क्या अदाणी समूह के दिघी पोर्ट ने मदरसन के साथ ऑटोमोबाइल निर्यात के लिए करार किया?

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क्या अदाणी समूह के दिघी पोर्ट ने मदरसन के साथ ऑटोमोबाइल निर्यात के लिए करार किया?

सारांश

अदाणी समूह के दिघी पोर्ट ने मदरसन समूह के साथ महत्वपूर्ण करार किया है। यह साझेदारी ऑटोमोबाइल निर्यात के लिए एक नई सुविधा स्थापित करने में मदद करेगी। इस कदम से भारत के ऑटोमोटिव उद्योग को मजबूत समर्थन मिलेगा और वैश्विक बाजार में वाहनों के निर्यात की प्रक्रिया को सुलभ बनाया जाएगा।

मुख्य बातें

दिघी पोर्ट ने मदरसन के साथ साझेदारी की है।
नया रोरो टर्मिनल ऑटोमोबाइल निर्यात में सहायता करेगा।
भारत के ऑटोमोटिव उद्योग को लाभ होगा।
साझेदारी से वैश्विक बाजार में भारत की उपस्थिति बढ़ेगी।
दिघी पोर्ट की कार्गो हैंडलिंग क्षमता 28% है।

अहमदाबाद, 5 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। अदाणी पोर्ट्स की सहायक कंपनी दिघी पोर्ट ने मदरसन समूह के ज्वाइंट वेंचर संवर्धन मदरसन हमाक्योरेक्स इंजीनियर्ड लॉजिस्टिक्स लिमिटेड (एसएएमआरएक्स) के साथ शुक्रवार को महाराष्ट्र के दिघी पोर्ट पर ऑटोमोबाइल निर्यात के लिए एक विशिष्ट सुविधा स्थापित करने हेतु करार किया है।

कंपनी ने एक बयान में कहा कि अदाणी पोर्ट्स के प्रमुख पोर्ट में से एक, दिघी पोर्ट अब ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत भारत की ऑटोमोटिव विकास कहानी को समर्थन देने के लिए अपनी क्षमताओं का विस्तार करने के लिए तैयार है, जिससे वैश्विक बाजारों के लिए वाहनों का निर्बाध निर्यात और आयात संभव हो सकेगा।

अदाणी पोर्ट्स के पूर्णकालिक निदेशक और सीईओ अश्वनी गुप्ता ने कहा, "अदाणी पोर्ट्स की एकीकृत इन्फ्रास्ट्रक्चर क्षमताओं को मदरसन की विशेषज्ञता के साथ मिलाकर, हम देश भर में वाहनों की आवाजाही के लिए एक निर्बाध, मजबूत नेटवर्क तैयार कर रहे हैं। यह रोरो (रोल ऑन और रोल ऑफ) टर्मिनल न केवल व्यापार को गति देगा और आपूर्ति श्रृंखला की दक्षता बढ़ाएगा, बल्कि हमारे ग्राहकों को दीर्घकालिक मूल्य भी प्रदान करेगा।"

कंपनी ने कहा कि यह रणनीतिक साझेदारी दिघी पोर्ट को मुंबई से पुणे ऑटो बेल्ट के निर्यातकों के लिए नया ऑटोमोबाइल निर्यात टर्मिनल बना देगी।

मदरसन ग्रुप के वाइस चेयरमैन लक्ष्य वामन सहगल के अनुसार, अदाणी पोर्ट्स के साथ यह साझेदारी ऑटोमोटिव उद्योग को एकीकृत, विश्व स्तरीय लॉजिस्टिक्स समाधान प्रदान करने के हमारे मिशन में एक महत्वपूर्ण कदम है।

सहगल ने कहा कि दिघी बंदरगाह पर इस रोरो टर्मिनल को विकसित करके, "हम अपने सर्विस पोर्टफोलियो को बढ़ा रहे हैं और एक रणनीतिक एसेट्स भी बना रहे हैं जो हमारे ओईएम भागीदारों के लिए दक्षता को बढ़ावा देगा और रसद लागत को कम करेगा।"

उन्होंने आगे कहा कि यह सहयोग भारत की ऑटोमोटिव आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करेगा और हमारे ग्राहकों को मजबूत मूल्य प्रदान करेगा।

नए रोरो टर्मिनल में एंड-टू-एंड फिनिश्ड व्हीकल (एफवी) लॉजिस्टिक्स को संभालने के लिए स्टेट-ऑफ-द-आर्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर होगा, जिससे बड़ी ऑटोमोटिव कंपनियों के लिए ऑपरेशन आसान हो जाएंगे।

एसएएमआरएक्स अपनी सर्विसेज को वर्टिकली इंटीग्रेट करने के लिए टर्मिनल में निवेश करेगा, जिससे 360-डिग्री कार्गो विजिबिलिटी के साथ एक व्यापक लॉजिस्टिक्स समाधान मिलेगा।

दिघी पोर्ट महाराष्ट्र के लैंडलॉक्ड इंडस्ट्रियल कॉरिडोर और इंडस्ट्रियल क्षेत्रों के लिए एक गेटवे के तौर पर काम करता है, जो कमोडिटी स्टोरेज के लिए बंद वेयरहाउस, टैंक फार्म और ओपन स्टॉकयार्ड प्रदान करता है।

अभी 633 मिलियन टन सालाना कार्गो हैंडलिंग क्षमता के साथ, अदाणी पोर्ट्स भारत के कुल पोर्ट वॉल्यूम का लगभग 28 प्रतिशत नियंत्रित करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह वैश्विक प्रतिस्पर्धा में भी भारत को मजबूती प्रदान करेगी। ऐसे कदम देश के विकास के लिए आवश्यक हैं।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिघी पोर्ट पर ऑटोमोबाइल निर्यात के लिए किसके साथ करार हुआ है?
अदाणी पोर्ट्स ने मदरसन समूह के ज्वाइंट वेंचर एसएएमआरएक्स के साथ करार किया है।
इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य ऑटोमोबाइल निर्यात के लिए एक विशिष्ट सुविधा स्थापित करना है।
दिघी पोर्ट की कार्गो हैंडलिंग क्षमता क्या है?
दिघी पोर्ट की सालाना कार्गो हैंडलिंग क्षमता 633 मिलियन टन है।
राष्ट्र प्रेस