क्या पश्चिम बंगाल के गंगासागर मेले में भीषण आग ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए?
सारांश
Key Takeaways
- गंगासागर मेले में आग लगने से कई अस्थायी टेंट जल गए।
- आग लगने के कारण मेला स्थल पर अफरातफरी मची।
- भाजपा ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।
- यह घटना सुरक्षा प्रबंधन के लिए एक गंभीर चेतावनी है।
गंगासागर, 9 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल के गंगासागर में आयोजित भव्य मेले में शुक्रवार सुबह अचानक आग लग गई, जिससे कई अस्थायी टेंट जलकर राख हो गए। आग लगने के कारण गंगासागर मेले में अफरातफरी मच गई। घटनास्थल पर पहुंची दमकल विभाग की गाड़ियों ने कई घंटों की मेहनत के बाद आग पर काबू पाया।
जानकारी के अनुसार, यह घटना रोड नंबर 2 पर कपिल मुनि मंदिर के सामने हुई, जहां मेले से पहले अस्थायी टेंट लगाए गए थे। आग लगने से कई अस्थायी टेंट जल गए। हालांकि, इस घटना में अभी तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं आई है।
इस घटना ने गंगासागर मेले से पहले सुरक्षा और आग बुझाने के उपायों को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कहा है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के प्रशासन के तहत गंगासागर मेले में लगातार बनी हुई अव्यवस्था की यह एक और याद दिलाने वाली घटना है।
भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "यह कोई एकमात्र घटना नहीं है। यह एक चिंताजनक पैटर्न का हिस्सा है। साल दर साल गंगासागर मेला अव्यवस्था, खराब प्लानिंग और जन सुरक्षा के प्रति चौंकाने वाली लापरवाही के लिए जाना जाता है। पहले भी भगदड़ में कई लोगों की जान चली गई थी। इस बार मेले के सबसे भीड़भाड़ वाले इलाकों में से एक में भीषण आग लग गई।"
उन्होंने कहा, "जब लाखों श्रद्धालु एक पवित्र स्थान पर इकट्ठा होते हैं, तो बुनियादी सुरक्षा व्यवस्था कोई विकल्प नहीं है, बल्कि यह एक जिम्मेदारी है। अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन, आपातकालीन निकास, भीड़ प्रबंधन और आपदा से निपटने की तैयारी को बाद की बात नहीं माना जा सकता।"
अमित मालवीय ने कहा कि पश्चिम बंगाल को सवाल पूछना चाहिए कि जवाबदेही तय करने से पहले कितनी चेतावनियों को नजरअंदाज किया जाएगा? राज्य सरकार गंगासागर को फोटो-ऑप कार्यक्रम मानना बंद करके इसे एक गंभीर प्रशासनिक जिम्मेदारी के तौर पर कब लेगी? इससे पहले कितनी और दुर्घटनाएं या त्रासदी होंगी?"
उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म सम्मान का हकदार है। भक्तों को सुरक्षा मिलनी चाहिए। इसके बजाय उन्हें हर साल लापरवाही मिलती है।