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क्या यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में दीपावली को शामिल करना गौरव का क्षण है?

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क्या यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में दीपावली को शामिल करना गौरव का क्षण है?

सारांश

यूनेस्को द्वारा दीपावली को अमूर्त सांस्कृतिक विरासत में शामिल करना देश के लिए गर्व का क्षण है। सांसद अवधेश प्रसाद ने इस पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं व्यक्त की हैं। जानिए इस पर उनके विचार और भारत की सांस्कृतिक पहचान के बारे में उनकी राय।

मुख्य बातें

दीपावली का यूनेस्को में स्थान सांसद अवधेश प्रसाद की प्रतिक्रिया राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का महत्व कानून व्यवस्था की स्थिति सरकार की जिम्मेदारियां

लखनऊ, 11 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। यूनेस्को द्वारा दीपावली को अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में शामिल किए जाने पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं। समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद अवधेश प्रसाद ने इसे देश के लिए गर्व का दिन बताया।

उन्होंने राष्ट्र प्रेस से बात करते हुए कहा कि मैं सभी सम्मानित नागरिकों को बधाई देता हूं। दीपावली मनाना हमारी परंपरा है और हमारे लोग खुशी-खुशी अपने घरों में दीये जलाते हैं। यह अलग बात है कि हमारे राज्य के सीएम योगी अपने तरीके से दीपोत्सव मनाते हैं, इससे हमें कोई लेना-देना नहीं है, लेकिन वह हमें क्यों नहीं बुलाते? इसका क्या कारण है?

अवधेश प्रसाद ने आगे कहा कि दीपावली को वैश्विक पहचान मिलना भारत की सांस्कृतिक शक्ति का प्रमाण है, लेकिन राजनीति में इस मुद्दे पर भेदभाव नहीं होना चाहिए।

लोकसभा में गृह मंत्री अमित शाह के उस बयान पर कि “घुसपैठिये यह डिसाइड नहीं करेंगे कि देश का पीएम और राज्य का सीएम कौन बनेगा”, सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह बयान लोकतंत्र और सदन की परंपराओं के खिलाफ है।

उन्होंने कहा, “जहां तक घुसपैठिए का सवाल है तो देश में ऐसे लोग न घुसें, यह सरकार की जिम्मेदारी है। सरकार इस मामले में विफल रही है। अपनी जिम्मेदारियों से हटकर इस तरह के बयान देना उचित नहीं है।”

शीतकालीन सत्र के दौरान विपक्ष के नेता राहुल गांधी की प्रस्तावित विदेश यात्रा को लेकर भाजपा के हमलों पर भी सपा नेता ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “हमारे देश में आज तक जितने पीएम बने हैं, उनमें सबसे ज्यादा विदेशी दौरे पर पीएम नरेंद्र मोदी रहे हैं। इसके बावजूद हमारी विदेश नीति फेल रही है।”

अवधेश प्रसाद का कहना है कि विपक्षी नेताओं की निजी यात्राओं को मुद्दा बनाना उचित नहीं है, जबकि सरकार को अपने कामकाज पर ध्यान देना चाहिए।

उन्होंने मेरठ की हालिया घटना पर बोलते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति बेहद खराब हो चुकी है।

सपा सांसद ने कहा, “कानून का राज खत्म हो गया है, और सरकार ने अपनी विश्वसनीयता खो दी है।”

उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार अपराध रोकने में विफल रही है और जनता असुरक्षित महसूस कर रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसके साथ-साथ राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का भी ध्यान रखना चाहिए। यह समय है जब सभी पक्षों को एकजुट होकर संस्कृति की रक्षा करनी चाहिए।
RashtraPress
2 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दीपावली को यूनेस्को की सूची में शामिल करने का महत्व क्या है?
यह भारत की सांस्कृतिक विरासत का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मान है।
अवधेश प्रसाद का इस पर क्या कहना है?
उन्होंने इसे गर्व का क्षण बताया है और सभी नागरिकों को बधाई दी है।
राष्ट्र प्रेस
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