2 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

एआईएडीएमके के दो पूर्व मंत्री 15,000 समर्थकों सहित टीवीके में शामिल, तमिलनाडु राजनीति में बड़ा उलटफेर

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
एआईएडीएमके के दो पूर्व मंत्री 15,000 समर्थकों सहित टीवीके में शामिल, तमिलनाडु राजनीति में बड़ा उलटफेर

सारांश

एआईएडीएमके के दो पूर्व मंत्रियों और 15,000 समर्थकों का टीवीके में सामूहिक प्रवेश तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा उलटफेर है। पलानीस्वामी नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए नेताओं ने 'आंसुओं के साथ' पार्टी छोड़ी — यह एआईएडीएमके के बिखराव का ताज़ा और सबसे बड़ा संकेत है।

मुख्य बातें

विजयभास्कर और एम.आर.
विजयभास्कर — एआईएडीएमके के दो पूर्व मंत्री — 3 जुलाई 2025 को तमिलगा वेट्री कझगम (टीवीके) में शामिल हुए।
उनके साथ लगभग 15,000 पार्टी पदाधिकारी और समर्थक , 208 पूर्व यूनियन सेक्रेटरी और कई पूर्व विधायक भी टीवीके में आए।
कार्यक्रम चेन्नई के निकट मल्लापुरम में हुआ; समर्थक 200 बसों और 600 से अधिक कारों में पहुँचे।
नेताओं ने एडप्पादी के.
पलानीस्वामी पर टीवीके गठबंधन सुझाव नजरअंदाज करने और डीएमके से समझौते की कोशिश का आरोप लगाया।
यह टीवीके के सत्ता में आने के बाद का सबसे बड़ा सामूहिक दल-परिवर्तन बताया जा रहा है।

अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) के पूर्व मंत्री डॉ. सी. विजयभास्कर और एम.आर. विजयभास्कर ने 3 जुलाई 2025 को लगभग 15,000 समर्थकों और पार्टी पदाधिकारियों के साथ सत्ताधारी तमिलगा वेट्री कझगम (टीवीके) की सदस्यता ग्रहण की। चेन्नई के निकट मल्लापुरम स्थित एक होटल में आयोजित इस कार्यक्रम को टीवीके के सत्ता में आने के बाद का अब तक का सबसे बड़ा राजनीतिक प्रवेश माना जा रहा है।

कार्यक्रम का स्वरूप और पैमाना

टीवीके के वरिष्ठ नेता एन. आनंद और अधव अर्जुन ने दोनों पूर्व मंत्रियों और उनके समर्थकों का पार्टी में औपचारिक स्वागत किया। आयोजकों के अनुसार, तमिलनाडु के विभिन्न जिलों से आए समर्थक लगभग 200 बसों और 600 से अधिक कारों में कार्यक्रम स्थल पहुँचे, जो इस राजनीतिक परिवर्तन की व्यापकता को दर्शाता है।

कार्यक्रम में एआईएडीएमके के कई प्रमुख पूर्व नेता भी शामिल हुए — तिरुचिरापल्ली की पूर्व मंत्री एस. वलारमथी, तिरुप्पुर के पूर्व मंत्री एम.एस.एम. आनंदन तथा पूर्व विधायक मनराज (श्रीविल्लिपुत्तूर), एम. रामकुमार (कुंभकोणम), राजावर्मन (तिरुचिरापल्ली), सत्यन प्रभाकर (परमकुडी) और तिरुज्ञानसंबंधम (पेरावुरानी) भी इस अवसर पर उपस्थित रहे।

जिला स्तर के नेताओं की भागीदारी

टीवीके में शामिल होने वालों में जिला स्तर के कई प्रमुख नेता भी सम्मिलित हैं। इनमें पी.के. वैरामुथु (पुडुकोट्टई), इलामबाई तमिलसेल्वन (पेरम्बलुर), ओराथानाडू एम. सेकर (तंजावुर) और श्रीनिवासन (तिरुचिरापल्ली) के नाम उल्लेखनीय हैं। इसके अतिरिक्त, एआईएडीएमके के 208 पूर्व यूनियन सेक्रेटरी भी इस अवसर पर टीवीके में शामिल हुए।

नेताओं ने एआईएडीएमके छोड़ने का कारण बताया

पार्टी प्रवेश से पूर्व जारी एक संयुक्त बयान में डॉ. सी. विजयभास्कर और एम.आर. विजयभास्कर ने कहा कि वे अपने पूरे राजनीतिक जीवन में एआईएडीएमके के प्रति निष्ठावान रहे और पार्टी के सबसे कठिन समय में भी उसके साथ डटे रहे। दोनों नेताओं ने बताया कि उन्होंने एआईएडीएमके के महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी से आगामी विधानसभा चुनावों से पहले टीवीके के साथ चुनावी गठबंधन बनाने का आग्रह किया था, परंतु उनके सुझाव को नजरअंदाज कर दिया गया।

दोनों नेताओं ने यह भी दावा किया कि पलानीस्वामी ने द्रविड़ मुनेत्र कषगम (डीएमके) के समर्थन से मुख्यमंत्री बनने का प्रयास किया। उन्होंने एआईएडीएमके और डीएमके के बीच किसी भी प्रकार के समझौते को 'अप्राकृतिक' और पार्टी संस्थापक एम.जी. रामचंद्रन के आदर्शों के विरुद्ध बताया। पार्टी नेतृत्व से गहरी निराशा व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने 'आंखों में आंसू लिए' एआईएडीएमके छोड़ने का यह दुखद निर्णय लिया।

तमिलनाडु की राजनीति पर असर

यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब एआईएडीएमके अपने संगठनात्मक ढाँचे को पुनर्गठित करने की कोशिश में है और टीवीके राज्य में अपनी पकड़ मजबूत कर रही है। गौरतलब है कि यह टीवीके के सत्ता में आने के बाद का सबसे बड़ा सामूहिक दल-परिवर्तन है, जो एआईएडीएमके के भीतर बढ़ते असंतोष का संकेत देता है। आने वाले विधानसभा चुनावों की पृष्ठभूमि में यह प्रवेश तमिलनाडु की राजनीतिक समीकरणों को नए सिरे से परिभाषित कर सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 समर्थकों के साथ यह सामूहिक पलायन महज एक दल-परिवर्तन नहीं — यह एआईएडीएमके के संगठनात्मक क्षरण का सार्वजनिक स्वीकारोक्ति है। पलानीस्वामी नेतृत्व पर डीएमके-समर्थन के आरोप, यदि सत्य हैं, तो वे एआईएडीएमके की वैचारिक नींव को ही कमज़ोर करते हैं — क्योंकि पार्टी की पहचान ही डीएमके-विरोध पर टिकी है। मुख्यधारा की कवरेज संख्याओं पर केंद्रित है, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या टीवीके इन नेताओं को संगठनात्मक ताकत में बदल पाएगी या यह केवल चुनावी मौसम का अवसरवाद है — इसका उत्तर अगले विधानसभा चुनाव ही देंगे।
RashtraPress
2 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एआईएडीएमके के कौन से पूर्व मंत्री टीवीके में शामिल हुए?
एआईएडीएमके के पूर्व मंत्री डॉ. सी. विजयभास्कर और एम.आर. विजयभास्कर 3 जुलाई 2025 को तमिलगा वेट्री कझगम (टीवीके) में शामिल हुए। उनके साथ लगभग 15,000 समर्थक, 208 पूर्व यूनियन सेक्रेटरी और कई पूर्व विधायक भी पार्टी में आए।
टीवीके में शामिल होने का कार्यक्रम कहाँ हुआ?
यह कार्यक्रम चेन्नई के निकट मल्लापुरम स्थित एक होटल में आयोजित किया गया। टीवीके के वरिष्ठ नेता एन. आनंद और अधव अर्जुन ने नेताओं और उनके समर्थकों का औपचारिक स्वागत किया।
नेताओं ने एआईएडीएमके क्यों छोड़ी?
दोनों नेताओं ने कहा कि उन्होंने महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी से टीवीके के साथ चुनावी गठबंधन का आग्रह किया था, जिसे नजरअंदाज किया गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि पलानीस्वामी ने डीएमके के समर्थन से मुख्यमंत्री बनने की कोशिश की, जिसे उन्होंने एमजीआर के आदर्शों के विरुद्ध बताया।
क्या यह टीवीके में अब तक का सबसे बड़ा दल-परिवर्तन है?
आयोजकों और रिपोर्टों के अनुसार, यह टीवीके के सत्ता में आने के बाद का सबसे बड़ा सामूहिक राजनीतिक प्रवेश है। लगभग 200 बसों और 600 से अधिक कारों में पहुँचे 15,000 समर्थक इस दावे को पुष्ट करते हैं।
इस घटनाक्रम का तमिलनाडु की राजनीति पर क्या असर पड़ेगा?
यह सामूहिक पलायन एआईएडीएमके के भीतर बढ़ते असंतोष और संगठनात्मक कमज़ोरी का संकेत है। आगामी विधानसभा चुनावों की पृष्ठभूमि में यह घटनाक्रम तमिलनाडु के राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित कर सकता है और टीवीके की स्थिति को और मजबूत कर सकता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 22 घंटे पहले
  2. 2 दिन पहले
  3. 1 सप्ताह पहले
  4. 3 सप्ताह पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 1 महीना पहले