क्या गरीबी बनी थी इलाज में बाधा, 'आयुष्मान भारत योजना' से मोतिहारी के बुजुर्गों की जिंदगी में आया नया उजाला?
सारांश
Key Takeaways
- आयुष्मान भारत योजना ने गरीबों के लिए मुफ्त इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई।
- इस योजना के तहत आयुष्मान कार्ड बनवाना आसान है।
- मोतिहारी के बुजुर्गों की जिंदगी में इस योजना ने नया उजाला लाया।
- आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को स्वास्थ्य लाभ में मदद मिली।
- इस योजना से आंखों के मोतियाबिंद का इलाज संभव हुआ।
मोतिहारी, 21 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बिहार के मोतिहारी में रहने वाले रामसखी देवी और लालाबाबू राय के लिए केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री आयुष्मान योजना ने एक नई रौशनी का रास्ता खोला है। वृद्धावस्था में उनकी आंखों में मोतियाबिंद की समस्या हो गई थी, जिसके कारण उनकी दृष्टि लगभग चली गई थी। गरीबी के कारण उनका ऑपरेशन कराना असंभव हो गया था, लेकिन आयुष्मान भारत - प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के लाभार्थी बनने के बाद अब उनका इलाज संभव हो गया है।
गरीब परिवारों के स्वास्थ्य की देखभाल के लिए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत आयुष्मान कार्ड जारी किए हैं। इस योजना के तहत लोग 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज करा सकते हैं।
मोतिहारी में इस योजना के लाभार्थी वे लोग हैं जो आर्थिक रूप से अत्यंत कमजोर हैं। पैसे की कमी के कारण वे अपना इलाज नहीं करा पा रहे थे, लेकिन जब उन्हें पता चला कि मोतिहारी के अस्पताल में आयुष्मान कार्ड से आंखों का ऑपरेशन मुफ्त हो रहा है, तो गांव से कई मरीज अस्पताल पहुंच गए, जिनमें रामसखी देवी और लालाबाबू राय भी शामिल थे।
रामसखी देवी और लालाबाबू राय कहते हैं कि हमारी आंखों की रोशनी चली गई थी और हमें कुछ दिखाई नहीं दे रहा था, लेकिन हम सरकार का धन्यवाद करते हैं, जिसके आयुष्मान कार्ड से हमारा आंखों का इलाज मुफ्त में हुआ और अब हम सब कुछ देख सकते हैं। मरीज के परिजनों का भी यही कहना है कि इस योजना की वजह से अब हमारे लोग सब कुछ देख सकते हैं।
समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में लालाबाबू राय ने कहा, "आयुष्मान कार्ड से हमें बहुत बड़ा लाभ मिला है। मेरी आंखों का मुफ्त में ऑपरेशन हुआ है। मैं सरकार का धन्यवाद करना चाहता हूं कि इसके कारण मेरी जिंदगी में फिर से उजाला हुआ है।"
आयुष्मान भारत - प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना की प्रशंसा करते हुए रामसखी देवी की बहू नीतू ने कहा कि परिवार में अत्यधिक गरीबी के कारण आंखों का इलाज कराना संभव नहीं था। हमें योजना के बारे में जानकारी मिली तो तुरंत अस्पताल में संपर्क करते हुए आयुष्मान कार्ड बनवाया। इसके सहारे आंखों का ऑपरेशन हुआ है।
डॉक्टर मेजर एबी सिंह ने बताया कि पहले गरीब पैसे की कमी के कारण इलाज नहीं कराते थे और अंधेपन का शिकार बन जाते थे। जब यह सुविधा नहीं थी तो लोग इधर-उधर कैंप में जाकर इलाज कराते थे और कई समस्याएं हो जाती थीं। अब मरीज आयुष्मान कार्ड लेकर आते हैं और मुफ्त में अपना इलाज कराकर चले जाते हैं।