4 अगस्त 2026
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दिल्ली में फर्जी प्लेसमेंट रैकेट का भंडाफोड़: 'नेक्स्ट स्टेप एडवाइजर्स' के 7 गिरफ्तार, बेरोजगारों से ₹4,800 की ठगी

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दिल्ली में फर्जी प्लेसमेंट रैकेट का भंडाफोड़: 'नेक्स्ट स्टेप एडवाइजर्स' के 7 गिरफ्तार, बेरोजगारों से ₹4,800 की ठगी

सारांश

दिल्ली साइबर पुलिस ने 'नेक्स्ट स्टेप एडवाइजर्स' नामक अपंजीकृत प्लेसमेंट एजेंसी का पर्दाफाश किया जो ऑनलाइन जॉब पोर्टल के ज़रिए बेरोजगार युवाओं को फँसाती थी। ₹4,800 की रजिस्ट्रेशन फीस वसूलकर नौकरी का झूठा वादा करने वाले 7 आरोपी गिरफ्तार, जिनमें कथित मास्टरमाइंड प्रीति मल्होत्रा शामिल हैं।

मुख्य बातें

दिल्ली सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट साइबर पुलिस ने नेक्स्ट स्टेप एडवाइजर्स नामक फर्जी प्लेसमेंट रैकेट का भंडाफोड़ किया और 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया।
कथित मास्टरमाइंड प्रीति मल्होत्रा (34) , उत्तम नगर निवासी, सहित एचआर एग्जीक्यूटिव और फील्ड स्टाफ के रूप में काम करने वाले सदस्य पकड़े गए।
आरोपी ऑनलाइन जॉब पोर्टल पर वैकेंसी पोस्ट कर बेरोजगारों को इंटरव्यू के लिए बुलाते और ₹4,800 रजिस्ट्रेशन फीस के रूप में वसूलते थे।
नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर दर्ज 5 अलग-अलग शिकायतें आरोपियों के मोबाइल नंबरों और बैंक खातों से जुड़ी पाई गईं।
1 अगस्त को भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) और 3(5) के तहत एफआईआर दर्ज; मोबाइल फोन, पेमेंट रिकॉर्ड और रजिस्ट्रेशन फॉर्म जब्त।
एजेंसी किसी भी सक्षम प्राधिकरण के पास पंजीकृत नहीं थी; अतिरिक्त पीड़ितों की पहचान के लिए जांच जारी।

नई दिल्ली के सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट साइबर पुलिस स्टेशन ने नेक्स्ट स्टेप एडवाइजर्स नामक एक अवैध प्लेसमेंट एजेंसी का भंडाफोड़ करते हुए 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें कथित मास्टरमाइंड प्रीति मल्होत्रा भी शामिल हैं। आरोपियों पर बेरोजगार युवाओं से रजिस्ट्रेशन और प्रोसेसिंग फीस के नाम पर ठगी करने का आरोप है। पुलिस के अनुसार यह एजेंसी किसी भी सक्षम प्राधिकरण के पास पंजीकृत नहीं थी।

मामला कैसे सामने आया

करोलबाग के बापा नगर निवासी एक व्यक्ति ने सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट साइबर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। शिकायतकर्ता के अनुसार, 24 जुलाई को उन्हें व्हाट्सएप पर एक संदेश मिला, जिसमें भेजने वाले ने खुद को एक जॉब पोर्टल का एचआर प्रतिनिधि बताया — यह संदेश उनके ऑनलाइन जॉब आवेदन के जवाब में भेजा गया था।

25 जुलाई को उन्हें उत्तम नगर के सोम बाजार स्थित जीवन पार्क, बिल्डिंग सी-3, पहली मंजिल पर इंटरव्यू के लिए बुलाया गया। वहाँ उनसे रजिस्ट्रेशन और अकाउंट खोलने के नाम पर ₹4,800 ऑनलाइन जमा कराए गए और नेक्स्ट स्टेप एडवाइजर्स का एक फॉर्म थमा दिया गया। उन्हें आश्वासन दिया गया कि नौकरी मिलने के बाद यह रकम लौटा दी जाएगी — लेकिन न नौकरी मिली, न पैसे वापस आए और बाद में एजेंसी के नंबर भी बंद हो गए।

पुलिस की जांच और छापेमारी

1 अगस्त को भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) और 3(5) के तहत एफआईआर दर्ज की गई। इसके बाद पुलिस ने मोबाइल नंबरों, पेटीएम और यूपीआई लेनदेन के भुगतान पथ तथा लाभार्थी बैंक खातों का विस्तृत तकनीकी विश्लेषण किया।

तकनीकी निगरानी और स्थानीय खुफिया जानकारी के आधार पर पुलिस ने जीवन पार्क, सोम बाजार, डाबरी, उत्तम नगर स्थित कार्यालय पर छापा मारा। जांच में पता चला कि नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर दर्ज पाँच अलग-अलग शिकायतें उन्हीं मोबाइल नंबरों और बैंक खातों से जुड़ी थीं जिनका उपयोग आरोपी करते थे, जिससे उनके विरुद्ध साक्ष्य और पुख्ता हो गए।

ठगी का तरीका

जांचकर्ताओं के अनुसार, आरोपी विभिन्न ऑनलाइन जॉब पोर्टल पर आकर्षक नौकरी की वैकेंसी पोस्ट करते थे। इसके बाद एचआर एग्जीक्यूटिव बनकर व्हाट्सएप संदेश और फोन कॉल के जरिए बेरोजगार युवाओं से संपर्क किया जाता था। पीड़ितों को उत्तम नगर के कार्यालय में इंटरव्यू के लिए बुलाकर रजिस्ट्रेशन फीस वसूली जाती थी। पुलिस ने बताया कि यह रैकेट मुख्य रूप से ऑनलाइन नौकरी की तलाश कर रहे बेरोजगार युवाओं को निशाना बनाता था।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान

पुलिस ने सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कथित मास्टरमाइंड प्रीति मल्होत्रा (34), उत्तम नगर निवासी, को रैकेट की सरगना बताया जा रहा है। कथित एचआर एग्जीक्यूटिव के रूप में दिव्या (33), ललिता उर्फ पिंकी (32), नैना (33) और प्रियंका (28) काम करती थीं। कपिल कुमार शर्मा (30), राजस्थान के अलवर निवासी, और ललित कुमार (28), नजफगढ़ निवासी, कथित तौर पर फील्ड स्टाफ के रूप में रैकेट में शामिल थे।

जब्त सामग्री और आगे की जांच

छापेमारी के दौरान रजिस्ट्रेशन फॉर्म, अपराध में इस्तेमाल किए गए मोबाइल फोन, पेमेंट रिकॉर्ड और बैंक खातों की जानकारी जब्त की गई है। पुलिस अब अतिरिक्त पीड़ितों की पहचान करने और घोटाले के पूरे दायरे का पता लगाने के लिए जांच जारी रखे हुए है। यह मामला इस बात की याद दिलाता है कि बेरोजगारी की आड़ में साइबर ठगी के नए-नए तरीके सामने आ रहे हैं और नौकरी तलाशने वाले युवाओं को किसी भी अनजान एजेंसी को फीस देने से पहले उसकी वैधता जाँचनी चाहिए।

संपादकीय दृष्टिकोण

800 की फीस छोटी लग सकती है, लेकिन बड़े पैमाने पर यह रैकेट के लिए एक व्यवस्थित और मापनीय व्यवसाय मॉडल बन जाती है। असली सवाल यह है कि बिना किसी पंजीकरण के यह एजेंसी कितने समय तक चलती रही और कितने पीड़ित अभी भी सामने नहीं आए — पाँच पोर्टल शिकायतें संभवतः हिमशैल की नोक भर हैं। जब तक ऑनलाइन जॉब प्लेटफॉर्म नियोक्ता सत्यापन को अनिवार्य नहीं बनाते, ऐसे रैकेट नई पहचान के साथ फिर उभरते रहेंगे।
RashtraPress
4 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नेक्स्ट स्टेप एडवाइजर्स फर्जी प्लेसमेंट रैकेट क्या था?
नेक्स्ट स्टेप एडवाइजर्स एक अपंजीकृत प्लेसमेंट एजेंसी थी जो उत्तम नगर, दिल्ली में संचालित होती थी। यह ऑनलाइन जॉब पोर्टल पर फर्जी वैकेंसी पोस्ट कर बेरोजगार युवाओं को इंटरव्यू के लिए बुलाती थी और रजिस्ट्रेशन फीस के नाम पर ₹4,800 वसूलकर नौकरी का झूठा वादा करती थी।
इस रैकेट में कितने लोग गिरफ्तार हुए और कौन हैं?
दिल्ली साइबर पुलिस ने 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कथित मास्टरमाइंड प्रीति मल्होत्रा (34) के अलावा दिव्या (33), ललिता उर्फ पिंकी (32), नैना (33) और प्रियंका (28) कथित एचआर एग्जीक्यूटिव थीं, जबकि कपिल कुमार शर्मा (30) और ललित कुमार (28) कथित फील्ड स्टाफ के रूप में काम करते थे।
इस मामले में एफआईआर कब और किन धाराओं में दर्ज हुई?
1 अगस्त को भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) और 3(5) के तहत एफआईआर दर्ज की गई। शिकायत करोलबाग के बापा नगर निवासी एक व्यक्ति ने दर्ज कराई थी, जिनसे 25 जुलाई को इंटरव्यू के दौरान ₹4,800 ऑनलाइन वसूले गए थे।
पुलिस ने आरोपियों तक कैसे पहुँची?
पुलिस ने मोबाइल नंबरों, पेटीएम और यूपीआई लेनदेन के भुगतान पथ तथा बैंक खातों का तकनीकी विश्लेषण किया। नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर दर्ज 5 अलग-अलग शिकायतें उन्हीं नंबरों और खातों से जुड़ी मिलीं, जिससे साक्ष्य पुख्ता हुए और उत्तम नगर कार्यालय पर छापा मारा गया।
नौकरी तलाशने वाले ऐसे फर्जी रैकेट से कैसे बचें?
किसी भी प्लेसमेंट एजेंसी को फीस देने से पहले उसका पंजीकरण सत्यापित करें। वैध नियोक्ता आमतौर पर रजिस्ट्रेशन या प्रोसेसिंग फीस नहीं लेते। संदिग्ध गतिविधि की सूचना नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (cybercrime.gov.in) पर दें।
राष्ट्र प्रेस
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