इस श्रृंखला की दूसरी पैदल यात्रा है, जिसकी परिकल्पना उपराज्यपाल एवं डीडीए अध्यक्ष तरनजीत सिंह संधू ने की है।

मुख्य घटनाक्रम

डीडीए के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, इस हेरिटेज वॉक में पाँच ऐतिहासिक स्थलों को शामिल किया जाएगा — ऐतिहासिक कुआं, विशाल किला, छोटा किला, छोटे किले के पास का बुर्ज और लाल कोट की दीवार। ये सभी संरचनाएं दिल्ली की सबसे पुरानी किलेबंद राजधानी के महत्वपूर्ण प्रमाण मानी जाती हैं। भागीदारी शुल्क ₹500 प्रति व्यक्ति (प्लस जीएसटी) निर्धारित की गई है।

संरक्षण एवं जीर्णोद्धार कार्य

डीडीए ने इन स्थलों पर व्यापक संरक्षण कार्य किए हैं। ऐतिहासिक कुएं पर चिनाई की मरम्मत की गई, शाफ्ट से मलबा हटाया गया और मौसम से सुरक्षा के लिए पारंपरिक शैली का लकड़ी का आश्रय स्थापित किया गया, ताकि उसका ऐतिहासिक स्वरूप बना रहे।

विशाल किले में जीर्णोद्धार के माध्यम से मौजूदा संरचना को स्थिर किया गया और विशिष्ट क्षेत्रों की खुदाई से कई ऐतिहासिक परतें उजागर हुईं। इससे अब आगंतुक स्थिर प्राचीरों पर चलकर और खुदाई किए गए हिस्सों का अन्वेषण करके इस विरासत को प्रत्यक्ष रूप से अनुभव कर सकते हैं। छोटे किले का भी हाल ही में डीडीए द्वारा संरक्षण किया गया है और यह एलजी रॉक कैफे के निकट स्थित है, जहाँ प्रतिदिन बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं।

एमओयू और श्रृंखला की रूपरेखा

उपराज्यपाल संधू के मार्गदर्शन में डीडीए ने इंटैक (दिल्ली शाखा) के साथ छह महीने के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस एमओयू के अंतर्गत 6 महीनों में 12 निर्देशित पैदल यात्राएं आयोजित की जाएंगी — प्रत्येक माह दो यात्राएं, छह स्थानों पर: संजय वन, महरौली पुरातत्व पार्क, सुल्तान गढ़ी, तुगलकाबाद, डियर पार्क/हौज खास और उत्तरी रिज।

इंटैक दिल्ली चैप्टर, डीडीए के समन्वय से मार्गों और विषयों का निर्धारण करेगा, व्याख्यात्मक सामग्री विकसित करेगा और विरासत विशेषज्ञों व गाइडों की व्यवस्था करेगा। गौरतलब है कि इस श्रृंखला की पहली यात्रा 24 अक्टूबर को महरौली पुरातत्व पार्क में आयोजित की गई थी।

व्यापक उद्देश्य और दिल्ली मास्टर प्लान से संबंध

यह पहल दिल्ली मास्टर प्लान 2047 के अनुरूप है, जो सुनियोजित और टिकाऊ शहरी विकास के साथ-साथ विरासत संरक्षण, विरासत मार्गों, सांस्कृतिक सर्किटों और सार्वजनिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करती है। यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली के अनेक मध्ययुगीन स्मारक उपेक्षा और अतिक्रमण का सामना कर रहे हैं।

उपराज्यपाल संधू ने इससे पहले संजय वन में स्वयं एक हेरिटेज वॉक का नेतृत्व किया था, जिसके दौरान दिल्ली रिज पर केंद्रित एक ई-बुक का विमोचन भी किया गया था। उन्होंने डीडीए को शहर की पारिस्थितिकी के संरक्षण, ऐतिहासिक संरचनाओं की रक्षा और विरासत को जनता के लिए सुलभ बनाने पर ध्यान केंद्रित करने का निर्देश दिया था। यह श्रृंखला उन्हीं निर्देशों का व्यावहारिक क्रियान्वयन है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि दिल्ली के अनदेखे मध्ययुगीन स्थलों को मुख्यधारा में लाने का प्रयास है। असली सवाल यह है कि ₹500 के शुल्क के साथ यह आयोजन किस तबके तक पहुँच पाएगा — क्या यह वास्तव में जन-भागीदारी की पहल होगी या शहरी अभिजात वर्ग का सप्ताहांत आयोजन बनकर रह जाएगी। दिल्ली में सैकड़ों मध्ययुगीन संरचनाएं अतिक्रमण और उपेक्षा से जूझ रही हैं; यदि यह श्रृंखला सामुदायिक जागरूकता और नियमित संरक्षण निगरानी को जोड़ सके, तो यह एक स्थायी मॉडल बन सकती है।
RashtraPress
1 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

संजय वन हेरिटेज वॉक में क्या देखने को मिलेगा?
14 नवंबर को होने वाली इस वॉक में पाँच स्थल शामिल होंगे — ऐतिहासिक कुआं, विशाल किला, छोटा किला, छोटे किले के पास का बुर्ज और लाल कोट की दीवार। ये सभी दिल्ली के प्रारंभिक मध्ययुगीन इतिहास और इसकी सबसे पुरानी किलेबंद राजधानी के महत्वपूर्ण प्रमाण हैं।
हेरिटेज वॉक में भाग लेने का शुल्क कितना है?
भागीदारी शुल्क ₹500 प्रति व्यक्ति प्लस जीएसटी है। यह डीडीए और इंटैक के बीच हुए एमओयू के तहत आयोजित की जा रही निर्देशित श्रृंखला का हिस्सा है।
डीडीए और इंटैक के बीच एमओयू में क्या है?
दोनों संस्थाओं के बीच छह महीने का समझौता ज्ञापन (एमओयू) हस्ताक्षरित हुआ है, जिसके तहत छह स्थलों पर कुल 12 निर्देशित यात्राएं होंगी — प्रत्येक माह दो। इंटैक दिल्ली चैप्टर मार्ग निर्धारण, व्याख्यात्मक सामग्री और विशेषज्ञ गाइड की व्यवस्था करेगा।
इस श्रृंखला में कौन-कौन से स्थल शामिल हैं?
छह महीनों में संजय वन, महरौली पुरातत्व पार्क, सुल्तान गढ़ी, तुगलकाबाद, डियर पार्क/हौज खास और उत्तरी रिज पर यात्राएं होंगी। श्रृंखला की पहली यात्रा 24 अक्टूबर को महरौली पुरातत्व पार्क में हो चुकी है।
यह पहल किसने शुरू की और इसका उद्देश्य क्या है?
इस पहल की परिकल्पना उपराज्यपाल एवं डीडीए अध्यक्ष तरनजीत सिंह संधू ने की है। इसका उद्देश्य दिल्ली की ऐतिहासिक संरचनाओं को जनता के लिए सुलभ बनाना और दिल्ली मास्टर प्लान 2047 के अनुरूप विरासत संरक्षण को बढ़ावा देना है।
राष्ट्र प्रेस
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