चांदनी चौक टाउन हॉल बनेगा 'ग्लोबल हेरिटेज सेंटर', DTTDC-MCD के बीच 30 साल का MOU
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली सरकार के पर्यटन विभाग की नोडल एजेंसी दिल्ली पर्यटन एवं परिवहन विकास निगम (DTTDC) और दिल्ली नगर निगम (MCD) के बीच 20 सितंबर 2026 को एक ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन (MOU) पर हस्ताक्षर हुए, जिसके तहत चांदनी चौक स्थित टाउन हॉल परिसर को 'ग्लोबल हेरिटेज सेंटर' के रूप में पुनर्विकसित किया जाएगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की उपस्थिति में दिल्ली सचिवालय में संपन्न इस कार्यक्रम में पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा और दिल्ली के मेयर प्रवेश वाही भी मौजूद रहे।
परियोजना का दायरा और विरासत परिसर
MOU के अंतर्गत टाउन हॉल, प्रेस बिल्डिंग और उससे संलग्न पार्क — तीनों को एक एकीकृत 'ग्लोबल हेरिटेज सेंटर' के रूप में विकसित किया जाएगा। यह परिसर लगभग 12,180 वर्गमीटर क्षेत्रफल में फैला है और ग्रेड-I विरासत का दर्जा प्राप्त है। इसका निर्माण 1860 से 1866 के बीच हुआ था और यह शाहजहानाबाद के ऐतिहासिक क्षेत्र का अभिन्न हिस्सा है।
गौरतलब है कि वर्ष 2010 में नगर निगम का मुख्यालय इस परिसर से स्थानांतरित होकर मिंटो रोड स्थित नए डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी सिविक सेंटर में चला गया था। तब से यह ऐतिहासिक परिसर काफी हद तक खाली पड़ा था। MOU के अनुसार परिसर का स्वामित्व MCD के पास ही बना रहेगा।
अनुकूली पुन:उपयोग की रणनीति
परियोजना का मूल दर्शन 'एडैप्टिव रीयूज' है — अर्थात भवन की ऐतिहासिक और स्थापत्य पहचान से कोई समझौता किए बिना उसे वर्तमान पर्यटन और सांस्कृतिक आवश्यकताओं के अनुरूप बनाना। प्रस्तावित केंद्र में संग्रहालय, सांस्कृतिक गतिविधि स्थल और पर्यटन सुविधाएँ विकसित करने की योजना है।
यह परिसर चांदनी चौक और पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन जैसे अत्यधिक व्यस्त क्षेत्रों के निकट स्थित होने के कारण देशी-विदेशी पर्यटकों के लिए एक नया प्रमुख आकर्षण बन सकता है। DTTDC को परियोजना का सर्वे, संरचनात्मक मूल्यांकन और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने की ज़िम्मेदारी सौंपी गई है।
वित्त पोषण और प्रशासनिक ढाँचा
DPR तैयार होने के बाद परियोजना को सार्वजनिक निवेश अथवा पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के माध्यम से विकसित करने का निर्णय लिया जाएगा। प्रगति की नियमित समीक्षा के लिए DTTDC और MCD के प्रतिनिधियों का एक संयुक्त कार्य समूह गठित किया जाएगा। MOU की प्रारंभिक अवधि 30 वर्ष है, जिसे आपसी सहमति से 30 वर्ष और बढ़ाया जा सकता है। टाउन हॉल से जुड़ी विरासत सामग्री, अभिलेखागार, कलाकृतियाँ और ऐतिहासिक अभिलेख MCD के पास ही रहेंगे।
सरकार की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, 'चांदनी चौक का ऐतिहासिक टाउन हॉल केवल भवन नहीं, बल्कि दिल्ली के समृद्ध इतिहास और विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ग्लोबल हेरिटेज सेंटर के रूप में विकसित होने के बाद यह परिसर देश-दुनिया से आने वाले पर्यटकों को पुरानी दिल्ली की संस्कृति और इतिहास से परिचित कराने का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा।' गुप्ता ने इस पहल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत' के विजन के अनुरूप बताया।
पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि इस परियोजना से चांदनी चौक क्षेत्र में विरासत पर्यटन को नया आयाम मिलेगा और ऐतिहासिक धरोहरों को देशी-विदेशी पर्यटकों के लिए अधिक आकर्षक बनाया जाएगा।
आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार दोनों पुरानी दिल्ली के पुनरुद्धार पर ज़ोर दे रही हैं। DPR तैयार होने के बाद निवेश मॉडल तय होगा और संयुक्त कार्य समूह परियोजना की समयसीमा निर्धारित करेगा। यदि यह परियोजना समयबद्ध तरीके से क्रियान्वित होती है, तो चांदनी चौक एक बार फिर वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर अपनी अलग पहचान बना सकता है।