क्या गरियाबंद में नक्सलियों की साजिश नाकाम हुई?
सारांश
Key Takeaways
- नक्सलियों की साजिशें नाकाम हुईं।
- सुरक्षा बलों ने जंगलों में छुपाए गए हथियार बरामद किए।
- यह अभियान पुलिस और सुरक्षाबलों की संयुक्त कार्रवाई का परिणाम है।
- ग्रामीणों के बीच सुरक्षा का भाव बढ़ा है।
- नक्सलियों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
गरियाबंद, 24 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले से नक्सल विरोधी अभियान के तहत एक महत्वपूर्ण और राहत देने वाली सूचना प्राप्त हुई है। जिले के नक्सल प्रभावित जंगलों और पहाड़ी क्षेत्रों में सुरक्षा बलों ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। यहां दो विभिन्न स्थानों से नक्सलियों द्वारा छुपाए गए हथियार और विस्फोटक बरामद किए गए हैं।
वास्तव में, गरियाबंद जिले के मैनपुर थाना क्षेत्र के ग्राम कुकरार और पीपरछेड़ी थाना क्षेत्र के ग्राम कमारभौदी के जंगल-पहाड़ी इलाकों में नक्सलियों ने पहले से हथियार और विस्फोटक डंप कर रखे थे। इनका उद्देश्य पुलिस बल को नुकसान पहुंचाना और ग्रामीणों में भय फैलाना था। इस दौरान सुरक्षाबलों ने पुलिस से लूटी गई एक राइफल भी बरामद की।
विश्वसनीय सूचना तंत्र के आधार पर जिला पुलिस बल के ई-30 ऑपरेशन, छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (सीएएफ) और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम को जंगल में सर्च अभियान के लिए भेजा गया।
इस अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने चिन्हित डंप क्षेत्र तक पहुंचकर बीडीएस (बम डिस्पोजल स्क्वॉड) टीम की मदद से गहन तलाशी ली। 23 जनवरी को तलाशी के दौरान पुलिस से लूटी गई राइफल, एक पिस्टल, 12 बोर के 31 राउंड, 8 एमएम के 48 कारतूस, 43 डेटोनेटर, दो सोलर प्लेट, एक मल्टीमीटर, दो वॉकी-टॉकी, एक इन्वर्टर और रोजमर्रा के इस्तेमाल की कई चीजें जब्त की गईं।
सुरक्षा बलों की इस सफलता ने नक्सलियों की साजिशों को एक बड़ा झटका दिया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नक्सलियों की हिंसक और विनाशकारी नीतियों को किसी भी हाल में सफल नहीं होने दिया जाएगा। निरंतर चलाए जा रहे सर्च ऑपरेशन और खुफिया सूचनाओं के आधार पर नक्सल नेटवर्क को कमजोर करने का प्रयास जारी है।