29 सितंबर 2026
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फतेहपुर गैस सिलेंडर ब्लास्ट: चार सगे भाइयों समेत 5 की मौत, दो मंजिला मकान ढहा

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फतेहपुर गैस सिलेंडर ब्लास्ट: चार सगे भाइयों समेत 5 की मौत, दो मंजिला मकान ढहा

सारांश

फतेहपुर के मलवां कस्बे में खाना बनाते वक्त गैस सिलेंडर फटने से दो मंजिला मकान ढह गया। चार सगे भाइयों समेत पाँच लोगों की जान गई — मृतकों में 6 साल का बच्चा भी शामिल। दो की हालत अभी भी गंभीर है और फोरेंसिक टीम जाँच में जुटी है।

मुख्य बातें

29 सितंबर की शाम फतेहपुर के मलवां कस्बे में गैस सिलेंडर विस्फोट से दो मंजिला मकान ढह गया।
हादसे में चार सगे भाइयों समेत 5 लोगों की मौत ; मृतकों की उम्र 6 से 25 साल के बीच।
मृतकों की पहचान कुणाल, आलोक, अर्पित, वेद और यश के रूप में हुई।
मलबे से 7 लोगों को निकाला गया; 2 की हालत गंभीर , उपचार मेडिकल कॉलेज फतेहपुर में जारी।
घटनास्थल पर 4 गैस सिलेंडर मिले, जिनमें से 2 के फटने की बात; विस्फोट का सटीक कारण अभी अस्पष्ट।
फोरेंसिक टीम, SDRF और दमकल विभाग मौके पर जाँच में जुटे हैं।

उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के मलवां कस्बे में 29 सितंबर की शाम गैस सिलेंडर विस्फोट से एक दो मंजिला मकान पूरी तरह ढह गया, जिसमें चार सगे भाइयों समेत पाँच लोगों की मौत हो गई और दो की हालत गंभीर बनी हुई है। मृतकों की उम्र 6 साल से 25 साल के बीच बताई जा रही है, जो इस हादसे को और भी दर्दनाक बनाती है।

हादसे का घटनाक्रम

पुलिस के अनुसार यह विस्फोट सोमवार शाम करीब 5:30 बजे मलवां थाना क्षेत्र में फल कारोबारी सुरेश उर्फ धुन्नर गुप्ता के घर पर हुआ। बताया जा रहा है कि घर में खाना बनाते समय गैस सिलेंडर में रिसाव हुआ और उसके बाद जोरदार धमाका हुआ। विस्फोट की आवाज 500 मीटर दूर तक सुनाई दी और आसपास के कई मकानों को भी नुकसान पहुँचा।

घटना की सूचना मिलते ही मलवां थाना पुलिस मौके पर पहुँची। संकरी गली होने के कारण दमकल की गाड़ी घटनास्थल तक नहीं पहुँच सकी, जिसके बाद जेसीबी मशीन की मदद से मलबा हटाने का काम शुरू किया गया।

बचाव अभियान और मृतकों की पहचान

पुलिस और दमकल विभाग के करीब 16 कर्मचारियों ने स्थानीय निवासियों के सहयोग से मलबे में दबे लोगों को निकालने का काम किया। अभियान के दौरान कुल सात लोगों को बाहर निकाला गया और सभी को मेडिकल कॉलेज फतेहपुर भेजा गया, जहाँ चिकित्सकों ने पाँच को मृत घोषित कर दिया।

मृतकों की पहचान कुणाल, आलोक, अर्पित, वेद और यश के रूप में हुई है, जिनमें से चार सगे भाई बताए जा रहे हैं। हादसे के बाद पूरे कस्बे में शोक की लहर फैल गई।

विस्फोट का कारण अभी अस्पष्ट

फतेहपुर के पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक ने बताया कि घटनास्थल पर मौजूद लोगों से पूछताछ में एक सिलेंडर फटने की बात सामने आई है। मौके पर चार गैस सिलेंडर मिले हैं, जिनमें से दो के फटने की बात कही जा रही है। हालाँकि विस्फोट का वास्तविक कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है।

फोरेंसिक टीम और अग्निशमन विभाग की टीमें घटनास्थल पर जाँच में जुटी हैं। एसडीआरएफ को भी राहत एवं बचाव कार्य के लिए बुलाया गया है।

संपत्ति को नुकसान और घर मालिक की हालत

एसपी मांगलिक के अनुसार धमाके की वजह से मुख्य मकान की दोनों मंजिलें पूरी तरह ढह गईं। आसपास के कुछ मकानों की बीम को भी नुकसान पहुँचा है, हालाँकि वहाँ कोई जनहानि नहीं हुई। घर के मालिक सुरेश उर्फ धुन्नर गुप्ता की भी सदमे से हालत बिगड़ गई और उन्हें चिकित्सकीय सहायता दी गई।

आगे की जाँच

पुलिस और प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर मौजूद हैं। विस्फोट किन परिस्थितियों में हुआ, इसकी विस्तृत जाँच जारी है। यह हादसा ऐसे समय में सामने आया है जब उत्तर प्रदेश में घरेलू गैस सुरक्षा को लेकर सवाल पहले से उठते रहे हैं। गंभीर रूप से घायल दोनों लोगों का उपचार मेडिकल कॉलेज फतेहपुर में जारी है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

फतेहपुर सिलेंडर ब्लास्ट में कितने लोगों की मौत हुई?
इस हादसे में चार सगे भाइयों समेत पाँच लोगों की मौत हुई है। मृतकों की उम्र 6 साल से 25 साल के बीच बताई जा रही है और दो अन्य लोगों की हालत अभी भी गंभीर है।
फतेहपुर ब्लास्ट कब और कहाँ हुआ?
यह विस्फोट 29 सितंबर की शाम करीब 5:30 बजे उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के मलवां थाना क्षेत्र स्थित मलवां कस्बे में हुआ। घटना फल कारोबारी सुरेश उर्फ धुन्नर गुप्ता के घर पर हुई।
मलवां ब्लास्ट में मृतकों की पहचान क्या है?
मृतकों की पहचान कुणाल, आलोक, अर्पित, वेद और यश के रूप में हुई है। इनमें से चार सगे भाई बताए जा रहे हैं।
विस्फोट का कारण क्या था?
पुलिस के अनुसार खाना बनाते समय गैस सिलेंडर में रिसाव के बाद जोरदार धमाका हुआ। घटनास्थल पर चार गैस सिलेंडर मिले हैं जिनमें से दो के फटने की बात कही जा रही है, लेकिन विस्फोट का वास्तविक कारण अभी स्पष्ट नहीं है और फोरेंसिक टीम जाँच कर रही है।
बचाव अभियान में क्या हुआ?
पुलिस और दमकल के करीब 16 कर्मचारियों ने स्थानीय लोगों की मदद से मलबे में दबे सात लोगों को निकाला। संकरी गली के कारण दमकल गाड़ी नहीं पहुँच सकी, इसलिए जेसीबी से मलबा हटाया गया और SDRF को भी बुलाया गया।
राष्ट्र प्रेस
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