दिलीप घोष ने टीएमसी पर गंभीर आरोप लगाए, कहा: हार के डर से बौखलाई है पार्टी
सारांश
Key Takeaways
- दिलीप घोष ने टीएमसी पर गंभीर आरोप लगाए।
- हिंसा और डर का सहारा लेने का आरोप।
- पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 23 और 29 अप्रैल को।
- चुनाव परिणाम 4 मई को।
- दिलीप घोष भाजपा के वरिष्ठ नेता हैं।
खड़गपुर, 3 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव को लेकर शुक्रवार को भाजपा के नेता दिलीप घोष ने सत्तारूढ़ टीएमसी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि हार के डर से टीएमसी बौखलाई हुई है और इस कारण प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में हिंसा का सहारा लिया जा रहा है।
दिलीप घोष ने बताया कि कई स्थानों पर चुनाव आयोग के अधिकारियों को घेरने की कोशिश की गई और उन्हें काले झंडे दिखाए गए, जो कि कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति को दर्शाता है।
भाजपा नेता ने यह भी आरोप लगाया कि खड़गपुर में उनके चुनाव प्रचार के दौरान बाधा डालने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि गुरुवार को उनकी गाड़ी को नुकसान पहुंचाने और उन्हें घेरने का प्रयास किया गया। घोष ने आरोप लगाया कि टीएमसी जबरदस्ती, डर और गुंडागर्दी के माध्यम से चुनाव जीतने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि अब प्रदेश का प्रशासन पूरी तरह से चुनाव आयोग के नियंत्रण में है। ऐसे में ममता बनर्जी को यह नहीं समझना चाहिए कि सब कुछ उनकी मर्जी से चलेगा। अब हर कार्य चुनाव आयोग के निर्देशों के अनुसार ही होगा।
ज्ञात हो कि दिलीप घोष पश्चिम बंगाल के एक प्रमुख नेता हैं और भाजपा के वरिष्ठ चेहरों में शामिल हैं। वे 2015 से 2021 तक भाजपा के पश्चिम बंगाल प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं और मेदिनीपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद भी रह चुके हैं। वर्तमान में वे खड़गपुर सदर सीट से भाजपा उम्मीदवार के रूप में चुनावी मैदान में हैं।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव दो चरणों में आयोजित किए जा रहे हैं। पहले चरण में 23 अप्रैल को 152 सीटों पर मतदान होगा जबकि दूसरे चरण में 29 अप्रैल को 142 सीटों पर वोट डाले जाएंगे। चुनाव के परिणाम 4 मई को घोषित किए जाएंगे।