क्या फारुक अब्दुल्ला ने जम्मू संभाग में नए जिले बनाने की मांग पर महबूबा मुफ्ती को जवाब दिया?
सारांश
Key Takeaways
- फारूक अब्दुल्ला ने कहा है कि रियासत को तोड़ने वाले सफल नहीं होंगे।
- जम्मू में नए जिलों की मांग पर राजनीतिक प्रतिक्रिया आई है।
- महबूबा मुफ्ती की मांग का विरोध किया गया है।
जम्मू, 20 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की जम्मू संभाग में नए जिले बनाने की मांग पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि रियासत को तोड़ने वाले कई लोग हैं, लेकिन वे कभी सफल नहीं होंगे। कोई नया जिला नहीं बनाया जाएगा।
फारूक अब्दुल्ला ने मंगलवार को जम्मू में पार्टी के ब्लॉक अध्यक्षों के सम्मेलन में भाग लिया। उन्होंने कहा कि हम अपने ब्लॉक अध्यक्षों और सचिवों की समस्याओं को सुन रहे हैं और उन्हें किस प्रकार सशक्त किया जाए, इस पर विचार कर रहे हैं।
महबूबा मुफ्ती की नए जिलों की मांग पर उन्होंने कहा कि कोई नया जिला नहीं बनना चाहिए। पहले से ही बहुत से जिले हैं। इन्हें संभालना ही महत्वपूर्ण है। इसी बीच, फारूक अब्दुल्ला ने पूछा, "वह भी मुख्यमंत्री रहीं और उनके पिता भी सीएम थे, तब उन्होंने क्या किया?"
उन्होंने कहा कि केवल उंगली उठाना बहुत आसान है, लेकिन देखना चाहिए कि तीन उंगलियां आपकी ओर भी इशारा करती हैं।
फारूक अब्दुल्ला ने आगे कहा, "डिक्सन प्लान बहुत पुराना था कि डिवाइड करो। चिनाब रिवर के उस पार ग्रेटर कश्मीर है, और इसे अलग करो। हिमाचल के परमार साहब थे, जिन्होंने चंबा और कांगड़ा के लोगों से कहा कि आपकी जुबान हिमाचली है, वरना तो बहुत बड़े-बड़े ख्याल थे। रियासत को तोड़ने वाले बहुत से लोग हैं, लेकिन वे कभी सफल नहीं होंगे।"
'अगर जम्मू को अलग कर दिया जाए तो कश्मीर के लिए बेहतर होगा' वाली टिप्पणी पर फारूक अब्दुल्ला ने श्रीनगर के पूर्व मेयर जुनैद अजीम मट्टू को नासमझ बताते हुए कहा, "हमने कभी ऐसा नहीं सोचा। हम तो लद्दाख को भी अलग नहीं करना चाहते थे। इससे लद्दाखियों को क्या फायदा मिला? आज तो लद्दाखी भी कहते हैं कि हमें वापस रियासत के साथ जोड़ दो। हमें यूनियन टेरिटरी नहीं चाहिए। उम्मीद है कि एक दिन फिर से लद्दाख वापस आ जाएगा।"