31 जुलाई 2026
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दिल्ली CM रेखा गुप्ता ने 'विद्या वाहिनी' योजना लॉन्च की, 3,000 से अधिक छात्राओं को साइकिलें वितरित

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दिल्ली CM रेखा गुप्ता ने 'विद्या वाहिनी' योजना लॉन्च की, 3,000 से अधिक छात्राओं को साइकिलें वितरित

सारांश

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 'विद्या वाहिनी' योजना के तहत 3,000 से अधिक छात्राओं को साइकिलें सौंपीं — यह सिर्फ वाहन नहीं, बल्कि 1.40 लाख लड़कियों के लिए स्कूल तक पहुँचने और ड्रॉपआउट रोकने की एक बड़ी पहल है।

मुख्य बातें

दिल्ली CM रेखा गुप्ता ने 31 जुलाई 2026 को 'विद्या वाहिनी' योजना का शुभारंभ किया।
9वीं कक्षा की 3,000 से अधिक छात्राओं को पूर्वी विनोद नगर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में साइकिलें वितरित की गईं।
योजना के तहत दिल्ली के सरकारी स्कूलों की लगभग 1.40 लाख छात्राओं को चरणबद्ध तरीके से निःशुल्क साइकिलें दी जाएंगी।
योजना का उद्देश्य स्कूल उपस्थिति बढ़ाना, ड्रॉपआउट दर घटाना और छात्राओं की आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना है।
कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री आशीष सूद , BJP दिल्ली अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 31 जुलाई 2026 को 'विद्या वाहिनी' योजना का शुभारंभ करते हुए राजधानी के विभिन्न सरकारी स्कूलों की 9वीं कक्षा की 3,000 से अधिक छात्राओं को निःशुल्क साइकिलें वितरित कीं। पूर्वी विनोद नगर स्थित स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इस योजना के अंतर्गत दिल्ली के सरकारी स्कूलों में अध्ययनरत लगभग 1.40 लाख छात्राओं को चरणबद्ध तरीके से मुफ्त साइकिलें दी जाएंगी।

योजना का उद्देश्य और दायरा

मुख्यमंत्री गुप्ता ने कहा कि विद्या वाहिनी योजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत' के उस विजन का हिस्सा है, जिसमें महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास को केंद्र में रखा गया है। उन्होंने शिक्षा को महिला सशक्तिकरण का सबसे प्रभावी माध्यम बताते हुए कहा कि यह योजना उसी सोच को ज़मीन पर उतारने का प्रयास है।

उन्होंने कहा, 'साइकिल सिर्फ आने-जाने का साधन नहीं है — यह आज़ादी, आत्मविश्वास, सम्मान, आत्मनिर्भरता और अवसर का प्रतीक है।' उन्होंने इसे 'एक नए सफर की शुरुआत' बताते हुए छात्राओं से लगन और अनुशासन के साथ पढ़ाई करने, ट्रैफिक नियमों का पालन करने और सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता देने का आग्रह किया।

छात्राओं पर अपेक्षित प्रभाव

सरकार के अनुसार, इस योजना से स्कूल आने-जाने का सफर सुरक्षित और सुविधाजनक बनेगा, छात्राओं का समय बचेगा, नियमित उपस्थिति में सुधार आएगा और स्कूल छोड़ने की दर में कमी आएगी। साथ ही अभिभावकों की रोज़मर्रा की चिंताएं भी कम होंगी। यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब राष्ट्रीय स्तर पर लड़कियों की माध्यमिक शिक्षा में ड्रॉपआउट दर एक प्रमुख चिंता बनी हुई है।

कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख हस्तियाँ

इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री एवं दिल्ली भारतीय जनता पार्टी (BJP) अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा, दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद, पटपड़गंज के विधायक रविंदर सिंह नेगी, शिक्षा एवं खेल निदेशक नितिन जिंदल, शिक्षक और अभिभावक उपस्थित रहे।

शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि विद्या वाहिनी योजना इसलिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि दिल्ली की बागडोर एक महिला मुख्यमंत्री के हाथों में है, जो यह सुनिश्चित कर रही हैं कि लड़कियों की शिक्षा, सुरक्षा और सशक्तिकरण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में बनी रहे।

छात्राओं का उत्साह और संवाद

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री गुप्ता ने छात्राओं से सीधी बातचीत की और उनकी पढ़ाई, भविष्य की आकांक्षाओं और सपनों के बारे में जाना। छात्राओं ने मुख्यमंत्री को अपने हाथों से बनाई पेंटिंग भेंट कीं, जिसकी उन्होंने सराहना करते हुए सभी के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

आगे की राह

शेष 1.40 लाख छात्राओं को साइकिलें चरणबद्ध तरीके से वितरित की जाएंगी। यह योजना दिल्ली सरकार के शिक्षा क्षेत्र में महिला-केंद्रित हस्तक्षेप की दिशा में एक ठोस कदम है। गौरतलब है कि देश के कई राज्यों में इस तरह की साइकिल योजनाएं लड़कियों की स्कूल उपस्थिति बढ़ाने में कारगर साबित हुई हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

और शोध भी इनकी उपयोगिता को समर्थन देता है। असली सवाल यह है कि दिल्ली जैसे शहरी परिवेश में, जहाँ सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक एक बड़ी चुनौती है, क्या यह योजना छात्राओं के लिए व्यावहारिक रूप से सुरक्षित और सुलभ होगी। 1.40 लाख साइकिलों का लक्ष्य महत्वाकांक्षी है, लेकिन चरणबद्ध वितरण की समय-सीमा और निगरानी तंत्र अभी स्पष्ट नहीं है। बिना पारदर्शी क्रियान्वयन ढाँचे के, ऐसी घोषणाएं अक्सर पहले चरण की सुर्खियों तक सिमट जाती हैं।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विद्या वाहिनी योजना क्या है?
विद्या वाहिनी योजना दिल्ली सरकार की एक पहल है, जिसके तहत सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाली छात्राओं को निःशुल्क साइकिलें दी जाएंगी। इसका उद्देश्य स्कूल आने-जाने को सुविधाजनक बनाना, उपस्थिति बढ़ाना और ड्रॉपआउट दर घटाना है।
इस योजना से कितनी छात्राओं को लाभ मिलेगा?
पहले चरण में 9वीं कक्षा की 3,000 से अधिक छात्राओं को साइकिलें दी गई हैं। योजना के तहत कुल लगभग 1.40 लाख छात्राओं को चरणबद्ध तरीके से निःशुल्क साइकिलें वितरित की जाएंगी।
विद्या वाहिनी योजना का वितरण समारोह कहाँ और कब हुआ?
यह कार्यक्रम 31 जुलाई 2026 को नई दिल्ली के पूर्वी विनोद नगर स्थित स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आयोजित हुआ। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्वयं उपस्थित रहकर छात्राओं को साइकिलें वितरित कीं।
यह योजना छात्राओं की शिक्षा पर क्या प्रभाव डालेगी?
सरकार के अनुसार, इस योजना से स्कूल आने-जाने का सफर सुरक्षित होगा, समय की बचत होगी और नियमित उपस्थिति बेहतर होगी। साथ ही स्कूल छोड़ने की संभावना कम होगी और अभिभावकों की चिंताएं भी घटेंगी।
क्या दिल्ली से पहले अन्य राज्यों में भी ऐसी साइकिल योजनाएं रही हैं?
हाँ, बिहार, तमिलनाडु और झारखंड सहित कई राज्यों में लड़कियों के लिए साइकिल वितरण योजनाएं पहले से लागू हैं। शोध बताते हैं कि ऐसी योजनाएं माध्यमिक स्तर पर छात्राओं की उपस्थिति और नामांकन दर बढ़ाने में प्रभावी रही हैं।
राष्ट्र प्रेस
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