क्या गया एंबुलेंस दुष्कर्म मामले में राष्ट्रपति शासन की मांग उचित है?
सारांश
मुख्य बातें
पटना, 28 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। गया में होमगार्ड भर्ती के दौरान बेहोश हुई एक युवती के साथ एंबुलेंस में कथित गैंग रेप की घटना ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। पूर्व सांसद एसटी हसन ने न्यूज़ एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में बिहार की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए और नीतीश कुमार सरकार की नाकामी पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने इस घटना को शर्मनाक बताते हुए राष्ट्रपति शासन की मांग की।
एसटी हसन ने कहा कि कानून-व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो गई है। उन्होंने इस घटना का उल्लेख करते हुए कहा, "पटना के एक अस्पताल में पांच लोगों ने एक व्यक्ति की हत्या कर दी। गया में एक युवती, जो होमगार्ड भर्ती के लिए आई थी, उसके साथ एंबुलेंस में दुष्कर्म हुआ। यह इंसानियत को शर्मसार करने वाली घटना है।"
उन्होंने सवाल उठाया कि क्या मुख्यमंत्री नीतीश कुमार "सो रहे हैं या अचेत हैं," और ऐसी घटनाएं देश को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बदनाम कर रही हैं। एंबुलेंस में दुष्कर्म की खबर से हमारा सिर शर्म से झुक गया है।
इसके साथ ही, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के बयान पर भी तंज कसा और कहा, "चिराग पासवान ऐसी घटनाओं की निंदा तो करते हैं, लेकिन एनडीए से समर्थन वापस क्यों नहीं लेते? सिर्फ बयानबाजी से काम नहीं चलेगा।"
चिराग पासवान ने कहा था कि वह मौजूदा समय में एक ऐसी सरकार का समर्थन कर रहे हैं, जिनके शासनकाल में राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह से बदहाल हो चुकी है।
सपा नेता ने डबल इंजन सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि दोनों इंजन "विपरीत दिशाओं में चल रहे हैं।" उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की जिम्मेदारी पर भी सवाल उठाए और कहा, "अगर बिहार सरकार शासन नहीं संभाल पा रही, तो वहां राष्ट्रपति शासन लागू करना चाहिए।"
गौरतलब है कि गया दुष्कर्म मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों, एंबुलेंस चालक और टेक्नीशियन, को गिरफ्तार किया है। विशेष जांच दल (एसआई) गठित कर सीसीटीवी फुटेज के आधार पर बाकी संदिग्धों की तलाश जारी है।