भाजपा नेता दिलीप घोष ने पूर्व रेल मंत्री मुकुल रॉय के निधन पर शोक व्यक्त किया
सारांश
Key Takeaways
- मुकुल रॉय का निधन 23 फरवरी 2023 को हुआ।
- वे तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के वरिष्ठ नेता थे।
- दिलीप घोष ने उनके योगदान को याद किया।
- रॉय की राजनीतिक यात्रा ने कई लोगों को प्रभावित किया।
- उनकी सेहत लंबे समय से खराब थी।
कोलकाता, 23 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। पूर्व केंद्रीय रेल मंत्री मुकुल रॉय के निधन पर भाजपा नेता दिलीप घोष ने गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुकुल रॉय बंगाल के एक प्रमुख नेता, टीएमसी के राष्ट्रीय नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री के रूप में जाने जाते थे।
कोलकाता में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए दिलीप घोष ने कहा कि मुकुल रॉय ने बंगाल की राजनीति में महत्वपूर्ण योगदान दिया और भाजपा में रहते हुए उनके अनुभव का हमें लाभ मिला। वे मजबूरी में पार्टी छोड़ने को मजबूर हुए। कुछ समय से उनकी तबियत खराब थी और मुझे लगता है कि वे अभी और योगदान देने की क्षमता रखते थे। भगवान उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें।
पूर्व केंद्रीय रेल मंत्री और तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मुकुल रॉय का रविवार रात को अपोलो मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल में कार्डियक अरेस्ट के कारण निधन हो गया। वे लंबे समय से कई स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे। उनकी स्थिति बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनके परिवार ने उनके निधन की पुष्टि की है।
रॉय कभी तृणमूल कांग्रेस में पार्टी के महासचिव और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के सबसे करीबी विश्वासपात्र रहे हैं। वे उन पहले नौ नेताओं में से थे जिन्होंने 1990 के दशक के अंत में एक नई राजनीतिक पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, बनाने के लिए चुनाव आयोग से संपर्क किया था। यह पार्टी ममता बनर्जी ने कांग्रेस से अलग होने के बाद स्थापित की थी। पश्चिम बंगाल में राज्य कांग्रेस के कई नेताओं ने उनका समर्थन किया था।
2017 में उन्होंने तृणमूल कांग्रेस से नाता तोड़कर भाजपा में शामिल होने का ऐलान किया। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य के रूप में अपनी सीट से भी इस्तीफा दे दिया। वे 2021 तक भाजपा के साथ जुड़े रहे।
स्वास्थ्य समस्याओं के कारण पूर्व रेल मंत्री सक्रिय राजनीति से दूर थे। उन्होंने सार्वजनिक कार्यक्रमों में भाग लेने से दूरी बना ली थी। टीएमसी और भाजपा में अपने अनुभव के आधार पर उन्होंने काम किया। उनकी राजनीतिक समझ ने उन्हें बंगाल में एक महत्वपूर्ण पहचान दिलाई।