13 अक्टूबर 2026
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विजयवाड़ा में इलेक्ट्रिक कार में आग, बच्चे समेत 4 लोगों की जिंदा जलकर मौत

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विजयवाड़ा में इलेक्ट्रिक कार में आग, बच्चे समेत 4 लोगों की जिंदा जलकर मौत

सारांश

विजयवाड़ा में 12 अक्टूबर को एक इलेक्ट्रिक कार डिवाइडर से टकराई और सेकंडों में आग की चपेट में आ गई — चार लोग जिंदा जल गए। उसी दिन हैदराबाद में दो और इलेक्ट्रिक वाहनों में आग की घटनाएँ हुईं, जो इलेक्ट्रिक वाहन सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।

मुख्य बातें

विजयवाड़ा वेस्ट बाईपास रोड पर 12 अक्टूबर 2026 को इलेक्ट्रिक कार के डिवाइडर से टकराने के बाद लगी आग में बच्चे समेत 4 लोगों की मौत।
मृतकों में कोम्मारेड्डी रामदेव (39) , उनकी माँ कोम्मारेड्डी अरुणा , टी.
विजय और एक बच्चा शामिल हैं।
पाँचवाँ व्यक्ति गंभीर रूप से घायल , अस्पताल में भर्ती; हालत नाज़ुक।
मृतक नंबूरु में एक कार्यक्रम से लौट रहे थे।
नारा लोकेश ने शोक व्यक्त कर घायल के बेहतर उपचार के निर्देश दिए।
उसी दिन हैदराबाद में भी एक इलेक्ट्रिक बस और एक कार में आग लगी, हालाँकि कोई जनहानि नहीं हुई।

विजयवाड़ा के वेस्ट बाईपास रोड पर 12 अक्टूबर 2026 को एक दर्दनाक सड़क हादसे में इलेक्ट्रिक कार के डिवाइडर से टकराने के बाद भड़की आग में एक बच्चे सहित चार लोग जिंदा जलकर मारे गए। आंध्र प्रदेश के इस भीषण हादसे में एक पाँचवाँ व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

हादसे का घटनाक्रम

पुलिस के अनुसार, इलेक्ट्रिक कार विजयवाड़ा वेस्ट बाईपास रोड पर तेज़ रफ्तार में चल रही थी, जब वह सड़क के डिवाइडर से जा टकराई। टक्कर के कुछ ही सेकंड में गाड़ी में आग भड़क उठी और देखते ही देखते पूरी कार आग की लपटों में घिर गई। कार में सवार चार लोग अंदर ही फंसे रह गए और बाहर नहीं निकल सके।

सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल दल मौके पर पहुँचे और आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक कार पूरी तरह खाक हो चुकी थी। मृतकों की पहचान कोम्मारेड्डी रामदेव (39 वर्ष), उनकी माँ कोम्मारेड्डी अरुणा, टी. विजय और एक अज्ञात बच्चे के रूप में की गई है। सभी नुन्ना और नंबूरु इलाके के निवासी बताए जा रहे हैं।

हादसे की परिस्थितियाँ

बताया जा रहा है कि मृतक नंबूरु में एक कार्यक्रम में शामिल होकर वापस लौट रहे थे, तभी यह दुर्घटना हुई। पाँचवें व्यक्ति को गंभीर चोटें आई हैं और उसकी हालत नाज़ुक बनी हुई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर हादसे के कारणों की जाँच शुरू कर दी है।

मंत्री ने जताया दुख, दिए निर्देश

आंध्र प्रदेश के मानव संसाधन विकास एवं आईटी मंत्री नारा लोकेश ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदनाएँ प्रकट कीं और अधिकारियों को घायल व्यक्ति के बेहतर उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उसी दिन दो और इलेक्ट्रिक वाहन हादसे

गौरतलब है कि इसी दिन हैदराबाद में भी दो अलग-अलग घटनाएँ सामने आईं। बेगमपेट एयरपोर्ट के पास पीएनटी फ्लाईओवर के निकट शाम लगभग साढ़े पाँच बजे एक इलेक्ट्रिक बस में आग लग गई, हालाँकि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ। आग की वजह से व्यस्त सड़क पर ट्रैफिक जाम की स्थिति बन गई।

इसके अलावा, गाचीबौली के फाइनेंशियल डिस्ट्रिक्ट स्थित आउटर रिंग रोड (ORR) के एग्जिट नंबर-1 के पास तड़के एक कार के डिवाइडर से टकराने के बाद भी आग लग गई। सौभाग्यवश, इस घटना में भी कोई जनहानि नहीं हुई।

क्या होगा आगे

विजयवाड़ा पुलिस दुर्घटना के सटीक कारणों की जाँच कर रही है। यह हादसा ऐसे समय में हुआ है जब देशभर में इलेक्ट्रिक वाहनों की सुरक्षा और बैटरी में अचानक आग लगने की घटनाओं को लेकर चिंताएँ पहले से बढ़ रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि दुर्घटना के बाद बैटरी से जुड़ी इलेक्ट्रिक कारों में आग बेहद तेज़ी से फैलती है, जिससे यात्रियों को बाहर निकलने का समय नहीं मिल पाता।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन दुर्घटना के बाद की सुरक्षा — यानी क्रैश के बाद आग रोकने के मानक — अभी भी अपर्याप्त हैं। उसी दिन हैदराबाद में दो और इलेक्ट्रिक वाहनों में आग लगना महज़ संयोग नहीं है; यह एक प्रणालीगत खामी की ओर संकेत करता है। नियामकों को EV की बिक्री संख्या के साथ-साथ पोस्ट-क्रैश फायर सेफ्टी मानकों को भी उसी प्राथमिकता से लागू करना होगा।
RashtraPress
13 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विजयवाड़ा इलेक्ट्रिक कार हादसा क्या है?
12 अक्टूबर 2026 को विजयवाड़ा वेस्ट बाईपास रोड पर एक इलेक्ट्रिक कार डिवाइडर से टकराई, जिसके बाद कार में तेज़ी से आग लग गई। इस हादसे में एक बच्चे सहित चार लोग जिंदा जलकर मारे गए और एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया।
इस हादसे में कौन-कौन से लोग मारे गए?
मृतकों की पहचान कोम्मारेड्डी रामदेव (39 वर्ष), उनकी माँ कोम्मारेड्डी अरुणा, टी. विजय और एक बच्चे के रूप में हुई है। सभी नुन्ना और नंबूरु इलाके के निवासी थे और नंबूरु में एक कार्यक्रम से लौट रहे थे।
हादसे में आग इतनी तेज़ी से कैसे फैली?
पुलिस के अनुसार कार के डिवाइडर से टकराने के कुछ ही सेकंड में आग ने पूरी गाड़ी को अपनी चपेट में ले लिया। इलेक्ट्रिक वाहनों में लिथियम-आयन बैटरी की थर्मल रनअवे प्रक्रिया बेहद तेज़ होती है, जिससे यात्रियों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिल पाता।
आंध्र प्रदेश सरकार ने इस हादसे पर क्या प्रतिक्रिया दी?
राज्य के मानव संसाधन विकास एवं आईटी मंत्री नारा लोकेश ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदनाएँ प्रकट कीं और अधिकारियों को घायल व्यक्ति के बेहतर उपचार की व्यवस्था के निर्देश दिए।
क्या उसी दिन हैदराबाद में भी इलेक्ट्रिक वाहन में आग लगी थी?
हाँ, 12 अक्टूबर को हैदराबाद में भी दो अलग घटनाएँ हुईं। बेगमपेट एयरपोर्ट के पास एक इलेक्ट्रिक बस में शाम करीब साढ़े पाँच बजे आग लगी, और गाचीबौली के ORR एग्जिट नंबर-1 के पास एक कार में भी आग लगी। सौभाग्यवश इन दोनों घटनाओं में कोई जनहानि नहीं हुई।
राष्ट्र प्रेस
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