क्या दिल्ली के नबी करीम थाना पुलिस ने आजीवन कारावास की सजा पाए फरार दोषी को गिरफ्तार किया?
सारांश
Key Takeaways
- नबी करीम थाना पुलिस ने एक फरार दोषी को गिरफ्तार किया।
- भीम महतो को 1999 में अपने भाई की हत्या के मामले में दोषी ठहराया गया था।
- पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस का उपयोग करके आरोपी को पकड़ा।
- गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम का गठन किया गया था।
- दिल्ली पुलिस की यह कार्रवाई कानून व्यवस्था के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
नई दिल्ली, 5 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। नबी करीम थाना पुलिस ने एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है, जब उन्होंने आजीवन कारावास की सजा पाए एक फरार दोषी (बेल जंपर) को गिरफ्तार किया। भीम महतो, जो अपने भाई की हत्या के मामले में 1999 से फरार था, को हरियाणा के गुरुग्राम से पकड़ लिया गया।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, भीम महतो को थाना नबी करीम में दर्ज एफआईआर संख्या 120/1999 के तहत गिरफ्तार किया गया था। वर्ष 2002 में, तीस हजारी कोर्ट ने उसे दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। हालांकि, अपील के चलते उसे जमानत मिल गई थी। लेकिन, 30 अक्टूबर 2025 को दिल्ली हाईकोर्ट ने उसकी अपील खारिज कर दी और उसे आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया था। इसके बावजूद वह भागता रहा। इस पर कोर्ट ने उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया।
प्रेस नोट में कहा गया कि फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए थाना नबी करीम में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। इस टीम का नेतृत्व थाना प्रभारी निरीक्षक ईश्वर सिंह ने किया।
पुलिस ने भीम महतो के संभावित ठिकानों पर निगरानी रखी। तकनीकी सर्विलांस और लोकेशन बेस्ड सर्विस का उपयोग करते हुए उसकी गतिविधियों पर नज़र रखी गई। अंततः, 2 जनवरी को पुलिस ने विश्वसनीय सूचना के आधार पर गुरुग्राम के पूजा कॉलोनी में एक विशेष अभियान चलाकर उसे पकड़ लिया।