26 जून 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या ईसीआई ने पारदर्शी चुनाव के लिए बड़े कदम उठाए?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या ईसीआई ने पारदर्शी चुनाव के लिए बड़े कदम उठाए?

सारांश

भारत निर्वाचन आयोग ने चुनावी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए पिछले छह महीनों में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। ये पहलें न केवल मतदान की प्रक्रिया को सुधारेंगी, बल्कि चुनावी प्रणाली में विश्वास को भी बढ़ाएंगी। जानें ईसीआई की इन पहलों के बारे में।

मुख्य बातें

ईसीआई ने 28 महत्वपूर्ण पहलों की घोषणा की है।
प्रौद्योगिकी का उपयोग मतदान प्रक्रिया को पारदर्शी बनाएगा।
मतदाता सूची में शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए विशेष कदम उठाए गए हैं।
सर्वदलीय बैठकें सहयोग को बढ़ावा देंगी।
मतदाता पहचान पत्र की डिलीवरी प्रणाली में सुधार किया गया है।

नई दिल्ली, 19 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) चुनावी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है। इस दौरान, चुनाव आयोग ने पिछले छह महीनों में उठाए गए महत्वपूर्ण कदमों के बारे में जानकारी साझा की है। ईसीआई ने बताया कि पिछले छह महीनों में 28 महत्वपूर्ण पहलों को लागू किया गया है।

ईसीआई के अनुसार, इन पहलों में हितधारकों के साथ सहभागिता, निर्वाचन प्रणालियों की स्वच्छता, प्रौद्योगिकी का उपयोग, मतदाता सूचियों की शुद्धता, मतदान में सुगमता और क्षमता निर्माण पर विशेष ध्यान दिया गया है।

आयोग ने देशभर में 4,719 सर्वदलीय बैठकें आयोजित कीं, जिनमें 28,000 से अधिक राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि शामिल हुए। इनमें मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (सीईओ) ने 40, जिला निर्वाचन अधिकारियों (डीईओ) ने 800 और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (ईआरओ) ने 3,879 बैठकें कीं। इसके अलावा, राष्ट्रीय और राज्यीय दलों के नेताओं के साथ 20 बैठकें भी आयोजित की गई हैं।

चुनाव आयोग ने बताया कि हमने 476 गैर-मान्यता प्राप्त पंजीकृत राजनीतिक दलों की पहचान कर 334 को सूची से हटाया है। भूमिकाओं की मैपिंग, बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) के लिए फोटो पहचान-पत्र, ईवीएम माइक्रोकंट्रोलर की जांच और तकनीकी एसओपी जैसे कदम उठाए गए हैं। राष्ट्रीय सम्मेलनों और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की चुनाव प्रबंधन की भूमिका को और मजबूत किया गया है।

आयोग ने ईसीआईनेट डिजिटल प्लेटफॉर्म शुरू किया, जिसमें 40 से अधिक ऐप्स और वेबसाइटें शामिल हैं। मतदान केंद्रों पर 100 प्रतिशत वेबकास्टिंग, हर दो घंटे में मतदान डेटा अपलोड, डिजिटल इंडेक्स कार्ड और वीवीपैट गलतियों की जांच जैसे कदम उठाए गए हैं।

इसके अलावा, उपचुनावों से पहले संक्षिप्त पुनरीक्षण, मृत्यु पंजीकरण डेटा लिंकेज, यूनिक एपिक नंबर और 15 दिनों में मतदाता पहचान-पत्र डिलीवरी जैसे कदमों से मतदाता सूचियों को और सटीक बनाया गया है।

साथ ही, बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत मतदाता सूची के शुद्धिकरण पर फोकस किया गया है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई भी योग्य या पात्र मतदाता छूट न जाए और कोई भी अयोग्य या अपात्र नाम न रह जाए। इसके अलावा, लगभग दो दशकों में पहली बार 4 राज्यों में हाल ही में संपन्न उपचुनावों से पहले मतदाता सूचियों को संशोधित किया गया है। साथ ही, देश भर में विभिन्न व्यक्तियों के लिए समान एपिक नंबर समाप्त करने जैसे महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

मैं कहता हूं कि ईसीआई की नई पहलों से चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी। यह कदम न केवल मतदाता के अधिकारों की रक्षा करेगा, बल्कि लोकतंत्र को और मजबूत बनाएगा।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईसीआई ने पारदर्शिता के लिए कौन-कौन सी पहल की हैं?
ईसीआई ने 28 महत्वपूर्ण पहलों का कार्यान्वयन किया है, जिसमें हितधारकों के साथ सहभागिता, मतदान डेटा की वेबकास्टिंग और मतदाता सूचियों की शुद्धता शामिल हैं।
इन पहलों का प्रभाव क्या होगा?
इन पहलों से चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी, जिससे मतदाता का विश्वास मजबूत होगा और चुनावी प्रक्रिया में सुधार होगा।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 8 महीने पहले
  2. 8 महीने पहले
  3. 8 महीने पहले
  4. 8 महीने पहले
  5. 10 महीने पहले
  6. 10 महीने पहले
  7. 10 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले