16 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

धोलेरा हवाई अड्डा 2026 के अंत तक चालू होगा, CM भूपेंद्र पटेल ने ₹20,667 करोड़ की रेलवे परियोजना समेत लिया जायजा

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
धोलेरा हवाई अड्डा 2026 के अंत तक चालू होगा, CM भूपेंद्र पटेल ने ₹20,667 करोड़ की रेलवे परियोजना समेत लिया जायजा

सारांश

धोलेरा इस साल के अंत तक हवाई कनेक्टिविटी पाने की कगार पर है — और ₹20,667 करोड़ की सेमी-हाई-स्पीड रेल, टाटा सेमीकंडक्टर फैब और 1.11 लाख से अधिक पौधों वाले ग्रीन बेल्ट के साथ, गुजरात का यह ग्रीनफील्ड शहर देश के सबसे महत्वाकांक्षी औद्योगिक प्रयोगों में से एक बनता जा रहा है।

मुख्य बातें

धोलेरा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कैलिब्रेशन फ्लाइट सफल; 2026 के अंत तक परिचालन की उम्मीद।
₹20,667 करोड़ की लागत से 134 किलोमीटर लंबी अहमदाबाद-धोलेरा सेमी-हाई-स्पीड डबल रेलवे लाइन को मंजूरी।
टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स की सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन फैसिलिटी का निर्माण जारी; सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम की अहम कड़ी।
सामाजिक ढाँचे में 200 बिस्तरों का अस्पताल , इंटीग्रेटेड स्कूल, 600 क्षमता का फूड कोर्ट समेत अनेक सुविधाएँ।
53 हेक्टेयर में 1.11 लाख से अधिक पौधे ; 'ड्रम प्लांटेशन' तकनीक से सर्वाइवल रेट सुधारने की कोशिश।
कुलदीप आर्य ने CM पटेल को DSIR के विकास रोडमैप पर विस्तृत प्रस्तुति दी।

गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने 16 अक्टूबर 2026 को धोलेरा स्पेशल इन्वेस्टमेंट रीजन (DSIR) का दौरा किया और वहाँ चल रही औद्योगिक, शहरी एवं सामाजिक बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान उन्हें बताया गया कि धोलेरा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा इस साल के अंत तक परिचालन के लिए तैयार हो जाएगा और ₹20,667 करोड़ की लागत वाली 134 किलोमीटर लंबी अहमदाबाद-धोलेरा सेमी-हाई-स्पीड डबल रेलवे लाइन को सरकारी मंजूरी मिल चुकी है।

हवाई अड्डे की तैयारी और कनेक्टिविटी

हाल ही में धोलेरा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एक कैलिब्रेशन फ्लाइट सफलतापूर्वक उतरी, जो इसके संचालन की दिशा में एक निर्णायक कदम मानी जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, यह हवाई अड्डा और अहमदाबाद-धोलेरा एक्सप्रेसवे मिलकर इस क्षेत्र की कनेक्टिविटी को नई ऊँचाई पर ले जाएँगे।

मंजूर की गई सेमी-हाई-स्पीड रेलवे लाइन अहमदाबाद, DSIR, हवाई अड्डे और लोथल को आपस में तेज गति से जोड़ेगी। इसके अलावा, 23 किलोमीटर लंबी भीमनाथ-धोलेरा लॉजिस्टिक्स हब रेलवे लाइन भी विकसित की जा रही है, जो इस उभरते औद्योगिक केंद्र को माल-परिवहन के लिहाज से और सक्षम बनाएगी।

टाटा सेमीकंडक्टर फैब और औद्योगिक इकोसिस्टम

मुख्यमंत्री पटेल ने टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन फैसिलिटी के निर्माण कार्य का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया। यह सुविधा धोलेरा में प्रस्तावित सेमीकंडक्टर निर्माण इकोसिस्टम की रीढ़ मानी जा रही है।

यह ऐसे समय में आया है जब भारत वैश्विक सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला में अपनी जगह पक्की करने के लिए कई मोर्चों पर एक साथ काम कर रहा है। गौरतलब है कि धोलेरा को देश के पहले ग्रीनफील्ड स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित किया जा रहा है, और यह सुविधा सेमीकंडक्टर निर्माण, सहायक उद्योगों, प्रौद्योगिकी कंपनियों और कुशल रोजगार को बढ़ावा देने में सहायक होगी।

सामाजिक बुनियादी ढाँचा और आवासीय सुविधाएँ

DSIR के 'एक्टिवेशन एरिया' में विकसित की जा रही सामाजिक सुविधाओं में 200 बिस्तरों वाला मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल, एक इंटीग्रेटेड स्कूल, फायर स्टेशन, 42 कमरों वाला गेस्ट हाउस, 600 लोगों की क्षमता का फूड कोर्ट, 50 टेंट वाला टेंट सिटी, एक होटल, तथा आवासीय और व्यावसायिक परियोजनाएँ शामिल हैं।

ये सुविधाएँ यहाँ काम करने और रहने वाले उद्योग-कर्मियों की दैनिक जरूरतें पूरी करने के उद्देश्य से तैयार की जा रही हैं। यह बड़े औद्योगिक पार्कों की उस परंपरागत खामी को दूर करने का प्रयास है, जहाँ उत्पादन ढाँचा तो खड़ा हो जाता है, लेकिन श्रमबल के लिए बसावट पीछे रह जाती है।

पर्यावरण और हरित पहल

मुख्यमंत्री ने वन विभाग और सद्भावना ट्रस्ट के सहयोग से चलाए जा रहे वृक्षारोपण अभियान का भी जायजा लिया। इस पहल के तहत 53 हेक्टेयर हरित क्षेत्र में 1.11 लाख से अधिक पौधे लगाए जा रहे हैं।

उन्होंने 'ड्रम प्लांटेशन' तकनीक के उपयोग का मूल्यांकन किया, जो पेड़ों के जीवित रहने की दर (सर्वाइवल रेट) सुधारने के लिए अपनाई जा रही है। औद्योगिक विस्तार और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाने की यह कोशिश क्षेत्र के दीर्घकालिक टिकाऊ विकास मॉडल का हिस्सा बताई गई है।

लोथल और आगे का रोडमैप

मुख्यमंत्री ने लोथल में निर्माणाधीन नेशनल मैरीटाइम हेरिटेज कॉम्प्लेक्स की प्रगति की भी समीक्षा की। इस दौरे के दौरान धोलेरा इंडस्ट्रियल सिटी डेवलपमेंट लिमिटेड (DICDL) के प्रबंध निदेशक डॉ. कुलदीप आर्य ने DSIR की समग्र प्रगति, भविष्य की कनेक्टिविटी योजनाओं और विकास रोडमैप पर विस्तृत प्रस्तुति दी।

धोलेरा परियोजना को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप आगे बढ़ाया जा रहा है। यदि हवाई अड्डे और रेल कनेक्टिविटी की समयसीमाएँ पूरी होती हैं, तो धोलेरा अगले दो-तीन वर्षों में भारत के सबसे महत्वाकांक्षी औद्योगिक केंद्रों में से एक के रूप में उभर सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी समयसीमाओं पर खरा उतरना होगी — भारत के कई ग्रीनफील्ड औद्योगिक शहरों का इतिहास बताता है कि घोषणाएँ और जमीनी गति अक्सर अलग-अलग रफ्तार से चलती हैं। टाटा सेमीकंडक्टर फैब की उपस्थिति धोलेरा को अन्य औद्योगिक क्षेत्रों से अलग करती है, क्योंकि सेमीकंडक्टर निर्माण आपूर्ति श्रृंखला की गहराई और कुशल रोजगार दोनों लेकर आता है। हालाँकि, रेलवे लाइन की मंजूरी और हवाई अड्डे के परिचालन के बीच की खाई तब तक बनी रहेगी जब तक क्रियान्वयन की जवाबदेही सार्वजनिक रूप से मापने योग्य नहीं बनती।
RashtraPress
16 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

धोलेरा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा कब तक चालू होगा?
अधिकारियों के अनुसार धोलेरा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा 2026 के अंत तक परिचालन के लिए तैयार हो जाने की उम्मीद है। हाल ही में वहाँ एक कैलिब्रेशन फ्लाइट सफलतापूर्वक उतरी, जो इस दिशा में एक अहम संकेत है।
अहमदाबाद-धोलेरा सेमी-हाई-स्पीड रेलवे लाइन क्या है?
यह 134 किलोमीटर लंबी डबल रेलवे लाइन है जिसे ₹20,667 करोड़ की अनुमानित लागत पर विकसित किया जाना है। यह अहमदाबाद, DSIR, धोलेरा हवाई अड्डे और लोथल के बीच तेज कनेक्टिविटी सुनिश्चित करेगी।
धोलेरा में टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स की सेमीकंडक्टर फैसिलिटी का क्या महत्व है?
टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स की सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन फैसिलिटी धोलेरा के प्रस्तावित सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम की आधारशिला है। यह सुविधा चिप निर्माण, सहायक उद्योगों और कुशल रोजगार को आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
धोलेरा SIR में कौन-सी सामाजिक सुविधाएँ विकसित की जा रही हैं?
DSIR के एक्टिवेशन एरिया में 200 बिस्तरों का मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल, इंटीग्रेटेड स्कूल, फायर स्टेशन, 42 कमरों का गेस्ट हाउस, 600 लोगों की क्षमता का फूड कोर्ट, 50 टेंट वाला टेंट सिटी, होटल और आवासीय परियोजनाएँ शामिल हैं। ये सुविधाएँ क्षेत्र में काम करने और रहने वाले लोगों के लिए तैयार की जा रही हैं।
धोलेरा में पर्यावरण संरक्षण के लिए क्या किया जा रहा है?
वन विभाग और सद्भावना ट्रस्ट के सहयोग से 53 हेक्टेयर हरित क्षेत्र में 1.11 लाख से अधिक पौधे लगाए जा रहे हैं। 'ड्रम प्लांटेशन' तकनीक अपनाई जा रही है, जिसका उद्देश्य पेड़ों की सर्वाइवल रेट बेहतर बनाना है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 5 महीने पहले
  6. 5 महीने पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले