क्या दिल्ली में महेंद्र पार्क से बांग्लादेशी ट्रांसजेंडर गिरफ्तार हुए?

Click to start listening
क्या दिल्ली में महेंद्र पार्क से बांग्लादेशी ट्रांसजेंडर गिरफ्तार हुए?

सारांश

दिल्ली पुलिस ने महेंद्र पार्क क्षेत्र से दो बांग्लादेशी ट्रांसजेंडर को गिरफ्तार किया है। इनकी गिरफ्तारी के साथ ही निर्वासन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। यह कार्रवाई अवैध आव्रजन पर नियंत्रण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। जानें इस ऑपरेशन के पीछे की पूरी कहानी और पुलिस की कार्रवाई के बारे में।

Key Takeaways

  • दिल्ली पुलिस ने दो बांग्लादेशी ट्रांसजेंडर को गिरफ्तार किया।
  • गिरफ्तारी में स्मार्टफोन और पहचान पत्र बरामद हुए।
  • इनकी निर्वासन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
  • पुलिस की यह कार्रवाई अवैध प्रवासियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई को दर्शाती है।
  • पुलिस ने विशेष टीम का गठन कर निगरानी बढ़ाई थी।

नई दिल्ली, 28 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली पुलिस के उत्तर-पश्चिम जिला विदेशी प्रकोष्ठ ने महेंद्र पार्क क्षेत्र से दो बांग्लादेशी ट्रांसजेंडर को गिरफ्तार किया है। इनके निर्वासन की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। इस कार्रवाई में पुलिस ने दो स्मार्टफोन और दो बांग्लादेशी राष्ट्रीय पहचान पत्र बरामद किए, जिनमें प्रतिबंधित आईएमओ ऐप इंस्टॉल था। यह ऑपरेशन अवैध आव्रजन पर नियंत्रण लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण सफलता मानी जा रही है।

हाल ही में जहांगीर पुरी मेट्रो स्टेशन और नई सब्जी मंडी, महेंद्र पार्क के पास संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों की गतिविधियों की सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस ने इन क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई और एक विशेष टीम का गठन किया।

इस टीम का नेतृत्व इंस्पेक्टर विपिन कुमार और एसीपी राजीव कुमार कर रहे थे। टीम में एसआई सपन, एसआई श्यामबीर, एएसआई राजेंद्र, एचसी विक्रम, एचसी कपिल कुमार, एचसी विकास यादव, एचसी परवीन, एचसी टीका राम, डब्ल्यू/एचसी पूनम, डब्ल्यू/एचसी दीपक, कांस्टेबल निशांत मट्टू, कांस्टेबल हवा सिंह और कांस्टेबल दीपक बांगर शामिल थे। इन लोगों ने मुखबिर की सहायता से छापेमारी की और जहांगीर पुरी मेट्रो स्टेशन व नई सब्जी मंडी के पास दो संदिग्धों को पकड़ा।

प्रारंभिक पूछताछ में दोनों ने भारतीय होने का दावा किया। लेकिन, उनके मोबाइल फोन में मिली तस्वीरों और इंस्टाग्राम अकाउंट से बांग्लादेश के स्थानों के सबूत प्राप्त हुए। कड़ी पूछताछ के बाद उन्होंने अपनी बांग्लादेशी पहचान स्वीकार की और बांग्लादेशी राष्ट्रीय पहचान पत्र प्रस्तुत किए। जांच में पता चला कि दोनों ने जेंडर-अफर्मिंग सर्जरी कराई थी, जिसके द्वारा उन्होंने अपनी शारीरिक बनावट को महिलाओं जैसा बनाया। अपनी पहचान छिपाने के लिए वे भारी मेकअप, साड़ी, सलवार सूट, विग और अन्य सामान का उपयोग करते थे। इसके साथ ही, उन्होंने अपनी आवाज और हाव-भाव भी महिलाओं की तरह बदल लिए थे। दिन में वे भीख मांगते और रात में आपत्तिजनक गतिविधियों में शामिल होते थे।

गिरफ्तार व्यक्तियों के नाम खाजा मय्नुद्दीन उर्फ खतीजा (27 वर्ष) और राजेब चंद्र सरकार (39 वर्ष) हैं। खाजा ढाका साउथ सिटी का निवासी है, जबकि राजेब केरानीगंज, ढाका का निवासी है। दोनों के पास वैध वीजा या परमिट नहीं था, जो कि विदेशी अधिनियम, 1946 का उल्लंघन है। पुलिस ने उनके पास से दो स्मार्टफोन और बांग्लादेशी पहचान पत्र बरामद किए। विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय के सहयोग से इनका निर्वासन प्रारंभ कर दिया गया है।

पुलिस उपायुक्त (उत्तर-पश्चिम) भीष्म सिंह ने कहा कि यह कार्रवाई राष्ट्रीय राजधानी में अवैध प्रवासियों के खिलाफ सख्त रुख को दर्शाती है। पुलिस लगातार ऐसे मामलों पर नजर रखे हुए है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कठोर कदम उठाती रहेगी।

Point of View

यह घटना दिल्ली में अवैध प्रवासियों के खिलाफ कार्रवाई की एक स्पष्ट मिसाल है। पुलिस की यह पहल न केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक है, बल्कि यह सामाजिक सुरक्षा और नागरिकों की सुरक्षा के लिए भी महत्वपूर्ण है। हमें ऐसे मामलों पर सतत नजर रखनी चाहिए।
NationPress
30/08/2025

Frequently Asked Questions

दिल्ली में बांग्लादेशी ट्रांसजेंडर की गिरफ्तारी का कारण क्या था?
गिरफ्तारी का कारण अवैध आव्रजन और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना थी।
कितने ट्रांसजेंडर को गिरफ्तार किया गया?
दो बांग्लादेशी ट्रांसजेंडर को गिरफ्तार किया गया।
क्या गिरफ्तार ट्रांसजेंडर के पास वैध दस्तावेज थे?
गिरफ्तार ट्रांसजेंडर के पास कोई वैध वीजा या परमिट नहीं था।
पुलिस ने क्या-क्या बरामद किया?
पुलिस ने दो स्मार्टफोन और बांग्लादेशी राष्ट्रीय पहचान पत्र बरामद किए।
निर्वासन की प्रक्रिया कब शुरू होगी?
निर्वासन की प्रक्रिया तुरंत शुरू कर दी गई है।