क्या टीएमसी विधायक जीवन कृष्ण साहा को गिरफ्तार किया गया? दीवार कूदकर भागने की कोशिश नाकाम!

सारांश
Key Takeaways
- जीवन कृष्ण साहा की गिरफ्तारी ने पश्चिम बंगाल में भ्रष्टाचार के मुद्दे को फिर से उजागर किया है।
- ईडी की कार्रवाई से टीएमसी को नई चुनौतियाँ सामने आ रही हैं।
- जांच में भर्ती प्रक्रिया में धांधली के आरोप भी शामिल हैं।
- इस मामले से जुड़ी कई मुख्य नाम पहले ही सामने आ चुके हैं।
- साहा के खिलाफ की गई यह कार्रवाई उनके राजनीतिक भविष्य पर प्रश्न चिह्न लगा सकती है।
मुर्शिदाबाद, 25 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल में शिक्षक भर्ती भ्रष्टाचार मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) विधायक जीवन कृष्ण साहा को गिरफ्तार कर लिया है। जानकारी के अनुसार, गिरफ्तारी के समय साहा ने ईडी की टीम से बचने के लिए दीवार कूदकर भागने का प्रयास किया, लेकिन अधिकारियों ने उन्हें पकड़ने में सफलता हासिल की।
सूत्रों के अनुसार, सोमवार सुबह लगभग 7 बजे ईडी की टीम ने मुर्शिदाबाद जिले की बुर्वान विधानसभा क्षेत्र में विधायक साहा के कई स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई पश्चिम बंगाल स्कूल सर्विस कमीशन (एसएससी) शिक्षक भर्ती घोटाले से संबंधित जांच के तहत की गई।
यह उल्लेखनीय है कि जीवन कृष्ण साहा को पहले भी इस मामले में गिरफ्तार किया जा चुका है, और वे सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर जमानत पर बाहर आए थे।
जांच एजेंसियों को संदेह है कि भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं के दौरान साहा के निकटतम रिश्तेदारों और सहयोगियों की महत्वपूर्ण भूमिका थी। आरोप है कि पैसे लेकर अवैध नियुक्तियों का सिलसिला चला, और इस नेटवर्क में विधायक साहा का नाम भी शामिल है। ईडी कई वित्तीय लेन-देन और संपत्तियों की जांच कर रही है, जो इस घोटाले से जुड़ी हो सकती हैं।
इससे पहले, जीवन कृष्ण साहा को 17 अप्रैल 2023 को इस मामले में गिरफ्तार किया गया था, और 2024 में उन्हें सुप्रीम कोर्ट ने जमानत दी थी।
यह कार्रवाई पश्चिम बंगाल में चल रहे शिक्षक भर्ती घोटाले की जांच का एक हिस्सा है, जिसमें कई प्रमुख नाम पहले ही सामने आ चुके हैं। साहा के खिलाफ यह कार्रवाई टीएमसी के लिए नई चुनौतियाँ उत्पन्न कर सकती है। जांच एजेंसी अब अन्य सबूतों की गहन जांच कर रही है ताकि इस घोटाले के सम्पूर्ण नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।