दिल्ली CM रेखा गुप्ता ने कॉलेज छात्राओं से की सीधी बात, सुरक्षा और शिक्षा सुधार का संकल्प
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 को राजधानी के विभिन्न कॉलेजों की छात्र प्रतिनिधियों के साथ एक अनौपचारिक बैठक की, जिसमें परिसर सुरक्षा, शैक्षणिक सुविधाओं और बेहतर शिक्षा व्यवस्था पर खुलकर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि छात्राओं के सुझावों को दिल्ली की आगामी युवा नीति और बजट तैयारियों में प्राथमिकता दी जाएगी।
बैठक का विवरण और छात्राओं के सुझाव
सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर अपनी पोस्ट में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, 'आज मैंने दिल्ली के अलग-अलग कॉलेजों के स्टूडेंट प्रतिनिधियों से बातचीत की। इस अनौपचारिक मीटिंग में, स्टूडेंट्स ने अपने अनुभव शेयर किए और कॉलेजों में सुरक्षा, सुविधाओं और बेहतर शिक्षा के बारे में कई कीमती सुझाव दिए।'
उन्होंने आगे कहा कि युवा पीढ़ी की सोच, नए विचार और कुछ हासिल करने का जोश 'सच में प्रेरित करता है।' मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि छात्रों के सुझावों को लागू करना प्राथमिकता होगी और नियमित संवाद का सिलसिला जारी रखा जाएगा।
युवा नीति और बजट में छात्रों की भागीदारी
रेखा गुप्ता ने कहा, 'आने वाली युवा नीति और बजट की तैयारियों में भी उनकी भागीदारी बढ़ाई जाएगी।' यह कदम ऐसे समय में आया है जब दिल्ली सरकार शिक्षा क्षेत्र में व्यापक सुधारों की दिशा में काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा, 'दिल्ली के हर स्टूडेंट को आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ना चाहिए, लीड करना चाहिए और अपने सपने पूरे करने चाहिए। उनकी हर चिंता हमारी जिम्मेदारी है और उनका उज्ज्वल भविष्य हमारा संकल्प है।'
एनसीडब्ल्यू का 'उड़ान' कार्यक्रम
इससे एक दिन पहले रविवार को, राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने मिरांडा हाउस में दिल्ली विश्वविद्यालय की नॉन-कॉलेजिएट महिला छात्राओं से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि आत्म-प्रेरणा, आत्मविश्वास और सीखने की ललक ही सफलता की असली नींव हैं।
NCW ने दिल्ली विश्वविद्यालय के विभिन्न नॉन-कॉलेजिएट विमेंस एजुकेशन बोर्ड (NCWEB) केंद्रों पर 'उड़ान' कार्यक्रम आयोजित किए। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य छात्राओं के बीच आत्म-विकास, भविष्य के कौशल और कार्यस्थल पर महिला सुरक्षा से जुड़े POSH अधिनियम के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।
आम छात्राओं पर असर
विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह की सीधी बातचीत नीति-निर्माण में जमीनी स्तर की आवाज़ें शामिल करने की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। गौरतलब है कि दिल्ली में महिला उच्च शिक्षा में नामांकन की दर पिछले कुछ वर्षों में बढ़ी है, लेकिन परिसर सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं की कमी अब भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।
युवा नीति और बजट में छात्राओं की भागीदारी सुनिश्चित होने से आने वाले समय में शिक्षा व्यवस्था में व्यापक बदलाव की उम्मीद जताई जा रही है।