टीवीके विधायक को ₹35 करोड़ रिश्वत मामले में सिंगापुर कारोबारी लक्ष्मण पेरुमल के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु पुलिस ने सिंगापुर स्थित कारोबारी लक्ष्मण पेरुमल के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया है। यह कार्रवाई तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) के विधायक को राज्य सरकार के विरुद्ध मतदान करने के लिए कथित तौर पर ₹35 करोड़ की रिश्वत देने की साजिश से जुड़े मामले में की गई है। जाँच अधिकारी इस हाई-प्रोफाइल मामले की जाँच का दायरा लगातार बढ़ा रहे हैं।
मामले की पृष्ठभूमि
यह मामला TVK के उथंगराई विधायक एन. इलैयाराजा द्वारा 29 जून को चेन्नई पुलिस कमिश्नर के समक्ष दर्ज कराई गई शिकायत से शुरू हुआ। विधायक ने आरोप लगाया कि विधानसभा में प्रस्तावित प्रस्ताव के दौरान स्पीकर के खिलाफ मतदान करने के बदले उन्हें ₹35 करोड़ की पेशकश की गई थी और प्रस्ताव ठुकराने पर धमकी भी दी गई थी। इस शिकायत के आधार पर ट्रिपलिकेन पुलिस ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज की।
लक्ष्मण पेरुमल की कथित भूमिका
पुलिस के अनुसार, लक्ष्मण पेरुमल — जो कथित तौर पर सिंगापुर में रह रहे हैं — पर इस साजिश में अहम भूमिका निभाने का संदेह है। जाँचकर्ताओं का आरोप है कि उन्होंने महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य नष्ट करने की कोशिश की। पुलिस का दावा है कि सिंगापुर से ही उन्होंने एक होटल के सीसीटीवी फुटेज को हटवाया और विधायक के साथ हुई बातचीत से जुड़ी व्हाट्सऐप चैट भी मिटा दी।
फोरेंसिक विशेषज्ञ उपलब्ध इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड और संचार डेटा की जाँच कर घटनाओं का क्रम स्थापित करने में जुटे हैं। पुलिस का मानना है कि पेरुमल के उन व्यक्तियों से सीधे संबंध थे जो विधायक को सरकार के विरुद्ध वोट दिलाने की साजिश में शामिल थे।
मुख्य आरोपी और राजनीतिक कड़ियाँ
जाँच के दौरान पुलिस ने आरोप लगाया कि मुख्य आरोपी थिरुनावुक्करसु ने तमिलनाडु के पूर्व मंत्री वी. सेंथिल बालाजी और उनके भाई आर.वी. अशोक कुमार के कहने पर विधायक इलैयाराजा से संपर्क किया था। यह आरोप मामले को राजनीतिक दृष्टि से और अधिक संवेदनशील बनाते हैं।
इस बीच, मद्रास उच्च न्यायालय ने बुधवार को सेंथिल बालाजी और अशोक कुमार को अग्रिम जमानत प्रदान की और उन्हें जाँच में सहयोग करने तथा आवश्यकता पड़ने पर जाँच अधिकारी के समक्ष उपस्थित होने का निर्देश दिया।
लुकआउट सर्कुलर का उद्देश्य
लुकआउट सर्कुलर इसलिए जारी किया गया है ताकि यदि लक्ष्मण पेरुमल भारत में प्रवेश करने या यहाँ से बाहर जाने का प्रयास करें, तो आव्रजन अधिकारी तुरंत जाँच एजेंसी को सतर्क कर सकें। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि उन्हें सही कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से भारत लाने के प्रयास भी जारी हैं।
जाँच की स्थिति और आगे की राह
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जाँच पूरी तरह सक्रिय है और लक्ष्मण पेरुमल समेत अन्य आरोपियों का पता लगाने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। यह मामला तमिलनाडु की राजनीति में विधायक खरीद-फरोख्त के कथित प्रयासों को लेकर गहरी चिंता उत्पन्न करता है और आने वाले दिनों में इसके और अधिक खुलासे होने की संभावना है।