क्या एडिटर्स गिल्ड ने पत्रकार शिव अरूर के खिलाफ आपराधिक शिकायत की धमकी पर चिंता जताई?

सारांश
Key Takeaways
- एडिटर्स गिल्ड ने प्रेस की स्वतंत्रता का समर्थन किया।
- पत्रकारों के खिलाफ आपराधिक आरोपों का दुरुपयोग चिंता का विषय है।
- सभी राजनीतिक दलों को उचित कार्रवाई करनी चाहिए।
- पत्रकारिता को अपराधीकरण से बचाना आवश्यक है।
- आपराधिक कानूनों का उपयोग पत्रकारों के उत्पीड़न के लिए नहीं होना चाहिए।
नई दिल्ली, २४ अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया ने वरिष्ठ कांग्रेस नेता पवन खेड़ा द्वारा एनडीटीवी के मैनेजिंग एडिटर शिव अरूर के खिलाफ उनके प्रसिद्ध शो ‘इंडिया मैटर्स’ के १९ अगस्त के एपिसोड को लेकर आपराधिक शिकायत की धमकी देने पर गहरी चिंता जताई है।
गिल्ड ने इस घटना को प्रेस की स्वतंत्रता पर एक गंभीर हमला मानते हुए पत्रकारों के खिलाफ आपराधिक कानूनों के दुरुपयोग की बढ़ती प्रवृत्ति की निंदा की है।
गिल्ड ने अपने बयान में कहा, “एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया एनडीटीवी के पत्रकार शिव अरूर के खिलाफ आपराधिक शिकायत के इरादे से कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता के बयान पर चिंता व्यक्त करता है।”
बयान में आगे कहा गया, “प्रसारण की विषय-वस्तु पर कोई टिप्पणी किए बिना गिल्ड मीडियाकर्मियों के पेशेवर काम के बदले में उन पर आपराधिक आरोप लगाने की बढ़ती प्रवृत्ति से चिंतित है।”
इस संगठन ने सभी राजनीतिक दलों से अपील की है कि वे ऐसी कार्रवाइयों से दूर रहें और शिकायतों के समाधान के लिए वैकल्पिक उपायों का उपयोग करें।
पत्रकारों के संगठन ने एक बयान में कहा, “आपराधिक कानूनों का उपयोग पत्रकारों के उत्पीड़न के लिए नहीं होना चाहिए। सभी राजनीतिक दलों से ऐसे उपायों से बचने का आग्रह किया जाता है। पत्रकारिता को आपराधिकता से अलग रखते हुए शिकायतों को आगे बढ़ाने के लिए नागरिक कानून के तहत कई विकल्प मौजूद हैं। एडिटर्स गिल्ड प्रेस की स्वतंत्रता की रक्षा और संपादकीय नेतृत्व के उच्च मानकों को बढ़ावा देने के प्रति प्रतिबद्ध है। साथ ही, यह पत्रकारों को उनकी रिपोर्टिंग में निष्पक्षता और संतुलन के सिद्धांतों का पालन करने की जिम्मेदारी की याद दिलाता है।”
विवाद की शुरुआत १९ अगस्त को ‘इंडिया मैटर्स’ के एक एपिसोड से हुई, जिसमें शिव अरूर ने चुनावी विश्लेषक संजय कुमार द्वारा महाराष्ट्र के नागपुर और नासिक जिलों के दो विधानसभा क्षेत्रों में मतदाता संख्या के संबंध में गलत दावों पर चर्चा की थी। संजय कुमार ने बाद में इन दावों के लिए माफी मांगी थी।
कांग्रेस ने इस मुद्दे को कथित मतदान धोखाधड़ी से जोड़ा, जबकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कांग्रेस पर संजय कुमार के गलत आंकड़ों का उपयोग कर चुनावी प्रक्रिया के बारे में गलत जानकारी फैलाने का आरोप लगाया।
२२ अगस्त को कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने शिव अरूर पर कांग्रेस और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को बदनाम करने का 'दुर्भावनापूर्ण प्रयास' करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि एक आपराधिक शिकायत दर्ज की गई है और पार्टी के वकील 'कानून की पूरी सीमा तक हर संभव प्रयास करेंगे।'