पुरानी दिल्ली पुनर्विकास: शाहजहानाबाद कॉरपोरेशन बना IVPN, CM रेखा गुप्ता ने चांदनी चौक को दी सर्वोच्च प्राथमिकता
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 9 जुलाई 2025 को पुरानी दिल्ली के समग्र पुनर्विकास को नई दिशा देते हुए शाहजहानाबाद रिडेवलपमेंट कॉरपोरेशन का नाम बदलकर इंद्रप्रस्थ विरासत पुनर्विकास निगम (IVPN) करने की घोषणा की। निगम की वार्षिक आम बैठक (AGM) की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि चांदनी चौक के पुनर्विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी और विरासत संरक्षण व आधुनिक नागरिक सुविधाओं को एकीकृत दृष्टिकोण से आगे बढ़ाया जाएगा।
निगम का पुनर्गठन और नई पहचान
दिल्ली सरकार ने पुरानी दिल्ली के संरक्षण एवं पुनर्विकास के लिए गठित शाहजहानाबाद रिडेवलपमेंट कॉरपोरेशन को इंद्रप्रस्थ विरासत पुनर्विकास निगम (IVPN) के रूप में पुनर्गठित किया है। AGM में शहरी विकास मंत्री एवं निगम के उपाध्यक्ष आशीष सूद और प्रबंध निदेशक संदीप कुमार सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। यह बैठक ऐसे समय में आयोजित की गई जब 7.12 वर्ग किलोमीटर में फैले इस 350 वर्ष से अधिक पुराने ऐतिहासिक शहर के विकास की माँग लंबे समय से उठती रही है।
चांदनी चौक पुनर्विकास की मुख्य योजनाएँ
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि चांदनी चौक का डिज़ाइन इस प्रकार तैयार किया जाए जिससे इसकी ऐतिहासिक पहचान, पारंपरिक स्वरूप और सांस्कृतिक गरिमा स्पष्ट रूप से परिलक्षित हो। प्रतिदिन लाखों लोगों की आवाजाही को देखते हुए आधुनिक सार्वजनिक शौचालय (टॉयलेट ब्लॉक) और नागरिक सुविधाओं का विस्तार करने के निर्देश दिए गए। पर्यटकों की सहायता के लिए एक समर्पित कंट्रोल रूम स्थापित करने और व्यवस्थित पार्किंग सुविधाओं के विकास पर भी विशेष बल दिया गया।
ऐतिहासिक टाउन हॉल के पुनर्विकास की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि इसका एक प्रमुख प्रवेश एवं निकास द्वार चांदनी चौक की ओर से विकसित किया जाए, ताकि यह इमारत एक प्रमुख विरासत एवं पर्यटन केंद्र के रूप में उभर सके। इसके अतिरिक्त यमुना बाजार स्थित हनुमान मंदिर, जामा मस्जिद क्षेत्र और पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन के सामने स्थित श्यामा प्रसाद मुखर्जी मार्ग के सौंदर्यीकरण एवं पुनर्विकास की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश भी दिए गए।
व्यापारियों और स्थानीय हितों का संरक्षण
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि चांदनी चौक का विकास यहाँ के बाजारों, व्यापारियों, दुकानदारों, पर्यटकों और स्थानीय निवासियों के हितों को ध्यान में रखकर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जब से चांदनी चौक का विकास हुआ है, तभी से यहाँ बाजार विकसित हुआ था, इसलिए इसका गौरव वापस लौटाने में व्यापारियों की भागीदारी अनिवार्य है। बैठक में विरासत संरक्षण और व्यापारिक गतिविधियों के बीच संतुलन स्थापित करने पर विशेष जोर दिया गया।
विशेषज्ञों की भागीदारी और एकीकृत दृष्टिकोण
शहरी विकास मंत्री आशीष सूद ने बैठक में घोषणा की कि पुनर्विकास योजनाओं के निर्माण और क्रियान्वयन में इतिहासकारों, विरासत संरक्षण विशेषज्ञों और स्थापत्य विशेषज्ञों का सहयोग लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इससे बाजार का मूल ऐतिहासिक स्वरूप और पारंपरिक वास्तुकला सुरक्षित रखते हुए आधुनिक नागरिक सुविधाओं का समुचित विकास सुनिश्चित किया जा सकेगा। गौरतलब है कि पुरानी दिल्ली में 1 विश्व धरोहर स्थल, 10 राष्ट्रीय संरक्षित स्मारक, 10 राज्य संरक्षित स्मारक और 700 से अधिक स्थानीय स्तर पर संरक्षित विरासत स्थल मौजूद हैं।
IVPN के तहत ऐतिहासिक भवनों के संरक्षण, आधारभूत ढाँचे के आधुनिकीकरण, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, यातायात प्रबंधन और पर्यटन सुविधाओं के विस्तार को एकीकृत ढाँचे में शामिल किया जाएगा।
आगे की राह
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली की ऐतिहासिक विरासत केवल सांस्कृतिक पहचान नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक अमूल्य धरोहर है। उनका लक्ष्य है कि पुरानी दिल्ली एक विश्वस्तरीय विरासत क्षेत्र के रूप में अपनी नई पहचान स्थापित करे। अधिकारियों के अनुसार विभिन्न क्षेत्रों के लिए विस्तृत ब्लू प्रिंट तैयार करने का कार्य शीघ्र प्रारंभ होगा।