26 जुलाई 2026
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टीवीके को बड़ा झटका: चेन्नई के 25 से अधिक स्थानीय पदाधिकारियों ने पार्टी छोड़ डीएमके का दामन थामा

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टीवीके को बड़ा झटका: चेन्नई के 25 से अधिक स्थानीय पदाधिकारियों ने पार्टी छोड़ डीएमके का दामन थामा

सारांश

टीवीके के लिए जमीनी स्तर पर बड़ा संकट — चेन्नई के 25 से अधिक स्थानीय पदाधिकारियों ने सामूहिक इस्तीफा देकर डीएमके का दामन थाम लिया। उपेक्षा और असंतोष की यह कहानी दर्शाती है कि विजय की पार्टी के लिए कार्यकर्ताओं को बनाए रखना कितनी बड़ी चुनौती है।

मुख्य बातें

चेन्नई के 25 से अधिक टीवीके स्थानीय पदाधिकारियों ने 26 जुलाई 2026 को पार्टी से इस्तीफा दिया।
सभी नेता सैदापेट में आयोजित कार्यक्रम में डीएमके में शामिल हुए; स्वागत वरिष्ठ नेता मा.
नेतृत्व पुजुथिवक्कम वार्ड-186 के पूर्व संयुक्त सचिव संतोष ने किया; वार्ड-186 के करीब 30 सदस्य शामिल।
आरोप: पुराने कार्यकर्ताओं की उपेक्षा, नए सदस्यों को अधिक तरजीह, शिकायतों पर ध्यान नहीं।
संतोष ने कहा, विजय के आकर्षण में टीवीके से जुड़े थे, लेकिन अपेक्षाएँ पूरी न होने पर मोहभंग हुआ।

तमिलगा वेत्री कड़गम (टीवीके) को 26 जुलाई 2026 को जमीनी स्तर पर गंभीर झटका लगा, जब चेन्नई के 25 से अधिक स्थानीय पदाधिकारियों ने पार्टी से सामूहिक इस्तीफा देकर द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) की सदस्यता ग्रहण कर ली। इन नेताओं ने आरोप लगाया कि वर्षों तक पार्टी संगठन को मजबूत करने के बावजूद उन्हें न उचित सम्मान मिला और न ही कोई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी।

मुख्य घटनाक्रम

डीएमके में शामिल होने का यह कार्यक्रम सैदापेट में आयोजित किया गया, जहाँ वरिष्ठ डीएमके नेता एवं पूर्व मंत्री मा. सुब्रमणियन ने सभी नए सदस्यों का औपचारिक स्वागत किया। इस समूह का नेतृत्व पुजुथिवक्कम के वार्ड-186 इकाई के पूर्व संयुक्त सचिव संतोष ने किया। उनके साथ वार्ड युवा विंग के संयोजक शिवनेसन, क्षेत्रीय कोषाध्यक्ष कार्तिक और कई अन्य जमीनी पदाधिकारी भी डीएमके में शामिल हुए।

नेताओं के आरोप

मीडिया से बातचीत में संतोष ने बताया कि वार्ड-186 के करीब 30 सदस्यों ने सामूहिक रूप से टीवीके से इस्तीफा देकर डीएमके की सदस्यता ली है। उन्होंने कहा कि पार्टी की स्थापना के समय से संगठन को मजबूत करने वाले पुराने कार्यकर्ताओं को लगातार नजरअंदाज किया गया, जबकि हाल में शामिल हुए लोगों को अधिक महत्व और जिम्मेदारियाँ दी गईं। संतोष के अनुसार, वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने कई बार अपनी शिकायतें पार्टी नेतृत्व के सामने रखीं, परंतु उन पर कोई ध्यान नहीं दिया गया।

विजय के आकर्षण से मोहभंग तक

संतोष ने स्वीकार किया कि अभिनेता से मुख्यमंत्री बने विजय के प्रति आकर्षण के कारण वह टीवीके से जुड़े थे। हालाँकि, समर्पित कार्यकर्ताओं की अपेक्षाएँ पूरी न होने पर उनका मोहभंग हुआ। यह ऐसे समय में आया है जब टीवीके तमिलनाडु में अपनी जमीनी पकड़ को विस्तार देने की कोशिश में है और पार्टी संगठन को व्यापक आधार देने पर जोर दे रही है।

डीएमके में शामिल होने की वजह

संतोष ने कहा कि वह डीएमके के मजबूत संगठन और कार्यप्रणाली से हमेशा प्रभावित रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि डीएमके के मंच से वह और उनके साथी जनता के हित में अधिक प्रभावी ढंग से काम कर सकेंगे।

राजनीतिक परिदृश्य

गौरतलब है कि तमिलनाडु में जमीनी स्तर पर अपनी पकड़ मजबूत करने को लेकर सत्तारूढ़ टीवीके और विपक्षी डीएमके के बीच राजनीतिक प्रतिस्पर्धा लगातार तेज होती जा रही है। यह घटना दर्शाती है कि नवगठित दलों के लिए जमीनी कार्यकर्ताओं को दीर्घकाल तक संतुष्ट रखना एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। आने वाले दिनों में टीवीके नेतृत्व की प्रतिक्रिया और संगठनात्मक सुधारों पर सबकी नजरें टिकी रहेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन संगठनात्मक प्रबंधन उस अपेक्षा पर खरा नहीं उतरा। डीएमके के लिए यह एक सुनियोजित राजनीतिक अवसर है — वह न केवल टीवीके को कमजोर कर रही है, बल्कि अनुभवी जमीनी कार्यकर्ताओं को अपने पाले में ला रही है। असली सवाल यह है कि क्या टीवीके नेतृत्व इस चेतावनी से सबक लेगा या यह पलायन और बड़े संकट की शुरुआत मात्र है।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

टीवीके के पदाधिकारियों ने पार्टी क्यों छोड़ी?
इन पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि वर्षों तक संगठन के लिए काम करने के बावजूद उन्हें पार्टी में न उचित सम्मान मिला और न ही महत्वपूर्ण जिम्मेदारी। उनका कहना है कि पुराने कार्यकर्ताओं की बजाय हाल में शामिल हुए लोगों को अधिक तरजीह दी गई और शिकायतों पर ध्यान नहीं दिया गया।
कितने टीवीके नेता डीएमके में शामिल हुए और कहाँ?
चेन्नई के 25 से अधिक स्थानीय पदाधिकारी 26 जुलाई 2026 को सैदापेट में आयोजित कार्यक्रम में डीएमके में शामिल हुए। वार्ड-186 के करीब 30 सदस्यों ने सामूहिक रूप से यह कदम उठाया।
इस समूह का नेतृत्व किसने किया?
इस समूह का नेतृत्व पुजुथिवक्कम के वार्ड-186 इकाई के पूर्व संयुक्त सचिव संतोष ने किया। उनके साथ वार्ड युवा विंग के संयोजक शिवनेसन और क्षेत्रीय कोषाध्यक्ष कार्तिक भी शामिल थे।
डीएमके में इनका स्वागत किसने किया?
वरिष्ठ डीएमके नेता एवं पूर्व मंत्री मा. सुब्रमणियन ने सैदापेट कार्यक्रम में सभी नए सदस्यों का पार्टी में औपचारिक स्वागत किया।
टीवीके और डीएमके के बीच राजनीतिक प्रतिस्पर्धा की स्थिति क्या है?
तमिलनाडु में जमीनी स्तर पर पकड़ मजबूत करने को लेकर सत्तारूढ़ टीवीके और विपक्षी डीएमके के बीच प्रतिस्पर्धा लगातार तेज हो रही है। यह सामूहिक पलायन उस प्रतिस्पर्धा का ताजा उदाहरण है जिसमें डीएमके ने टीवीके के असंतुष्ट कार्यकर्ताओं को अपने पाले में करने में सफलता पाई।
राष्ट्र प्रेस
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