टीवीके विधायक को लुभाने की साजिश: चेन्नई पुलिस ने यूट्यूबर समेत तीन को गिरफ्तार, डीएमके पदाधिकारी भी शामिल
सारांश
मुख्य बातें
चेन्नई पुलिस ने बुधवार, 1 जुलाई 2026 को सत्तारूढ़ तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) के विधायकों को पार्टी छोड़ने के लिए उकसाने की कथित साजिश के मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार व्यक्तियों में एक यूट्यूबर और करूर के दो स्थानीय द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) पदाधिकारी शामिल हैं। यह मामला कृष्णगिरि जिले के उथंगराई विधानसभा क्षेत्र के विधायक एन. एलैयाराजा की शिकायत पर दर्ज किया गया है।
मामले की पृष्ठभूमि
विधायक एन. एलैयाराजा ने शिकायत में आरोप लगाया कि उन्हें सत्ताधारी TVK छोड़ने के लिए बार-बार मनाने की कोशिश की गई। उनके अनुसार, यूट्यूबर आई.पी.डी.एस. थिरुनावुक्करसु ने उनसे कई बार संपर्क किया, बातचीत की और उनका समर्थन हासिल करने के लिए कथित तौर पर धमकी भी दी। इस शिकायत के आधार पर चेन्नई की ट्रिपलिकेन पुलिस ने मामला दर्ज कर थिरुनावुक्करसु को हिरासत में ले लिया।
मुख्य गिरफ्तारियाँ और खुलासे
पूछताछ के दौरान थिरुनावुक्करसु ने कथित तौर पर करूर के दो व्यक्तियों की भूमिका का खुलासा किया, जिन्होंने विधायक के साथ बातचीत में हिस्सा लिया था। इस जानकारी के आधार पर चेन्नई पुलिस की एक टीम करूर रवाना हुई और कार्तिक तथा रमेश को गिरफ्तार किया। दोनों की पहचान स्थानीय DMK पदाधिकारियों के रूप में हुई है, जो 'शक्ति मेस' नाम का रेस्तरां संचालित करते हैं।
पुलिस के अनुसार, दोनों गिरफ्तार व्यक्ति तमिलनाडु के पूर्व मंत्री वी. सेंथिल बालाजी के करीबी सहयोगी माने जाते हैं और करूर में उनके व्यावसायिक हितों से जुड़े बताए जाते हैं। उल्लेखनीय है कि कार्तिक DMK की स्पोर्ट्स विंग के डिप्टी सेक्रेटरी भी हैं।
तलाशी और नकदी बरामदगी
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपियों के घरों और उनसे जुड़े अन्य ठिकानों पर छापेमारी की। अधिकारियों ने पुष्टि की कि तलाशी के दौरान नकदी बरामद की गई, हालांकि सटीक राशि का आधिकारिक खुलासा नहीं किया गया है। जाँचकर्ता यह पता लगाने में जुटे हैं कि क्या यह धनराशि चुने हुए प्रतिनिधियों को प्रभावित करने की कथित कोशिश से जुड़ी है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया और व्यापक आरोप
यह गिरफ्तारी मंत्री निर्मल कुमार के उस बयान के ठीक एक दिन बाद हुई, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि TVK विधायकों को लालच देकर सरकार को अस्थिर करने की कोशिशें की जा रही हैं। जाँचकर्ता उन दावों की पड़ताल कर रहे हैं कि तीन TVK विधायकों को निशाना बनाया गया और उनमें से प्रत्येक को पाला बदलने के लिए कथित तौर पर ₹15 करोड़ की पेशकश की गई थी।
यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब TVK सरकार पर विपक्षी दलों का राजनीतिक दबाव बना हुआ है। पूर्व मंत्री सेंथिल बालाजी के करीबी माने जाने वाले DMK पदाधिकारियों की गिरफ्तारी ने इस मामले को और संवेदनशील बना दिया है।
आगे की जाँच
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जाँचकर्ता यह भी पता लगा रहे हैं कि क्या गिरफ्तार व्यक्तियों ने स्वतंत्र रूप से काम किया या किसी और के निर्देश पर। इस कथित साजिश में शामिल अन्य संभावित आरोपियों की पहचान के लिए जाँच जारी है।