27 जून 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने एक घोषित अपराधी को गिरफ्तार किया और चोरी के 30 मोबाइल बरामद किए?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने एक घोषित अपराधी को गिरफ्तार किया और चोरी के 30 मोबाइल बरामद किए?

सारांश

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक कुख्यात अपराधी को गिरफ्तार किया है, जो लंबे समय से फरार था। उसके कब्जे से पुलिस ने 30 चोरी के मोबाइल फोन बरामद किए हैं। यह गिरफ्तारी दर्शाती है कि पुलिस अपराधियों के खिलाफ कितनी सक्रिय है।

मुख्य बातें

दिल्ली पुलिस ने एक कुख्यात अपराधी को गिरफ्तार किया है।
आरोपी के पास से 30 चोरी के मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।
आरोपी का नाम अजय कुमार उर्फ सुखवा है।
वह एफआईआर संख्या 43/2020 में वांछित था।
पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार किया।

नई दिल्ली, २५ जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच (नॉर्दर्न रेंज-१) ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए एक कुख्यात और लंबे समय से फरार चल रहे घोषित अपराधी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान अजय कुमार उर्फ सुखवा के रूप में हुई है, जो थाना द्वारका साउथ के एक मामले में वांछित था। पुलिस ने आरोपी के पास से ३० चोरी के मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। यह जानकारी दिल्ली पुलिस द्वारा रविवार को जारी प्रेस नोट में दी गई।

क्राइम ब्रांच के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी अजय कुमार उर्फ सुखवा (२९) बिहार का रहने वाला है। वह एफआईआर संख्या ४३/२०२० में वांछित था। अदालत में पेश न होने और जमानत की शर्तों का उल्लंघन करने के कारण द्वारका कोर्ट की माननीय न्यायिक मजिस्ट्रेट दिव्या यादव ने १८ फरवरी २०२५ को उसे घोषित अपराधी करार दिया था। पुलिस के अनुसार, २६ फरवरी २०२० को आरोपी को द्वारका साउथ इलाके में एक अवैध हथियार के साथ गिरफ्तार किया गया। उसके पास से एक देसी कट्टा और एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ था। जमानत मिलने के बाद आरोपी ने अदालत की शर्तों का उल्लंघन किया और ट्रायल के दौरान फरार हो गया, जिसके चलते उसे घोषित अपराधी घोषित किया गया।

२५ जनवरी २०२६ को क्राइम ब्रांच नॉर्दर्न रेंज-१ की टीम ने गुप्त सूचना और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर बड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपी को सेक्टर-२०, रोहिणी, दिल्ली से गिरफ्तार किया। इस अभियान के लिए निरीक्षक पुखराज सिंह के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया था, जिसमें एसआई निरंजन, एएसआई प्रेमवीर, एएसआई प्रदीप, हेड कांस्टेबल पवन और हेड कांस्टेबल मुकेश शामिल थे। पूरी कार्रवाई एसीपी अशोक शर्मा के पर्यवेक्षण और डीसीपी क्राइम ब्रांच पंकज कुमार, आईपीएस के निर्देशन में की गई।

एएसआई प्रेमवीर ने आरोपी के ठिकाने का पता लगाने के लिए लगातार जमीनी स्तर पर सूचनाएं एकत्र कीं और तकनीकी विश्लेषण के जरिए आरोपी की लोकेशन ट्रेस की। गुप्त स्रोतों से मिली पुख्ता जानकारी के आधार पर छापा मारकर आरोपी को दबोच लिया गया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने खुलासा किया कि वह अपने साथी चंदन के साथ मिलकर दिल्ली के विभिन्न रेलवे स्टेशनों पर जेबकटी कर मोबाइल फोन चोरी करता था। चोरी किए गए मोबाइल फोन को वह सस्ते दामों पर अलग-अलग बाजारों में मजदूरों को बेच देता था। बरामद ३० मोबाइल फोन के संबंध में आगे की जांच जारी है।

पुलिस के अनुसार, आरोपी गरीब परिवार से ताल्लुक रखता है, वह अशिक्षित है और उसके पास कोई स्थायी रोजगार नहीं था। आरोपी और उसके साथी हर दो-तीन महीने में दिल्ली आते थे और मोबाइल चोरी कर उन्हें दिल्ली या बिहार के स्थानीय बाजारों में बेच देते थे।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह घटना हमें यह दिखाती है कि पुलिस अपनी जिम्मेदारियों को कितनी गंभीरता से ले रही है। अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई से समाज में सुरक्षा की भावना बढ़ती है। हमें उम्मीद है कि इससे अन्य अपराधियों में भी डर पैदा होगा और वे कानून के दायरे में रहेंगे।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अजय कुमार उर्फ सुखवा कौन है?
अजय कुमार उर्फ सुखवा एक कुख्यात अपराधी है, जिसे दिल्ली पुलिस ने हाल ही में गिरफ्तार किया।
पुलिस ने कितने चोरी के मोबाइल फोन बरामद किए?
पुलिस ने आरोपी के पास से 30 चोरी के मोबाइल फोन बरामद किए।
अजय कुमार पर कौन सा मामला दर्ज है?
अजय कुमार पर एफआईआर संख्या 43/2020 के तहत मामला दर्ज है।
अजय कुमार को क्यों गिरफ्तार किया गया?
उसे अदालत में पेश न होने और जमानत की शर्तों का उल्लंघन करने के कारण गिरफ्तार किया गया।
आरोपी का गिरोह किस तरह की गतिविधियों में लिप्त था?
आरोपी और उसके साथी दिल्ली के रेलवे स्टेशनों पर जेबकटी करके मोबाइल फोन चोरी करते थे।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 5 महीने पहले
  6. 5 महीने पहले
  7. 6 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले