सेलम यौन उत्पीड़न मामला: कनिमोझी ने माँगी सख्त कार्रवाई, टीवीके ने आरोपी से नाता नकारा
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु के सेलम में सामने आए कथित यौन उत्पीड़न मामले ने राजनीतिक हलचल पैदा कर दी है। द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) की उप महासचिव और सांसद कनिमोझी ने निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है, जबकि तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) ने गिरफ्तार आरोपी से किसी भी संगठनात्मक संबंध से साफ इनकार किया है। पुलिस ने 40 वर्षीय किराना दुकानदार एम. मणिकंदन को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
मामले का खुलासा कैसे हुआ
मामला तब सार्वजनिक हुआ जब पीड़िता का एक ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। ऑडियो में महिला ने आरोप लगाया कि सेलम के कोंडलमपट्टी स्थित चिन्ना पुथुर निवासी मणिकंदन — जो कथित तौर पर खुद को TVK समर्थक बताता था — ने उसका यौन शोषण किया और रिकॉर्ड किए गए वीडियो के ज़रिए उसे ब्लैकमेल करता रहा। महिला के अनुसार, कुछ महीने पहले उसने आरोपी के मोबाइल फोन में 50 से अधिक महिलाओं के अश्लील वीडियो देखे थे और उस समय उन्हें डिलीट कर दिया था।
गिरफ्तारी और न्यायिक कार्रवाई
सेलम शहर पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद शुक्रवार देर रात मणिकंदन को गिरफ्तार किया। उस पर कथित यौन उत्पीड़न, घटना को मोबाइल में रिकॉर्ड करने और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देने के आरोप हैं। पुलिस ने उसे अदालत में पेश किया, जहाँ से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। जांच के दौरान आरोपी का मोबाइल फोन ज़ब्त किया गया, जिसमें तीन अश्लील वीडियो क्लिप मिलने की बात सामने आई है। पुलिस इन वीडियो में दिखाई दे रही महिलाओं की पहचान करने का प्रयास कर रही है।
कनिमोझी की माँग और राजनीतिक प्रतिक्रिया
सांसद कनिमोझी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि TVK समर्थक बताए जा रहे एक व्यक्ति द्वारा 50 से अधिक महिलाओं को कथित रूप से धमकाने और उनके अश्लील वीडियो बनाने की खबर बेहद चौंकाने वाली है। उन्होंने पोल्लाची यौन उत्पीड़न मामले का संदर्भ देते हुए कहा कि सरकार का ध्यान दोषियों को बचाने के बजाय निष्पक्ष जांच और उन्हें सज़ा दिलाने पर होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि सभी पीड़ित महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए और उन्हें न्याय मिलना चाहिए।
TVK का स्पष्टीकरण
TVK के सेलम दक्षिण जिला सचिव आर.एस. मणिकंदन ने बयान जारी कर स्पष्ट किया कि गिरफ्तार व्यक्ति पार्टी की संगठनात्मक संरचना का सदस्य नहीं है और न ही उसके पास कोई आधिकारिक पद है। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब तमिलनाडु में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर पहले से ही राजनीतिक बहस तेज़ है।
जांच की स्थिति
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि क्या इस प्रकरण में और भी महिलाएं पीड़ित हुई हैं। गौरतलब है कि पोल्लाची मामले में भी शुरुआत में आरोपियों के राजनीतिक संबंधों पर सवाल उठे थे, और जांच में देरी को लेकर आलोचना हुई थी। इस बार भी पीड़िताओं की पहचान और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना जांच एजेंसियों के सामने प्राथमिक चुनौती है।