क्या फरीदाबाद के नहर पार के किसानों ने कृष्ण पाल गुर्जर को ज्ञापन सौंपा?

सारांश
Key Takeaways
- किसानों ने अपनी जमीनों के अधिग्रहण को लेकर ज्ञापन प्रस्तुत किया।
- कृष्ण पाल गुर्जर ने आश्वासन दिया कि सरकार किसानों की सहमति के बिना कार्रवाई नहीं करेगी।
- किसानों की चिंताओं को सुनने और समाधान करने का महत्व।
फरीदाबाद, 31 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। फरीदाबाद के नहर पार क्षेत्र के किसानों ने रविवार को केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर से मुलाकात की। 15 से 20 गांवों के किसानों ने मंत्री के कार्यालय पर पहुँचकर अपनी जमीनों के अधिग्रहण को रोकने की मांग करते हुए ज्ञापन प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर, कृष्ण पाल गुर्जर ने किसानों को आश्वासन दिया कि सरकार किसी भी किसान की जमीन उसकी मर्जी के बिना अधिग्रहित नहीं करेगी।
आश्वासन मिलने के बाद, किसानों ने बताया कि वे लंबे समय से इस डर में थे कि सरकार उनकी जमीन जबरन ले सकती है। इस चिंता को लेकर किसान लगातार आंदोलन की तैयारी कर रहे थे। लेकिन, मंत्री के समक्ष अपनी बात रखने के बाद उन्हें राहत मिली है।
किसानों की चिंताओं को दूर करते हुए केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर ने मीडिया से बातचीत में स्पष्ट किया कि हरियाणा सरकार किसी भी किसान की जमीन उसकी मर्जी के बिना अधिग्रहित नहीं करेगी।
उन्होंने कहा कि 15 से 20 गांवों के किसान यहां आए थे, जिन्हें यह चिंता थी कि सरकार उनकी जमीन का अधिग्रहण कर सकती है। जिन किसानों की इच्छा होगी, वही अपनी जमीन सरकार को देंगे। लेकिन, पहले सरकार उन्हें उचित दाम प्रदान करेगी। यदि किसान संतुष्ट हैं, तो वे अपनी जमीन देंगे, अन्यथा किसी की जमीन जबरन नहीं ली जाएगी।
मंत्री ने आगे कहा कि मैंने सरकार की ओर से उन्हें आश्वासन दिया है और उनकी चिंता दूर की है। किसानों को चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। सरकार उनकी सहमति के बिना किसी भी प्रकार की कार्रवाई नहीं करेगी।
इस मौके पर, किसानों के साथ ज्ञापन देने पहुंचे कांग्रेस के पूर्व विधायक ललित नागर ने भी मीडिया से बातचीत की। उन्होंने कहा कि किसान कई दिनों से इस डर में परेशान थे कि उनकी जमीन सरकार द्वारा अधिग्रहित की जा सकती है। केंद्रीय राज्य मंत्री के आश्वासन के बाद किसानों ने राहत की सांस ली है। हम इसके लिए मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर का धन्यवाद करते हैं। अब हमें पूरा विश्वास है कि सरकार जबरदस्ती कोई जमीन नहीं लेगी।