क्या दिल्ली ब्लास्ट पर गिरिराज सिंह का चिदंबरम पर तंज सही है?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या दिल्ली ब्लास्ट पर गिरिराज सिंह का चिदंबरम पर तंज सही है?

सारांश

दिल्ली धमाके के बाद राजनीतिक बयानों का दौर जारी है। गिरिराज सिंह ने चिदंबरम के बयान पर तीखा जवाब दिया है, जिसमें उन्होंने सुरक्षाकर्मियों की सराहना की आवश्यकता पर बल दिया। क्या यह राजनीति की नई दिशा है?

मुख्य बातें

दिल्ली धमाके के बाद राजनीतिक माहौल गरमाया।
गिरिराज सिंह ने चिदंबरम पर कड़ा पलटवार किया।
सुरक्षाकर्मियों की सराहना जरूरी है।
बिहार चुनाव में कोई री-पोल नहीं हुआ।
विपक्ष की राजनीति आरोपों तक सीमित रह गई है।

नई दिल्ली, १३ नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली के धमाके के बाद से राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। नेताओं के बयानों की बौछार हो रही है। केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता गिरिराज सिंह ने कांग्रेस के नेता और पूर्व गृहमंत्री पी चिदंबरम के बयान पर कड़ा प्रतिवाद किया है।

गिरिराज सिंह ने राष्ट्र प्रेस से कहा, "मैं चिदंबरम जी से यह आग्रह करता हूं कि आप एक समय गृह मंत्री रहे हैं और मुझे पता है कि आप एक ज्ञानी व्यक्ति हैं। लेकिन कभी-कभी आतंकियों की तारीफ करने के बजाय उन सुरक्षाकर्मियों की भी सराहना करें, जिन्होंने इस बड़े हादसे को होने से रोका। इसके अलावा यह भी याद रखें कि नेहरू से लेकर मनमोहन सिंह तक, आतंकवादियों के प्रति तुष्टीकरण और संरक्षण की नीति चलती रही है।"

वास्तव में, पूर्व गृह मंत्री पी चिदंबरम ने धमाके के कुछ दिन बाद 'एक्स' पर लिखा था, "दो प्रकार के आतंकवादी होते हैं। एक जो विदेशी प्रशिक्षण लेकर देश में घुसपैठ करते हैं और दूसरे जो देश के भीतर ही पनपते हैं।"

उन्होंने यह बात पहलगाम हमले के बाद भी कही थी और 'ऑपरेशन सिंदूर' पर संसद में हुई बहस के दौरान भी इसका जिक्र किया था, लेकिन तब उनकी बात का मजाक उड़ाया गया और सोशल मीडिया पर उन्हें ट्रोल किया गया।

इस बीच बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर गिरिराज सिंह ने राहुल गांधी पर तंज करते हुए कहा, "मैं बार-बार कहता हूं कि चुनाव आयोग को राहुल गांधी की टीम को फूलमाला पहनानी चाहिए और धन्यवाद देना चाहिए। इतनी कोशिशों के बावजूद बिहार चुनाव में एक भी री-पोल नहीं हुआ। भ्रम फैलाने की हर कोशिश विफल रही।"

उन्होंने आगे कहा कि विपक्ष की राजनीति केवल आरोपों तक सीमित रह गई है, जबकि सच्चाई यह है कि देश की लोकतांत्रिक संस्थाएं मजबूती से खड़ी हैं।

उन्होंने कहा कि अगर चुनाव हार गए तो ईवीएम और चुनाव आयोग पर सवाल उठाए जाएंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि राजनीतिक बयानबाजी अक्सर घटनाओं के प्रति प्रतिक्रिया के रूप में होती है। हमें यह ध्यान रखना चाहिए कि सुरक्षा बलों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है और उनकी सराहना होनी चाहिए। देश की लोकतांत्रिक संस्थाएं मजबूत हैं और हमें एकजुटता के साथ आगे बढ़ना चाहिए।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली धमाके के बाद क्या राजनीतिक बयानबाजी बढ़ गई है?
जी हां, दिल्ली धमाके के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है और नेता एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं।
गिरिराज सिंह ने चिदंबरम पर क्या कहा?
गिरिराज सिंह ने चिदंबरम से कहा कि उन्हें सुरक्षाकर्मियों की सराहना करनी चाहिए।
क्या बिहार विधानसभा चुनाव में कोई री-पोल हुआ?
नहीं, बिहार विधानसभा चुनाव में एक भी री-पोल नहीं हुआ।
पी चिदंबरम का बयान क्या था?
पी चिदंबरम ने आतंकवादियों के दो प्रकारों के बारे में बात की थी।
क्या विपक्ष की राजनीति केवल आरोपों तक सीमित रह गई है?
हां, विपक्ष की राजनीति कुछ मामलों में आरोपों तक सीमित रह गई है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 6 महीने पहले
  6. 6 महीने पहले
  7. 6 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले