क्या दिल्ली पुलिस ने तीन अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों को गिरफ्तार कर डिपोर्टेशन की प्रक्रिया शुरू की?

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क्या दिल्ली पुलिस ने तीन अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों को गिरफ्तार कर डिपोर्टेशन की प्रक्रिया शुरू की?

सारांश

दिल्ली पुलिस ने अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है। तीन प्रवासियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनकी पहचान झलक पाल, मो. नुरुल अब्सर और मो. अजीजुल हक के रूप में हुई है। जानिए पूरी कहानी और पुलिस की कार्यवाही के बारे में।

मुख्य बातें

दिल्ली पुलिस ने तीन अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तारी के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया था।
इन प्रवासियों की पहचान की गई और कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई।
पुलिस की जीरो टॉलरेंस नीति के कारण यह कार्रवाई संभव हुई।
अवैध प्रवासियों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

नई दिल्ली, 26 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। दक्षिण-पश्चिम जिले की ऑपरेशन सेल टीम ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए तीन अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान झलक पाल (25), मो. नुरुल अब्सर उर्फ अब्सर (40) और मो. अजीजुल हक उर्फ हक (21) के रूप में हुई है।

पुलिस ने इन तीनों के खिलाफ आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए एफआरआरओ (विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय), नई दिल्ली की सहायता से इन्हें वापस भेजने (डिपोर्टेशन) की कार्रवाई शुरू कर दी है।

अवैध और ओवरस्टे कर रहे विदेशी प्रवासियों के खिलाफ सख्त अभियान चलाने के निर्देश पर, दक्षिण-पश्चिम जिले की ऑपरेशन सेल ने एक विशेष टीम का गठन किया। इस टीम में एएसआई वेद प्रकाश, एचसी सुंदर, एचसी दीपक, कांस्टेबल फरहान, कांस्टेबल मोहित, और महिला कांस्टेबल सोमता शामिल थे। टीम का नेतृत्व इंस्पेक्टर गजेन्द्र सिंह कर रहे थे। यह पूरी कार्रवाई एसीपी विजयपाल सिंह तोमर के निर्देशन में हुई।

दरअसल, एचसी सुंदर को गुप्त सूचना मिली थी कि आरके पुरम इलाके में कुछ बांग्लादेशी प्रवासी घूम रहे हैं। इसके बाद टीम ने मौके पर पहुंचकर उनसे पूछताछ की। जब वे कोई वैध पहचान पत्र प्रस्तुत नहीं कर सके, तो गहन पूछताछ में उन्होंने स्वयं को अवैध बांग्लादेशी प्रवासी माना।

पुलिस की जांच में खुलासा हुआ कि ये सभी प्रवासी 2025 में वीजा पर भारत आए थे लेकिन वीजा की अवधि पूरी होने के बाद वापस नहीं लौटे। इन सभी ने स्वीकार किया कि वे पुर्तगाल जैसे यूरोपीय देशों में जाने का प्रयास कर रहे थे, मगर वीजा न मिलने पर दक्षिण दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में रहना शुरू कर दिया। गिरफ्तारी के दिन वे काम की तलाश में दक्षिण-पश्चिम क्षेत्र में घूम रहे थे।

पुलिस ने इनके मोबाइल फोन और सोशल मीडिया अकाउंट खंगाले। संपर्क साधकर उनके परिवारजनों से बांग्लादेशी राष्ट्रीय पहचान पत्र और पासपोर्ट की कॉपियां प्राप्त कीं। दस्तावेजों की पुष्टि के बाद सभी आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी की गईं और एफआरआरओ की मदद से इन्हें देश से बाहर भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई।

दक्षिण-पश्चिम जिला पुलिस ने बताया कि यह सफलता उनकी जीरो टॉलरेंस नीति का परिणाम है। अवैध प्रवासियों और विदेशी नागरिकों के ओवरस्टे पर निगरानी और कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह आवश्यक है कि हम इस मुद्दे को समाज के एक हिस्से के रूप में समझें। प्रवासियों के अधिकारों और सुरक्षा का ध्यान रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली पुलिस ने किस कारण से बांग्लादेशी प्रवासियों को गिरफ्तार किया?
दिल्ली पुलिस ने अवैध प्रवासियों के खिलाफ कार्रवाई के तहत इन बांग्लादेशी प्रवासियों को गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार प्रवासियों की उम्र क्या है?
गिरफ्तार प्रवासियों की उम्र क्रमशः 25, 40 और 21 वर्ष है।
इन प्रवासियों को वापस भेजने की प्रक्रिया कब शुरू होगी?
इन प्रवासियों को वापस भेजने की प्रक्रिया तुरंत एफआरआरओ की मदद से शुरू की गई है।
राष्ट्र प्रेस
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