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क्या दिल्ली में भाजपा सरकार के फीस कानून के खिलाफ आम आदमी पार्टी अभियान चलाएगी?

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क्या दिल्ली में भाजपा सरकार के फीस कानून के खिलाफ आम आदमी पार्टी अभियान चलाएगी?

सारांश

दिल्ली की राजनीति में शिक्षा को लेकर टकराव बढ़ता जा रहा है। आम आदमी पार्टी ने भाजपा सरकार के नए फीस कानून के खिलाफ व्यापक अभियान की योजना बनाई है। क्या यह विरोध भाजपा के लिए चुनौती बनेगा?

मुख्य बातें

दिल्ली में शिक्षा को लेकर टकराव बढ़ा है।
आम आदमी पार्टी ने भाजपा सरकार के फीस कानून का विरोध तेज किया है।
भाजपा ने अभिभावकों की राय को नजरअंदाज किया है।
आंदोलन के जरिए पार्टी भाजपा को बेनकाब करने की कोशिश कर रही है।
विद्यार्थियों और अभिभावकों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है।

नई दिल्ली, 19 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली की राजनीति में शिक्षा को लेकर बड़ा टकराव शुरू हो गया है। आम आदमी पार्टी (आप) ने भाजपा सरकार के नए फीस कानून का विरोध तेज कर दिया है।

आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने अभिभावकों और शिक्षकों से राय लिए बिना, चोरी-छिपे फीस कानून बनाकर दिल्ली की जनता पर थोप दिया है। भाजपा सरकार जनता की आवाज सुनने को तैयार नहीं है। अभिभावकों ने कई बार मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री से मिलने का समय मांगा, लेकिन उन्हें समय नहीं दिया गया।

उन्होंने कहा कि इस कानून में कई गंभीर खामियां हैं, जिससे स्पष्ट है कि यह कानून शिक्षा व्यवस्था और अभिभावकों के खिलाफ है और निजी स्कूलों व शिक्षा माफियाओं के हित में बनाया गया है।

उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले आयोजित टाउन हॉल मीटिंग में जब अभिभावकों ने सवाल पूछना शुरू किया तो आशीष सूद ने धमकाना शुरू कर दिया। इतना ही नहीं, अभिभावकों को सवाल लिखकर देने को कहा गया और मौके पर मौजूद पुलिस ने किसी को भी वीडियो रिकॉर्डिंग तक नहीं करने दी।

पार्टी नेता संजीव झा ने कहा कि जब भाजपा यह बिल विधानसभा में लेकर आई थी, तब आम आदमी पार्टी ने कड़ा विरोध किया था। पार्टी ने इसमें सुधार के लिए कई संशोधन भी पेश किए थे और वोटिंग कराई थी, लेकिन उस प्रक्रिया ने यह साबित कर दिया कि पूरी भाजपा शिक्षा माफियाओं के साथ खड़ी है।

आम आदमी पार्टी (आप) ने ऐलान किया है कि भाजपा सरकार के कानून को लेकर दिल्ली के अभिभावकों को जागरूक करने के लिए छात्र इकाई 'आम आदमी पार्टी स्टूडेंट विंग' बड़ा अभियान चलाएगी। इसके तहत 19 अगस्त से राजधानी के निजी स्कूलों के बाहर पर्चे बांटने शुरू किए गए और अभिभावकों को कानून की खामियों के बारे में बताया गया। यह अभियान रोजाना जारी रहेगा और जनता को बताया जाएगा कि किस तरह भाजपा सरकार शिक्षा क्षेत्र को निजी हितों के हवाले कर रही है।

पार्टी का दावा है कि इस आंदोलन के जरिए भाजपा को पूरी तरह से बेनकाब किया जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि शिक्षा से जुड़ा यह विवाद दिल्ली की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ है। आम आदमी पार्टी का यह अभियान न केवल भाजपा के खिलाफ बल्कि शिक्षा के अधिकार की रक्षा के लिए भी है। यह मुद्दा देशभर में शिक्षा के भविष्य को प्रभावित कर सकता है, इसलिए समाज को इस पर ध्यान देने की आवश्यकता है।
RashtraPress
25 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आम आदमी पार्टी फीस कानून के खिलाफ क्यों विरोध कर रही है?
आम आदमी पार्टी का मानना है कि भाजपा सरकार ने अभिभावकों और शिक्षकों की राय लिए बिना यह कानून बनाया है, जो शिक्षा व्यवस्था और अभिभावकों के खिलाफ है।
इस अभियान का उद्देश्य क्या है?
इस अभियान का उद्देश्य दिल्ली के अभिभावकों को जागरूक करना और भाजपा सरकार की नीतियों के खिलाफ एकजुट करना है।
क्या यह अभियान सफल होगा?
आम आदमी पार्टी का दावा है कि यह अभियान भाजपा को बेनकाब करने में सफल होगा, लेकिन इसके परिणाम देखने के लिए समय लगेगा।
भाजपा का इस कानून पर क्या कहना है?
भाजपा का कहना है कि यह कानून शिक्षा के क्षेत्र में सुधार के लिए आवश्यक है और इसका उद्देश्य शिक्षा माफियाओं को रोकना है।
राष्ट्र प्रेस
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