टीवीके में 2,500 नेताओं का प्रवेश: पूर्व एआईएडीएमके मंत्री गोमति श्रीनिवासन समेत बड़े चेहरे शामिल
सारांश
मुख्य बातें
तमिलगा वेत्री कड़गम (टीवीके) ने 20 जून 2026 को चेन्नई के पनैयूर स्थित पार्टी मुख्यालय में एक बड़े सदस्यता समारोह का आयोजन किया, जिसमें विभिन्न राजनीतिक दलों के करीब 2,500 नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। सबसे उल्लेखनीय नाम रहा पूर्व अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (एआईएडीएमके) मंत्री गोमति श्रीनिवासन का, जिन्होंने वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में औपचारिक रूप से टीवीके की सदस्यता ली।
मुख्य घटनाक्रम
समारोह में गोमति श्रीनिवासन के अलावा फिल्म निर्देशक आर.वी. उदयकुमार और अभिनेता-राजनेता मंसूर अली खान — जो पहले एआईएडीएमके से जुड़े रहे हैं — ने भी टीवीके की सदस्यता ली। कई पूर्व विधायकों ने भी इस अवसर पर पार्टी में प्रवेश किया, जिनमें के.के. शिवासामी (अरुप्पुकोट्टई), एम.जी.एम. सुब्रमणि (तिरुवैयारु), शांति रामू (कुन्नूर) और वीरापांडियन (चेंगम) प्रमुख हैं।
इसके अतिरिक्त डीएमके युवा विंग के पूर्व पदाधिकारी वेंकटेशन, वलासरवक्कम नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष ई.सी. शेखर, पूर्व टैडको चेयरमैन कलैसेलवन और उद्योगपति वी.जी.पी. राजकुमार ने भी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।
नेताओं की प्रतिक्रिया
सदस्यता समारोह में टीवीके के महासचिव एवं मंत्री एन. आनंद के साथ मंत्री सेंगोट्टैयन, आधव अर्जुन और वेंकट रमनन भी उपस्थित रहे। मंत्री आधव अर्जुन ने नए सदस्यों का स्वागत करते हुए कहा कि पार्टी उन्हें उचित सम्मान और आगे बढ़ने के अवसर प्रदान करेगी।
पार्टी विलय का बड़ा कदम
कुंबम से टीवीके विधायक और 'आवर पीपुल्स प्रोग्रेस पार्टी' के प्रमुख जगन्नाथ मिश्रा ने भी इस अवसर पर अपनी पार्टी का टीवीके में औपचारिक विलय कर दिया। उल्लेखनीय है कि मिश्रा ने विधानसभा चुनाव टीवीके गठबंधन के उम्मीदवार के रूप में लड़ा था और जीत हासिल की थी।
टीवीके का बढ़ता संगठनात्मक विस्तार
मुख्यमंत्री विजय के नेतृत्व वाली टीवीके ने हालिया तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में 108 सीटें जीतकर पहली बार सत्ता हासिल की थी। सत्ता में आने के बाद सरकार पात्र परिवारों को 200 यूनिट मुफ्त बिजली और किसानों के लिए फसल ऋण माफी योजना जैसी घोषणाएँ कर चुकी है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, सत्ता में आने के बाद से विपक्षी दलों के नेताओं का लगातार टीवीके में शामिल होना पार्टी के बढ़ते प्रभाव का संकेत है। गौरतलब है कि इससे पहले एआईएडीएमके के चार पूर्व विधायक भी इस्तीफा देकर टीवीके में शामिल हो चुके हैं।
आगे की राह
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि नेताओं के लगातार शामिल होने और नए विलयों से टीवीके की संगठनात्मक ताकत और राज्य की राजनीति में उसकी पकड़ और मजबूत होगी। यह ऐसे समय में आया है जब पार्टी अपने चुनावी वादों को चरणबद्ध तरीके से लागू कर रही है और अगले चुनाव से पहले जमीनी स्तर पर पैठ बनाने में जुटी है।