विजयवाड़ा में इलेक्ट्रिक कार में आग, बच्चे समेत 4 लोगों की जिंदा जलकर मौत
सारांश
मुख्य बातें
विजयवाड़ा के वेस्ट बाईपास रोड पर 12 अक्टूबर 2026 को एक दर्दनाक सड़क हादसे में इलेक्ट्रिक कार के डिवाइडर से टकराने के बाद भड़की आग में एक बच्चे सहित चार लोग जिंदा जलकर मारे गए। आंध्र प्रदेश के इस भीषण हादसे में एक पाँचवाँ व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
हादसे का घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, इलेक्ट्रिक कार विजयवाड़ा वेस्ट बाईपास रोड पर तेज़ रफ्तार में चल रही थी, जब वह सड़क के डिवाइडर से जा टकराई। टक्कर के कुछ ही सेकंड में गाड़ी में आग भड़क उठी और देखते ही देखते पूरी कार आग की लपटों में घिर गई। कार में सवार चार लोग अंदर ही फंसे रह गए और बाहर नहीं निकल सके।
सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल दल मौके पर पहुँचे और आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक कार पूरी तरह खाक हो चुकी थी। मृतकों की पहचान कोम्मारेड्डी रामदेव (39 वर्ष), उनकी माँ कोम्मारेड्डी अरुणा, टी. विजय और एक अज्ञात बच्चे के रूप में की गई है। सभी नुन्ना और नंबूरु इलाके के निवासी बताए जा रहे हैं।
हादसे की परिस्थितियाँ
बताया जा रहा है कि मृतक नंबूरु में एक कार्यक्रम में शामिल होकर वापस लौट रहे थे, तभी यह दुर्घटना हुई। पाँचवें व्यक्ति को गंभीर चोटें आई हैं और उसकी हालत नाज़ुक बनी हुई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर हादसे के कारणों की जाँच शुरू कर दी है।
मंत्री ने जताया दुख, दिए निर्देश
आंध्र प्रदेश के मानव संसाधन विकास एवं आईटी मंत्री नारा लोकेश ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदनाएँ प्रकट कीं और अधिकारियों को घायल व्यक्ति के बेहतर उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उसी दिन दो और इलेक्ट्रिक वाहन हादसे
गौरतलब है कि इसी दिन हैदराबाद में भी दो अलग-अलग घटनाएँ सामने आईं। बेगमपेट एयरपोर्ट के पास पीएनटी फ्लाईओवर के निकट शाम लगभग साढ़े पाँच बजे एक इलेक्ट्रिक बस में आग लग गई, हालाँकि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ। आग की वजह से व्यस्त सड़क पर ट्रैफिक जाम की स्थिति बन गई।
इसके अलावा, गाचीबौली के फाइनेंशियल डिस्ट्रिक्ट स्थित आउटर रिंग रोड (ORR) के एग्जिट नंबर-1 के पास तड़के एक कार के डिवाइडर से टकराने के बाद भी आग लग गई। सौभाग्यवश, इस घटना में भी कोई जनहानि नहीं हुई।
क्या होगा आगे
विजयवाड़ा पुलिस दुर्घटना के सटीक कारणों की जाँच कर रही है। यह हादसा ऐसे समय में हुआ है जब देशभर में इलेक्ट्रिक वाहनों की सुरक्षा और बैटरी में अचानक आग लगने की घटनाओं को लेकर चिंताएँ पहले से बढ़ रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि दुर्घटना के बाद बैटरी से जुड़ी इलेक्ट्रिक कारों में आग बेहद तेज़ी से फैलती है, जिससे यात्रियों को बाहर निकलने का समय नहीं मिल पाता।