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क्या दिल्ली-नोएडा में बाढ़ का कहर बढ़ रहा है? यमुना का जलस्तर खतरे के निशान के पार!

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क्या दिल्ली-नोएडा में बाढ़ का कहर बढ़ रहा है? यमुना का जलस्तर खतरे के निशान के पार!

सारांश

दिल्ली में बाढ़ की गंभीर स्थिति बन गई है, जहां यमुना का जलस्तर बढ़ने से कई इलाके जलमग्न हो गए हैं। प्रशासन ने प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है, लेकिन हालात चिंता का विषय बने हुए हैं। जानिए इस संकट की पूरी कहानी।

मुख्य बातें

दिल्ली और नोएडा में बाढ़ की गंभीर स्थिति है।
यमुना का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर है।
प्रशासन ने प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है।
बाढ़ ने फसलों और आजीविका को बुरी तरह प्रभावित किया है।
सुरक्षा और सहायता के लिए त्वरित कदम उठाने की आवश्यकता है।

नई दिल्ली, 3 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में हाल के दिनों से लगातार हो रही भारी बारिश और हथिनीकुंड बैराज से छोड़े जा रहे पानी के कारण यमुना नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। इस कारण कश्मीरी गेट क्षेत्र में स्थित वासुदेव घाट में पानी सड़क के किनारे तक पहुँच गया है।

जानकारी के अनुसार, हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज से निरंतर भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के चलते कश्मीरी घाट का वासुदेव घाट पूरी तरह से जलमग्न हो चुका है और यमुना का पानी अब आउटर रिंग रोड के निकट पहुँच गया है।

प्रशासन का कहना है कि यदि यमुना नदी का जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा, तो अगले कुछ घंटों में आउटर रिंग रोड भी बाढ़ के पानी की चपेट में आ सकता है। इससे कश्मीरी गेट के पास यातायात पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा, जहाँ हमेशा वाहनों की आवाजाही रहती है।

2023 में भी यमुना के बढ़ते जलस्तर के कारण इस क्षेत्र में जलभराव और यातायात जाम की स्थिति आई थी। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने वासुदेव घाट के प्रवेश द्वार पर पानी रोकने के लिए बोरियों का प्रयोग किया है, लेकिन बढ़ते जलस्तर के सामने यह उपाय नाकाम साबित हो रहा है।

इस बीच, दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) ने निचले इलाकों में रहने वालों को सुरक्षित स्थलों पर जाने की सलाह दी है।

दिल्ली से सटे नोएडा में भी यमुना का जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण सेक्टर 125 से सेक्टर 151 तक के कई क्षेत्रों में पानी भर गया है। बाढ़ के पानी के आने से फसलें बर्बाद हो गई हैं।

एक स्थानीय किसान ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि बाढ़ के पानी आने से उनकी आजीविका पूरी तरह नष्ट हो गई है। पानी भरने के बाद क्षेत्र में रहने वाले लगभग 700 से 800 लोग प्रभावित हुए हैं। हालात यह हैं कि प्रशासन की तरफ से अभी तक कोई मदद नहीं की गई है।

वहीं, एक अन्य निवासी ने कहा कि बाढ़ के पानी से उन्हें काफी कठिनाई हो रही है। हमें और जानवरों को पीने का पानी भी नहीं मिल पा रहा है।

बता दें कि दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर 206.97 मीटर तक पहुँच गया है, जो खतरे के निशान 205.33 मीटर से लगभग 1.64 मीटर ऊपर है। हथिनीकुंड बैराज, वजीराबाद बैराज और ओखला बैराज से लगातार छोड़े जा रहे पानी के कारण नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे दिल्ली के निचले क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई है।

दिल्ली के यमुना बाजार, मयूर विहार, गीता कॉलोनी और मजनू का टीला जैसे क्षेत्रों में पानी घरों, गलियों और मंदिरों तक पहुँच गया है, जिससे काफी नुकसान हुआ है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि बाढ़ के हालात ने दिल्ली-नोएडा में रहने वाले लोगों की ज़िंदगी को प्रभावित किया है। प्रशासन को त्वरित और प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता है ताकि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। इस संकट में हमें एकजुट होकर काम करना चाहिए।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली में बाढ़ का मुख्य कारण क्या है?
दिल्ली में बाढ़ का मुख्य कारण यमुना नदी का बढ़ता जलस्तर है, जो भारी बारिश और हथिनीकुंड बैराज से छोड़े जा रहे पानी के कारण हो रहा है।
क्या प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए कोई सहायता प्रदान की है?
अभी तक प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए कोई सहायता नहीं प्रदान की है, जिससे स्थिति और भी गंभीर हो गई है।
कौन से क्षेत्र बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं?
दिल्ली के कश्मीरी गेट, यमुना बाजार, मयूर विहार, गीता कॉलोनी और मजनू का टीला जैसे क्षेत्र बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं।
बाढ़ के समय लोगों को क्या करना चाहिए?
बाढ़ के समय लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी जाती है और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करना चाहिए।
यमुना का जलस्तर वर्तमान में कितना है?
दिल्ली में यमुना का जलस्तर 206.97 मीटर तक पहुँच गया है, जो खतरे के निशान 205.33 मीटर से लगभग 1.64 मीटर ऊपर है।
राष्ट्र प्रेस
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