दिल्ली में आयोजित होगा चार दिवसीय भारतीय व्यापार उत्सव: प्रवीण खंडेलवाल का बयान
सारांश
Key Takeaways
- भारतीय व्यापार उत्सव का आयोजन 1 से 4 मई तक होगा।
- उत्सव का उद्देश्य भारत में बने उत्पादों को बढ़ावा देना है।
- यह उत्सव दिल्ली के भारत मंडपम में होगा।
- उत्सव में 10 लाख लोगों के शामिल होने की उम्मीद है।
- प्रधानमंत्री मोदी का आह्वान इस उत्सव का प्रेरक है।
नई दिल्ली, 27 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे केवल भारत में निर्मित वस्तुओं को खरीदें और बेचें। इस संदेश को ऑल इंडिया ऑफ कन्फेडरेशन ने देशभर में फैलाने का निर्णय लिया है। इसके लिए हम एक राष्ट्रीय अभियान चला रहे हैं।
उन्होंने शुक्रवार को समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि हम एक मई से चार मई तक भारतीय व्यापार उत्सव का आयोजन करने जा रहे हैं। यह उत्सव दिल्ली के भारत मंडपम में होगा, जहां भारत में निर्मित वस्तुओं का प्रदर्शन किया जाएगा। इस कार्यक्रम का उद्देश्य यह दिखाना है कि हम किस प्रकार वस्तुओं का उत्पादन कर रहे हैं, ताकि देश के विकास को एक नई गति मिल सके। यह एक प्रकार का इंडियन बिजनेस एक्सपो है, जिसमें 10 लाख लोग चार दिनों में शामिल होंगे।
भाजपा सांसद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हम यह दिखाना चाहेंगे कि कैसे भारतीय उत्पादों को नई ऊर्जा मिल रही है। यदि वर्तमान में इसे नई ऊर्जा मिल रही है, तो इसका श्रेय निश्चित रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जाता है।
उन्होंने बताया कि आज 26 राज्यों के व्यापारी नेता, जिनमें महिला व्यापारी भी शामिल हैं, दिल्ली के एनडीएमसी कन्वेंशन सेंटर में उपस्थित रहेंगे और इस अभियान को कैसे आगे बढ़ाया जाए, इस पर चर्चा करेंगे।
इसके अलावा, उन्होंने कहा कि औरंगजेब कभी भी इस देश का हीरो नहीं हो सकता है। यदि कोई इस देश का हीरो है, तो वह छत्रपति शिवाजी महाराज और महाराणा प्रताप हैं। देश के हीरो वही होंगे, जिन्होंने देश के लिए बलिदान दिया है। औरंगजेब एक लुटेरा था जिसने हमारे देश को लूटने का कार्य किया, इसलिए वह कभी भी हमारे देश का नायक नहीं हो सकता।
साथ ही, उन्होंने तमिलनाडु की स्टालिन सरकार की कार्यशैली पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि यह बात बिल्कुल नहीं नकारा जा सकता कि स्टालिन की सरकार जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने में विफल रही है। इस सरकार को प्रदेश की जनता किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं कर रही है।